कानपुर में बारिश का कहरः कच्चा मकान ढहा, पिता संग तीन बेटियों की मलबे में दबकर मौत

खबर सार :-

कानपुर के एक गांव में दो मंजिल का मकान गिरा था। इसमें परिवार के कई लोग दबे थे। किसी ने इसकी खबर देने के लिए फोन किया, लेकिन पुलिस ने काफी देर कर दी। यही हाल सरकारी अस्पताल का था। परिजन कहते हैं कि उनको न्याय चाहिए। चार लोगों की मौत में लापरवाही भी जिम्मेदार है।
मकान के मलबे में दबी थी पांच जिंदगियां, पुलिस को फोन उठाने की जरूरत न थी

खबर विस्तार : -

कानपुर:  उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक खबर सामने आई है। खबर यह है कि रविवार को दो मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। इसके मलबे में पिता और उनकी चार बेटियां दब गईं। मकान गिरने की खबर पर दौड़े ग्रामीणों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। किसी तरह से इनको इलाज के लिए पतारा सीएचसी पहुंचाया, जहां पिता समेत तीन बेटियों को मृत घोषित कर दिया गया।

चौथी बेटी प्राथमिक उपचार के बाद हैलट रेफर 

घायल हालत में चौथी बेटी को प्राथमिक उपचार के बाद हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा छाया हुआ है। परिजनों का आरोप है कि यदि सही से उपचार समय रहते किया जाता और पुलिस समय रहते फोन उठा लेती तो इतनी मौतें न होतीं।  हिरनी गांव निवासी मुकेश कुमार (45) खेती-मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण किया करते थे। उनकी बेटियां माया (17), नीतू (7), पल्लवी (5) और काजल घर पर ही थीं। उनका मकान दो मंजिला, लेकिन कच्चा होने से बारिश के बीच अचानक भरभराकर ढह गया।

मकान गिरते ही अंदर मौजूद मुकेश और उनकी चारों बेटियां मलबे में दब गईं। अचानक मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े इसमें दबे हुए परिवार के लोगों निकालने में जुट गए। यह आशंका थी कि परिजन घर पर ही थे। मलबे में उनके दबे होने की आषंका पर ग्रामीणों ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को घटना की सूचना दी। लोगों ने अपने स्तर पर खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची।  सूचना पाकर पहुंचां अग्निशमन कर्मी रेस्क्यू में जुटे। बचाव कार्य में ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने करीब दो घंटे से ज्यादा का समय लिया। मुश्किल से मलबा हटाया गया। इसमें पांच लोग दबे हुए थे। इन सभी को बाहर निकाला गया। उसके बाद घायल हालत में एंबुलेंस से पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। 

सुविधा मिली होती तो शायद सबकी जान न जाती

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मलबे में दबने से सभी को काफी चोट लगी थी। अस्पताल में घायलों की जांच के बाद डॉक्टरों ने मुकेश कुमार, माया, नीतू और पल्लवी को मृत घोषित कर दिया। काजल की भी हालत बेहद खराब थी। उसको प्राथमिक उपचार के बाद हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। खबर पाते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रही। इधर मृतक मुकेश के चचेरे भाई तेज बहादुर सिंह ने अपनी पीड़़ा जाहिर की है। उनका कहना है कि साढ़ पुलिस और पतारा सीएचसी की ओर से सुविधा मिली होती तो शायद सबकी जान न जाती।

पुलिस का फोन काफी देर तक रिसीव नहीं हुआ

उनका आरोप है कि मकान गिरने के बाद उन्होंने साढ़ पुलिस को कई बार फोन किए, लेकिन काफी देर तक फोन रिसीव नहीं हुआ। जब संपर्क हुआ तो काफी समय बीत चुका था। इस दौरान ग्रामीण करीब दो घंटे तक रेस्क्यू कर मलबे से सभी को निकालने का प्रयास करते रहे। तेज बहादुर सिंह का आरोप है कि सीएचसी में समय से उपचार नहीं मिल सका। उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि काजल की शादी आगामी दिसंबर में सम्मेलन के माध्यम से होनी थी। पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बयान जारी कर कहा है कि हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हुई हैै। इसमें घायल काजल का उपचार हैलट अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है और पुलिस टीम मौके पर मौजूद है। 

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