ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा, 25 राज्यों ने सेक्शन 301 टैरिफ को दी चुनौती, डोनाल्ड ने किया अधिकारों का उल्लंघन

खबर सार :-

ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अमेरिका में 25 राज्यों के एक व्यापारिक गठबंधन ने मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा सीधे ट्रंप प्रशासन के खिलाफ है। कोर्ट की एक लिखित अपील में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 60 व्यापारिक साझेदारों के सामान पर भारी टैरिफ लगाया है।
मुश्किल में अमेरिकी राष्ट्रपति, अपनों ने खड़ी कर दी दीवार

खबर विस्तार : -

न्यूयॉर्क: ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अमेरिका में 25 राज्यों के एक व्यापारिक गठबंधन ने मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा सीधे ट्रंप प्रशासन के खिलाफ है। कोर्ट की एक लिखित अपील में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 60 व्यापारिक साझेदारों के सामान पर भारी टैरिफ लगाया है। यह अधिकार उनके पास नहीं है। बड़ा टैरिफ लगाकर उन्होंने कानूनी अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पहले भी अमेरिका में एक ऐसा ही केस दर्ज कराया गया था। टैरिफ को लेकर वह केवल अपनी ही देश में नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों के निशाने पर रहे हैं। अभी हाल ही में उन्हें अपने देश को जवाब देना पड़ा था।

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25 राज्यों ने 301 टैरिफ को दी चुनौती

उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को काफी ऊंचाई तक पहुंचा दिया है? ऐसा उनका बयान था। कोर्ट आफ इंटरनेशनल ट्रेंड में जो मुकदमा दायर किया गया है, इसमें हाल ही में लगाई गई शुल्कों को चुनौती दी गई है। जिन देशों से माल आता था, उन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया है। व्यापारियों का कहना है कि इससे उनके व्यवसाय पर असर पडा है। राज्यों के अनुसार यह टैरिफ अमेरिका की कुल आयात का 99 फीसदी समझो। यानी 25 राज्यों ने 301 टैरिफ को जो चुनौती दी है। न्यूज़ एजेंसी सिंहुआ ने रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया है कि कोएडिशन कोर्ट ने इसको रोकने तथा, पहले चुकाई गई ड्यूटी के रिफंड का ऑर्डर दिया है।

सरकार की हुई थी बड़ी किरकिरी 

चुनौती इस बात की है कि अगर अमेरिकी प्रशासन नहीं मानता तो वह ट्रंप की व्यापक व्यवस्था को बरकरार माना जाएगा। जिसे संघीय अदालत ने, अलग-अलग वैधानिक ढांचे के तहत लागू किए गए पहले के मामलें को खारिज कर दिया था। मुकदमा दायर करने वाले राज्यों का तर्क है कि फेडरल अधिकारियों ने 1974 की व्यापारिक यानी ट्रेड एक्ट के क्षेत्र 301 और जबरन मजदूरी का इस्तेमाल माना जाता है। यद्यपि इस संबंध में पहले जो मामला कोर्ट में गया था, उसे खारिज कर दिया गया था। सरकार की इसमें बड़ी किरकिरी भी हुई थी। बता दें कि ओरेगॉन के अटॉर्नी जनरल रेफिल्ड ने यह बात कही और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव पर जोर दिया।

बिल्डिंग मटेरियल आदि की कीमत बढ़ रही

उन्होंने कहा कि आज हम ट्रंप की गैर कानूनी टैरिफ के खिलाफ अपना तीसरा केस फाइल कर रहे हैं। उधर न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के गैर कानूनी टैरिफ मेहनती परिवारों पर टैक्स के अलावा और कुछ नहीं है। उनका कहना यह था कि जो लोग कमाई करते हैं, उनका हक छीना जाता है और जो लोग कमाई नहीं करते हैं, उनकी व्यवस्था करना चाहते हैं। इससे किराने का सामान घर की जरूरी चीज रोजमर्रा की वस्तुएं और बिल्डिंग मटेरियल आदि की कीमत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह ऐसी चीज है, जिन पर अमेरिका के लोग निर्भर हैं।

​​​​​ राष्ट्रपति के टिकाऊ हथियार बने  हैं टैरिफ

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब व्यापार पर दंड लगाया जाएगा, यानी ज्यादा शुल्क वसूला जाएगा तो इसका असर सीधे दामों पर पड़ेगा और वह जो लोग कमाई नहीं करते हैं, भुखमरी के कगार पर चले जाएंगे। रिफिल्ड ने लिखा की आज हम एक बार फिर सामान की कीमत बढ़ा रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए एक मल्टी स्टेट कोएलिसन को लीड भी कर रहे हैं। व्हाइट हाउस के कोएलिशन की दलीलों को खारिज कर दिया गया था। टैरिफ राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल से ही कानूनी तौर पर टिकाऊ हथियार बने हैं। मौजूदा सरकार में वही चल रहा है। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल जेम्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हारने के बाद सरकार एक बार फिर नई राउंड खेल रही है।

सोमवार को कराया गया यह मुकदमा

परिवारों पर और बिजनेस पर गैर कानूनी तरीके से टैक्स बढ़ाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जिनको चुनौती देना जरूरी है। सोमवार को मुकदमा कराया गया था। इसके बाद एरीजोना, कैलिफोर्निया, कोलोराडा, कनेक्ट टिकट डेलावेयर, हवाई, इलिनोइस, केंटकी, मैंसाचुसेट्स, मैरीलैंड मेंन मिशन, मिनेसोटा, न्यू जर्सी न्यू मैक्सिको नेवाडा नॉर्थ कैरोलिना ओरगन पेंसिल वानिया रोड आइलैंड वर्जीनिया वरमोंट वाशिंगटन और विष्कंशी शामिल हैं। सोमवार को कराया गया यह मुकदमा नई ड्यूटीज के लिए कम से कम दूसरी बड़ी कानूनी चुनौती है। छोटे व्यवसाय समूह ने पहले जो चुनौती दी थी, उसमें भी ट्रंप परेशान हुए थे। सरकार पर मुकदमा दायर किया था। 

FAQ...

1. ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा क्या सही है? 

न्यूयॉर्क की एक अधिकारी ने अपने एक बयान को जारी कर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के गैर कानूनी टैरिफ मेहनती परिवारों पर टैक्स के अलावा और कुछ नहीं है। मुकदमा करने वालों का कहना है कि यह जबरन मजदूरी कराने अधिकार जैसा है। 

2.  ऐसा मामला पहले भी कोर्ट ले जाया गया था?

इस संबंध में पहले जो मामला कोर्ट में गया था, उसमें सरकारी तर्काें को खारिज कर दिया गया था। सरकार की इसमें बड़ी किरकिरी भी हुई थी। यह मामला उससे  भी बड़ा माना जा रहा है। 

3. यह दूसरा मुकदमा कब दायर किया गया?

बीते दिन सोमवार को कराया गया यह मुकदमा नई ड्यूटीज के लिए कम से कम दूसरी बड़ी कानूनी चुनौती है। छोटे व्यवसाय समूह ने पहले जो चुनौती दी थी, उसमें भी ट्रंप परेशान हुए थे।

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