कांगोः आंखों के सामने जल गए 27 बच्चे, तड़प कर रह गए मां-बाप

खबर सार :-

कांगो में आग लगने से 27 बच्चे जलकर मर गए। यहां कई आग की ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। दहला देने वाली इस घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
कांगो में 27 बच्चों की जलकर मौत, 300 घर राख

खबर विस्तार : -

किंशासा:  अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में स्थित बुकावु शहर में लगी आग में मानवता चीत्कार मचा रही है। यहां मां-बाप के सामने उसके कलेजे के टुकड़े को जलते हुए देखा गया है। बचाने की लाख कोशिश की गई, लेकिन कम से कम 27 बच्चों को नहीं बचाया जा सका है। बताया जा रहा है कि आग तीन सड़कों किनारे लगी थी। इनमें काशेके, लुगुलु और एलिला तक लपटें देखी गई है। अभी कहा जा रहा है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

जानकारी के अनुसार अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में स्थित बुकावु शहर में आग में आग लगने से 300 घर और दो स्कूल जलकर राख हो गए। बताया जा रहा है कि सुद-किवु प्रांत की राजधानी बुकावु पर रवांडा की सेना और उसके एम23 मिलिशिया का कब्जा है। इस क्षेत्र में 19 लड़कियां और 8 लड़कों की मौत हो गई। 10 सितंबर को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की आधिकारिक सरकारी समाचार एजेंसी एजेंस कांगोलीज डी प्रेसे (एसीपी) की प्रसारित रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।  इसमें एसीपी की ओर से बताया गया है कि स्पताल और स्कूल के सूत्रों से यह जानकारी दी गई है।

जलकर मरने वालों के अलावा 29 लोग घायल

आग की इस घटना में जलकर मरने वालों के अलावा 29 लोग घायल भी हुए हैं। इनमें से 17 का इलाज कदुतु जनरल हॉस्पिटल में चल रहा है। बाकी और 12 को कदुतु प्रोविंशियल जनरल रेफरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस मामले मेें सूत्र बताते हैं कि 300 से ज्यादा घरों में आग लगी थी। दो स्कूल बागीरा कम्यून में ईपी मोसाला और कदुतु कम्यून में ईपी नोंगों को भी बड़ा नुकसान हुआ हैं। आग कैसे लगी, इसके सही कारणों का पता नहीं चल सका। यहां स्थानीय निवासियों का कहना है कि 30 दिन में आग की 18 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें बड़ी जनहानि हुई है। इन घटनाओं में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लोगों ने बताया कि स्कूल का नया सत्र शुरू हो रहा है। न बच्चों की पढ़ाई का पता न ही उनके रहने का ठिकाना।

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दुुनिया में दहलाने वाली आग की बड़ी घटनाएं

1. शिकागो की भीषण आग: 8 अक्टूबर, 1871 की रात लगभग 9 बजे एक छोटे से खलिहान के आसपास आग लग गई थी। आज तक माना जा रहा है कि यह लालटेन से निकली चिंगारी ने भयावह रूप लिया था। यह आग शिकागो नदी के दक्षिण से उत्तर की ओर फैली थी। इसमें मध्य क्षेत्र का 8.5 वर्ग किलोमीटर हिस्सा नष्ट हो गया। बताया जाता है कि 17,500 इमारतों को नष्ट कर दिया था। आग से 300 लोगों की जान चली गई।

2. डीपवाटर होराइजन आगः डीपवाटर होराइजन एक अर्ध-पनडुब्बी अपतटीय ड्रिलिंग रिग था। 20 अप्रैल, 2010 को रात 10 बजे की घटना है। इसमें मैक्सिको की खाड़ी में एक भीषण विस्फोट हुआ। यहां एक तेल के कुएं को कंक्रीट के मिश्रण से सील किया गया था। कुछ कारणों से कंक्रीट के कोर में विस्फोट के साथ आग लग गई। इस विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई।

3. हरियाणा स्कूल में लगी आग: 23 दिसंबर 1995 को हरियाणा राज्य के मंडी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल के वार्षिक दिवस समारोह था। समारोह का आयोजन एक मंडप के नीचे था। अचानक एक बिजली जनरेटर में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारियों से भीषण आग लग गई। एक मिनट के भीतर आग से मुख्य द्वार तक बंद कर दिया। इस दुर्घटना में 258 बच्चों सहित 500 से अधिक लोग हताहत हुए।

4. त्रिकोणीय शर्टवाइस्ट फायर: 25 मार्च 1911 को शाम लगभग 5 बजे न्यूयॉर्क के ग्रीनविच विलेज में स्थित एश बिल्डिंग की 8वीं, 9वीं और 10वीं मंजिल पर आग लग गई। आग कुछ ही मिनटों में तीनों मंजिलों में फैल गई। श्रमिक भागने के लिए निकास द्वार की ओर दौड़े, लेकिन सीढ़ियों और लिफ्टों के दरवाजे बंद थे। कई श्रमिकों ने खिड़कियों से छलांग लगा दी, लेकिन नीचे कंक्रीट के फुटपाथ पर गिरने से उनकी मौत हो गई।  दमकलकर्मियों को सीढ़ियों के दरवाजे से सटा हुआ छह फीट ऊंचा शवों का ढेर मिला। मृतकों में 146 लोग थे, जिनमें से 123 महिलाएं और लड़कियां थी।

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