नेपाल में बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से दो लोग सुरक्षित निकाले, राहत-बचाव अभियान जारी
खबर सार :-
नेपाल में आई बाढ़ से सब बह गया। करीब 1200 से ज्यादा की मौत हुई, जबकि पांच हजार लोगों का पता नहीं चल पा रहा है। त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो लोगों को जिंदा बचाया जा सका। बचाव कार्य अभी चल रहा हैं
खबर विस्तार : -
काठमांडू: नेपाल में पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ और भारी बारिश के बीच लापता हुए लोगों की तलाश अभी चल रही है। राहत एवं बचाव अभियान में शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली। बचावकर्मियों ने त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो लोगों को जिंदा हालत में बाहर निकाल लिया। दोनों लोग करीब नौ दिनों से सुरंग के भीतर फंसे हुए थे। सुरंग से दो लोगों के सुरक्षित बाहर आने के बाद राहत टीमों को उम्मीद है कि वहां अभी और भी लोग जीवित हो सकते हैं। खुदाई और सफाई कार्य जारी है। जबकि सुरंग के भीतर फंसे अन्य लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है।
ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्रालय के सचिवालय के अनुसार, बचाए गए दोनों लोगों की पहचान काठमांडू निवासी 45 वर्षीय कबीर महाजन और सप्तरी जिले के 30 वर्षीय संजय शाह के रूप में की गई है। महाजन त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना में सुपरवाइजर के पद पर काम करते समय बाढ़ की चेपट में आ गया था, इनके साथ संजय शाह फोरमैन के रूप में काम कर रहा था।
बचावकर्मियों ने पहले संजय को निकाला
अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग के भीतर फंसे लोगों की मौजूदगी का पता उस समय चल सका, जब बचाव दल को अंदर से आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद सुरंग में फंसे लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की गई। प्रयास बराबर चलता रहा, आवाज मिलने के बाद राहत एवं बचाव दल ने अभियान को और तेज कर दिया। नेपाल सेना, पुलिस बल और अन्य बचावकर्मी लगातार सुरंग के अंदर पहुंचकर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करते रहे। तमाम खराब परिस्थितियों मे ंबचावकर्मियों ने पहले संजय शाह को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद अभियान को आगे बढ़ाते हुए कबीर महाजन को भी सुरक्षित हालत में बाहर निकाल लिया है। दोनों लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया है। वहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों को आगे इलाज के लिए काठमांडू ले जाने की तैयारी की जा रही है। उनकी हालत सही बताई जा रही है।
कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया था
नेपाल में पिछले सप्ताह आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। लगातार बारिश के कारण त्रिशूली नदी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। बाढ़ का पानी कई इलाकों में तबाही मचाने लगा और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़क, पुल, बिजली और जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई चली गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आपदा में कम से कम 1,252 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 5000 लोग अभी भी लापता बताए होने की तानकारी दी जा रही हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कई प्रभावित क्षेत्रों में अब भी राहत कार्य अभी तक जारी है।
त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को निकालना बचाव दल के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। बाढ़ के कारण क्षेत्र में परिस्थितियां कठिन बनी हुई थीं और सुरंग तक पहुंचना भी काफी मुश्किल है। इसके बावजूद नेपाल सेना और पुलिस बल के जवानों तथा अन्य बचावकर्मियों ने लगातार प्रयास जारी रखा।
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सुरंग से आवाज सुनाई देने के बाद बचाव अभियान को नई दिशा मिली और आखिरकार दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दो लोगों को बचाने के बाद उम्मीद है कि सुरंग में अभी कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए बचाव दल ने तलाशी अभियान बंद नहीं किया है। सुरंग के भीतर संभावित स्थानों की जांच की जा रही है। वहां फंसे लोगों तक पहुंचने के प्रयास बंद नहीं हैं। बाढ़ से नेपाल की कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ा दिया
देश की बिजली व्यवस्था और जलविद्युत क्षेत्र पर इसका असर पड़ा है। कई जगहों पर संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। इस कारण राहत सामग्री और बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। त्रिशूली नदी में आई बाढ़ ने भी आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ा दिया था। नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। शुक्रवार को दो लोगों के सुरक्षित बच निकलने की खबर से राहत एवं बचाव दलों में उम्मीद जगी है। नौ दिनों तक सुरंग के भीतर फंसे रहने के बाद दोनों लोगों का जीवित मिलना बचाव अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे बचाव दल को लोग दुवाएं मांग रहेे हैं
। अब बचावकर्मियों का पूरा ध्यान सुरंग में संभावित रूप से फंसे अन्य लोगों को खोजने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है। अधिकारियों ने कहा है कि जब तक सुरंग में फंसे लोगों की तलाश पूरी नहीं हो जाती, तब तक अभियान बंद नहीं रहेगा। नेपाल में बाढ़ से प्रभावित अन्य क्षेत्रों में भी राहत और पुनर्वास कार्य चल रहे हैं। यद्यपि अभी बचाव सर्वाेपर है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को जल्द से जल्द बहाल करने में जुटी है।
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