यमन में संघर्ष के दौरान 25 लोगों की मौत, सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच गोलाबारी

खबर सार :-

सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष में 25 लोगों की मौत हुई है। पिछले कई महीनों से दोनों ़पक्षों में टकराव चल रहा है। इसी का यह परिणाम है।
हूती विद्रोहियों का हमला, संघर्ष में 15 सैनिक-10 हूती लड़ाके मारे गए

खबर विस्तार : -

अदन: यमन के दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत में गुरुवार को सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ। इसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई। दोनों पक्षों में कई लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी एक सैन्य अधिकारी की ओर से मिली है। इसमें कहा गया है कि काफी दिनों से दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति रही है।   

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तोप, मोर्टार व भारी हथियार प्रयोग किए 

एक न्यूज एजेंसी के अनुसार इस लड़ाई में 15 सैनिक और 10 हूती लड़ाके मारे गए। यह संघर्ष सुबह ही शुरू हो गया था। उस समय हूती लड़ाकों ने मकबाना और अल-कधा गांवों में सरकारी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला कर दिया था। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच तोपखाने, मोर्टार और अन्य भारी हथियारों के इस्तेमाल करने से इतनी बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं।

हूती लड़ाकों का हमला पहले किया गया था

अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में हूती लड़ाके अपने प्रयास में सफल रहे और कुछ क्षेत्रों पर उनका कब्जा भी हो चुका था। लेकिन बाद में सरकारी बलों को अतिरिक्त सहायता मिल गई, इससे उन्होंने दबरदस्त जवाबी हमला कर अपने कुछ इलाकों पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया। एजेंसी ने बताया कि स्थानीय निवासियों के संपर्क में यह जानकारी मिली कि संघर्ष तेज होने के बाद कई परिवार सुरक्षित इलाकों की ओर भागने लगे हैं। यह स्थिति अब बनी रह सकती है। इसका कारण कि हूती बलों की बढ़ती गोलाबारी से एक बार फिर विस्थापन की स्थिति पैदा हो गई और लोग अपने घर छोड़ कर किसी अन्य स्थान पर जा रहे हैं।

महीनों पहले से दोनों पक्षों में चल रहा तनाव

जमीनी लड़ाई के साथ-साथ पश्चिमी यमन के कई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले भी किए गए हैं। सरकारी बलों ने यह स्वीकार किया है कि पिछले कुछ घंटों में हूतियों ने 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हमले तो ताइज तथा पड़ोसी होदेइदाह प्रांत के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों पर भी किए। यह हमले ड्रोन से किए गए। सरकारी पक्ष का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन को नष्ट कर दिया गया है। उधर, हूती समूह ने अभी तक इन झड़पों या सरकारी दावों पर किसी प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दरअसल, पिछले दिनों सोमवार को यमनी सरकारी बलों ने कहा था कि उन्होंने हूती समूह की विस्फोटकों से भरी चार नौकाओं को रोक लिया था। यदि यह बात सही है, तो हूती ने इसी का बदले का परिणाम दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी सबा की ओर से इन नौकाओं के लिए बताया गया था कि यह लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के नजदीक स्थित हनिश द्वीप समूह और जुकर द्वीप की ओर बढ़ रही थीं। इनको सरकारी नौसेना ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। सैन्य सूत्रों का कहना है कि रविवार और सोमवार को भी हूती नौकाओं की कई गतिविधियां देखी गईं थी। इस दौरान ही वह रणनीतिक द्वीपों के पास पहुंचने की कोशिश कर रही थीं। 

हमले के कारण दोनों ओर हो सकता है पलायन

यमन के कई मोर्चों पर सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष आज की बात नहीं है। हमला भले ही पिछले दिन का है, लेकिन तनाव काफी समय से चल रहा है। सरकारी सेना ने हूती ठिकानों पर ड्रोन और तोपखाने से हमले किए हैं। इनके प्रहार के बदले में हूती समूह ने मारीब और लाल सागर तट के सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। यमन में लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। इसके कारण पहले ही लाखों लोगों की जिंदगी पर असर पड़ा है। अब ताजा हिंसा से आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। साथ ही इनका पलायन भी हो सकता है।  

सरकार नहीं कर पा रही है हूती पर कार्रवाई

यमन के कई मोर्चों पर सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष अभी चलने वाला है। हमले का कारण है कि सरकारी पक्ष की स्थिति स्पष्ट नहीं रहती है। जब हूती नुकसान पहुंचा देते हैं, तब सरकारी प्लान बनता है। यह तनाव भी काफी दिनो से चल रहा था। सरकारी सेना ने हूती ठिकानों पर ड्रोन और तोप से हमले किए है, इनके सामने हूती समूह के पास मिसाइल और ड्रोन होना लोगों के लिए चिंताजनक बात है। सरकार इन पर कार्रवाई भी नहीं कर पा रही है।  

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