ब्याज दर वृद्धि की संभावनाओं का ट्रंप ने किया विरोध, कहा- हमें दुनिया की सबसे कम ब्याज दर मिलनी चाहिए
खबर सार :-
अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बढोतरी की संभावनाओं का विरोध किया है। ट्रंप ने कहा कि हम दुनिया में नंबर एक हैं। हमें दुनिया की सबसे कम ब्याज दर मिलनी चाहिए।
खबर विस्तार : -
वॉशिंगटन: यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ट ट्रंप ने ब्याज दरों में संभावित वृद्धि का विरोध किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी का विरोध करते हुए कहा है कि अगर अर्थव्यवस्था मजबूत प्रदर्शन कर रही है, तो इससे अमेरिका की उधार लेने की स्थिति बेहतर होनी चाहिए, न कि इसके कारण ब्याज दरें बढ़ाई जानी चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में आयी है, जिसमें जिसमें फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के उस संकेत का जिक्र था कि केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है। व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि वह वार्श का सम्मान करते हैं और इस विषय पर उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि उनके अनुसार अमेरिका में ब्याज दरें पहले से ही बहुत अधिक हैं।
अमेरिका को दूसरे देशों की तुलना में कम लागत पर मिलना चाहिए कर्ज
ट्रंप ने तर्क दिया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में उसकी प्रमुख भूमिका को देखते हुए अमेरिका को दूसरे देशों की तुलना में कम लागत पर कर्ज मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम दुनिया में नंबर एक हैं। हमें दुनिया की सबसे कम ब्याज दर मिलनी चाहिए। ट्रंप ने इसे अमेरिका की व्यापारिक ताकत से भी जोड़ा। उनका कहना था कि कई देश अमेरिकी बाजार तक पहुंच का फायदा उठाते हैं और फिर भी उनसे कम ब्याज दरों पर कर्ज लेते हैं। उन्होंने कहा, "अगर हम चाहें तो उन पर टैरिफ लगा सकते हैं या उनके साथ कारोबार बंद कर सकते हैं। ऐसा होने पर वे तथाकथित विकसित देशों से सीधे गरीबी से जूझ रहे देशों की श्रेणी में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी राय में, हमें दुनिया में सबसे कम ब्याज दरें चुकानी चाहिए, और वह भी बड़े अंतर से।
पिछले 25 वर्षों में बदल गया है फेडरल रिजर्व का नजरिया
ट्रंप ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में फेडरल रिजर्व का नजरिया बदल गया है। पहले जब अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन करती थी, तो ब्याज दरें घटती थीं। लेकिन अब अच्छे आर्थिक आंकड़ों को महंगाई बढ़ने का खतरा मान लिया जाता है और ब्याज दरें बढ़ाने की बात होने लगती है। ट्रंप ने कहा कि पहले, यानी करीब 25 साल पहले, जब अच्छे आर्थिक आंकड़े आते थे तो ब्याज दरें नीचे जाती थीं। अब जब अच्छे आंकड़े आते हैं तो ब्याज दरें बढ़ाने की बात होती है, क्योंकि उन्हें महंगाई का डर रहता है। लेकिन इसका मतलब यह है कि आप कभी पूरी रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सकते।
तेज आर्थिक विकास बढ़ा देता है महंगाई
ट्रंप का कहना था कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ सकती है, लेकिन हर बार अच्छे आर्थिक आंकड़े आने पर ब्याज दरें बढ़ाने की चर्चा शुरू हो जाती है, जिससे विकास की रफ्तार प्रभावित होती है। उन्होंने कहा, "हमने अभी शानदार आर्थिक आंकड़े जारी किए हैं और अब ब्याज दरें बढ़ाने की बात हो रही है। यह हास्यास्पद है। ट्रंप ने इस धारणा को भी गलत बताया कि तेज आर्थिक विकास अपने आप महंगाई बढ़ा देता है। उन्होंने कहा, "आर्थिक सफलता और विकास अपने आप महंगाई नहीं लाते। महंगाई के पीछे दूसरी वजहें होती हैं। उनका तर्क था कि जब अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में होती है, तो अमेरिका की वित्तीय साख मजबूत होती है और ऐसे में ब्याज दरें घटनी चाहिए, बढ़नी नहीं चाहिए।
अन्य प्रमुख खबरें
-
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति
2026-09-11
-
कांगो में 27 बच्चों की जलकर मौत, 300 घर राख
2026-09-11
-
बांग्लादेशः नहीं रहीं चिन्मय कृष्ण दास की मां, कोर्ट से नहीं मिली पैरोल
2026-09-10
-
नेपाल में LPG संकट, 3,000 रुपये में बिक रहा सिलेंडर; मंत्री का इस्तीफा
2026-09-10
-
मिडटर्म चुनाव का परिणाम तय करेगा डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे का भविष्य
2026-09-10
-
इजरायल ने दिया यरुशलम में ब्रिटिश दूतावास बंद करने का आदेश
2026-09-09
-
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किया ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट
2026-09-09
-
ईरान का जोरदार पलटवार, जॉर्डन में US बेस पर दागी मिसाइलें
2026-09-09
-
कांगो में इबोला बेकाबू, संक्रमण के बदलते पैटर्न ने बढ़ाई WHO की चिंता
2026-09-09
-
दक्षिण कोरिया ने परमाणु पनडुब्बी विकसित करने की दिशा में उठाया कदम
2026-09-08
-
पश्चिमी हवाई द्वीपों की ओर बढ़ा हरिकेन लोवेल, लोगों की जान पर मंडराया खतरा
2026-09-08
-
रूस और उत्तर कोरिया के बीच शुरू हुआ पहला 'रोड ब्रिज'
2026-09-07
-
बांग्लादेश: जमानत के बाद भी चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई न होने पर हिंदू संगठनों में आक्रोश
2026-09-07
-
ईरान में ईंधन टैंकर में धमाका, हादसे में 11 लोगों की मौत, सात लोग घायल
2026-09-06
-
पाकिस्तान की कलंक कथा: हर सोलह में एक बच्चा घुटन में!
2026-09-05