ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने दिया इस्तीफा, रक्षा सचिव हेगसेथ के साथ चल रहे थे मतभेद : रिपोर्ट
खबर सार :-
ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। डैन ड्रिस्कॉल के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। व्हाइट हाउस ने इस इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
खबर विस्तार : -
न्यूयॉर्क: ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी सेना के अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने पद से इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डैन ड्रिस्कॉल ने यह फैसला रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ लंबे समय से चल रहे मतभेदों के कारण लिया। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ड्रिस्कॉल ने सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस्तीफे की पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि सेना के आधुनिकीकरण, कई वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने और कुछ अन्य अधिकारियों की पदोन्नति रोकने जैसे मुद्दों पर ड्रिस्कॉल और हेगसेथ के बीच गंभीर मतभेद थे।
पद छोड़ने वाले ड्रिस्कॉल दूसरे वरिष्ठ नागरिक सैन्य अधिकारी हैं
ईरान युद्ध के दौरान पद छोड़ने वाले ड्रिस्कॉल दूसरे वरिष्ठ नागरिक सैन्य अधिकारी हैं। इससे पहले नौसेना सचिव जॉन फेलन को अप्रैल में पद से हटा दिया गया था। अमेरिकी सैन्य ढांचे में नौसेना, थलसेना (आर्मी) और वायुसेना के लिए अलग-अलग सचिव होते हैं, जो रक्षा मंत्री के अधीन काम करते हैं। ईरान के साथ लगभग छह महीने से जारी टकराव के बीच अमेरिकी सेना के सामने नेतृत्व का संकट भी पैदा हो गया है। सेना अपने नागरिक प्रमुख (आर्मी सचिव) के साथ-साथ स्थायी सैन्य प्रमुख के बिना भी काम कर रही है, क्योंकि सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को पहले ही पद से हटा दिया गया था।
जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को अब तक नहीं मिली सीनेट की मंजूरी
आर्मी के उप प्रमुख जनरल जेम्स मिंगस को भी पिछले अक्टूबर में हटा दिया गया था। उनके उत्तराधिकारी के तौर पर नामित जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को अब तक सीनेट की मंजूरी नहीं मिली है, जो ऐसे वरिष्ठ सैन्य पदों के लिए जरूरी होती है। राष्ट्रपति ट्रंप की तरह रक्षा मंत्री हेगसेथ ने भी कहा था कि ईरान के साथ युद्ध कुछ ही हफ्तों में खत्म हो जाएगा। लेकिन संघर्ष अब भी जारी है और अमेरिकी सेना इससे पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाई है। हेगसेथ ने उन तीन अन्य जनरलों को भी हटा दिया था जो भविष्य में सेना प्रमुख बन सकते थे। इससे शीर्ष नेतृत्व में और अधिक खालीपन पैदा हो गया है। हालांकि अमेरिकी सैनिक सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ जमीनी युद्ध नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन वे खाड़ी क्षेत्र में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों से रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन हमलों में कुछ अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई है।
डैन ड्रिस्कॉल ने अमेरिकी सेना में लेफ्टिनेंट रहते हुए इराक में युद्ध के दौरान दी थी सेवा
डैन ड्रिस्कॉल ने अमेरिकी सेना में लेफ्टिनेंट रहते हुए इराक में युद्ध के दौरान सेवा दी थी। उन्हें रक्षा मंत्री हेगसेथ के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जाता था, खासकर ऐसे समय में जब हेगसेथ त्वरित जीत के अपने वादे को पूरा नहीं कर पाए हैं। ड्रिस्कॉल ने येल लॉ स्कूल से पढ़ाई की, जहां उनकी मुलाकात वर्तमान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हुई थी। दोनों सहपाठी रहे और उनके बीच करीबी संबंध बने रहे। रिपोर्ट के अनुसार, हेगसेथ के कार्यकाल में अफ्रीकी-अमेरिकी अधिकारियों, जिनमें ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल सी.क्यू. ब्राउन भी शामिल हैं, और महिला अधिकारियों पर विशेष कार्रवाई की गई। हालांकि, उन्होंने उन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी कदम उठाए जिन्हें वह अपने राजनीतिक विरोधियों के करीब मानते थे। इनमें जनरल क्रिस्टोफर डोनाह्यू भी शामिल थे, जिन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन की मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ड्रिस्कॉल बर्खास्तगी और प्रमोशन रोकने के फैसलों के खिलाफ थे
बताया जाता है कि ड्रिस्कॉल कई बर्खास्तगी और प्रमोशन रोकने के फैसलों के खिलाफ थे। यही मुद्दा उनके और हेगसेथ के बीच टकराव का प्रमुख कारण बना। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने इस बारे में सीधे राष्ट्रपति ट्रंप से भी शिकायत की थी। मीडिया रिपोर्टों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल, जो हेगसेथ के करीबी माने जाते हैं और जिन्होंने सेना तक मीडिया की पहुंच सीमित की थी, ड्रिस्कॉल की जगह ले सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ड्रिस्कॉल के पद छोड़ने की संभावना पिछले कुछ समय से जताई जा रही थी, और उनका इस्तीफा लंबे समय से चल रहे अंदरूनी मतभेदों का परिणाम माना जा रहा है।
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