ईरान-अमेरिका युद्धः ईंधन टैंकर में धमाके के साथ लगी आग, 11 लोगों की गई जान
खबर सार :-
ईरान की आरे से अमेरिकी वाहन पर पर हमले किए गए। इसका जवाब अमेरिका ने दिया है। अमेरिका ने कहा कि हमारे वाहनों पर हमले किए गए, लेकिन सुरक्षा तकनीकी ने बचाव कर लिया और उनके ईंधन वाहनों को निशाना बनाया गया है।
खबर विस्तार : -
तेहरान: पश्चिमी ईरान में शनिवार को एक हादसे के बाद ईंधन टैंकर में हुए धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई। विस्फोट के कारण आसपास चल रही कई गाड़ियों में भी आग लग गई। हादसे में सात और लोग घायल भी हुए हैं। बताया जाता है कि अमेरिका और ईरान का तनाव इसका कारण बना है।
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरआईबी के हवाले से बताया गया है कि हादसा कुर्दिस्तान प्रांत के सनंदाज काउंटी और हमदान प्रांत के हमदान काउंटी के बीच हुआ है। सन्हिुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट बताती है कि होदाई ने बताया कि विस्फोट के कारण आसपास चल रही कई गाड़ियों में भी आग लग गई। इस दौरान बचाव दल घायलों को सनंदाज के एक अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। जानकारी दी गई है कि घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य काफी देर तक चलता रहा। यह जानकारी कुर्दिस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज की इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज के प्रमुख बाबक होदाई ने दी।
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यहां से टैंकर बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलती
ससे पहले जुलाई में होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग (नेवल माइन) से टकरा गया था। इसके बाद विस्फोट हो गया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कई बातें ऐसी दी गई है। यदि यह बात सही है तो जहाज ईरान की ओर से तय किए गए मार्ग से हट गया थ। उसी दौरान वह बारूदी सुरंग से टकरा गया। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
यही मार्ग सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। ऊर्जा मार्गों में भी इसकी गिनती होती है। इस मार्ग के जरिए ही खाड़ी क्षेत्र के बड़े तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस निर्यात किया जाता है। यहां से सभी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी की ओर से भी यह जानकारी दी गई है कि उस स्थान को लेकर पहले ही कहा गया था कि उस मार्ग का इस्तेमाल न करें।
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ गया
इसके बावजूद टैंकर पहले दी गई चेतावनियों वाली जगह पहुंचा, ईरान की ओर से निर्धारित सुरक्षित समुद्री मार्ग से बाहर एक क्षेत्र में पहुंच गया था। इसका जवाब दिया गया था। हालत यह है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को कहा कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से बराबर दो बार हमले किए गए। अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
अमेरिकी वाहन ने सफलतापूर्वक बचाव कर लिया
यह प्रयास किए जाने के बाद अमेरिकी बलों ने ईरान के तीन कच्चा तेल ले जा रहे टैंकरों पर जबरदस्त हमला किया। गत दिनों बढ़ा तनाव कम नहीं हो रहा है। दुनिया के तमाम देशों में अनिश्चितता बन रही हैं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के हवाले से कहा गया है कि एक अमेरिकी विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) और एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर ने उस हमले से कई बार बचाव किया। उस समय ईरान के कई हमले किए गए लेकिन, अमेरिकी वाहन ने सफलतापूर्वक बचाव कर लिया।
इस घटना में कोई भी अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ। सेंटकॉम ने कहा कि 5 सितंबर को सेंटकॉम बलों ने ईरान के तीन कच्चा तेल ले जाने वाले जहाजों पर हमला किया था। इस समय इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी थी। उस समय भी बहुत तनाव हो गया था। कई देशों ने हस्तक्षेप का प्रयास किया लेकिन युद्ध विराम नहीं हो पा रहा है। अब तेल टैंकरों पर हमले का खमियाजा महंगाई पर पड़ेगा।
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