हिमाचल में धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार, भूस्खलन से राज्यभर में 67 सड़कें बंद
खबर सार :-
हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। राज्य में 13 सितंबर तक बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
खबर विस्तार : -
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी धीमी पड़ गई है। राजधानी शिमला में मंगलवार सुबह बादलों के बीच हल्की धूप खिली, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में धूप और बादल छाए रहे। इस पूरे हफ्ते हिमाचल प्रदेश में मानसून के कमजोर रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 13 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, हालांकि कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 12 सितंबर तक मानसून के कमजोर रहने की उम्मीद है और इस दौरान राज्यभर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, 13 और 14 सितंबर को मानसून के फिर से जोर पकड़ने और बारिश बढ़ने की संभावना है। खास बात यह है कि विभाग ने आने वाले हफ्ते में राज्य के किसी भी हिस्से में भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया है।
पिछले 24 घंटों में सिरमौर और मंडी में अच्छी बारिश
इस बीच, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सिरमौर के जट्टो बैराज में सबसे ज़्यादा 56.2 मिमी बारिश हुई। अन्य दर्ज आंकड़ों में पच्छाद (सिरमौर) में 48.2 मिमी, मुरारी देवी (मंडी) में 46 मिमी और धौला कुआं (सिरमौर) में 33.5 मिमी बारिश शामिल है। अन्य क्षेत्रों में बारिश की मात्रा इस प्रकार रही: कोटखाई (शिमला ज़िला) में 19.3 मिमी, शिमला में 3.8 मिमी, कल्पा (किन्नौर) में 2.8 मिमी, कांगड़ा में 2.6 मिमी, सराहन में 2.3 मिमी और मनाली (कुल्लू) में 2 मिमी। इस दौरान कांगड़ा, सुंदरनगर और मुरारी देवी में बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान भी दर्ज किया गया।
भूस्खलन के कारण अभी भी 67 सड़कें बंद
हालांकि, हाल की बारिश और भूस्खलन का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, मंगलवार सुबह तक भूस्खलन के कारण राज्य भर में 67 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी में 33, कुल्लू में 11, कांगड़ा में 10 और सिरमौर में छह सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा, शिमला जिले के रामपुर इलाके में दो बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मानसून के दौरान 283 लोगों की मौत
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा मानसून सीजन में बारिश और उससे जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 283 लोगों की मौत हो चुकी है और 505 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी भी लापता हैं। मरने वालों में से 169 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई, जबकि 114 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने, फिसलने, पहाड़ियों से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं के कारण हुई।
1,423 करोड़ की संपत्ति का नुकसान
इसके अलावा, मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं में 467 मवेशियों की भी मौत हुई है। राज्य में 123 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, जबकि 495 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। साथ ही, 17 दुकानों और 462 पशु आश्रयों को भी नुकसान पहुंचा है। सरकारी अनुमानों के अनुसार, मानसून के दौरान राज्य को अब तक लगभग ₹1,423 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इस आंकड़े में अकेले लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुआ लगभग ₹1,131 करोड़ का नुकसान भी शामिल है।
नदियों में जमा मलबे से बढ़ रहा बाढ़ का खतरा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बताया कि बहुत ज्यादा बारिश, बाढ़ और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण हिमाचल की नदियों में भारी मात्रा में मलबा, बड़े पत्थर, छोटे पत्थर और रेत जमा हो जाती है। इससे नदियों की पानी ले जाने की क्षमता पर असर पड़ता है और आस-पास की बस्तियों, सड़कों, पुलों, जंगलों और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचों के लिए बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि हिमाचल प्रदेश में वैज्ञानिक तरीके से ड्रेजिंग (नदी की तलहटी की सफाई) के लिए स्पष्ट और प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
कालका-शिमला रेलमार्ग पर फिर भूस्खलन
सोमवार को सोलन जिले में कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे लाइन पर एक बार फिर भूस्खलन हुआ है, जिससे ट्रैक की मरम्मत का काम बाधित हो गया है। रेलवे ने कालका और शिमला के बीच ट्रेन सेवाएं 13 सितंबर तक रद्द कर दी हैं। हालांकि शिमला और धर्मपुर (सोलन जिले में) के बीच टॉय ट्रेन सेवा पिछले शनिवार को फिर से शुरू हो गई थी, लेकिन यात्रियों और पर्यटकों को कालका से शिमला तक की हेरिटेज रेल यात्रा के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
ये भी पढ़ेंः- कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे लाइन पर भूस्खलन, 13 सितंबर तक सेवाएं रद्द
अन्य प्रमुख खबरें
-
बाढ़ का LUCKNOW में भी रहा असर, बजट के लिए मुख्यमंत्री से मिलीं महापौर
2026-10-23
-
बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
2026-10-23
-
हरियाणाः बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से अंधेरे में डूबे कई शहर और गांव
2026-10-23
-
टाटानगर से जयपुर के बीच 26 अक्टूबर से शुरू होगी सीधी ट्रेन सेवा
2026-10-23
-
दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, जांच जारी
2026-10-23
-
अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज, 56 घाटों की मार्किंग शुरू
2026-10-22
-
UP में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, विंध्यवासिनी धाम में आए 22 लाख भक्त
2026-10-22
-
पूरे शहर में मच्छरों की भरमार, कई माहल्लों में कभी नहीं हुई फागिंग
2026-10-22
-
यूपी के 18 मंडलों में शुरू होगा 'Blue DotsAI' प्लेटफॉर्म
2026-10-22
-
MLC शिक्षक चुनाव 2026 को लेकर मऊ में निष्पक्ष चुनाव की तैयारी पूरी
2026-10-22
-
फिल्मी कलाकारों की रामलीला ने बनाया रिकॉर्ड, 74 करोड़ दर्शक पहुंचे
2026-10-22
-
झारखंड के चाईबासा में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई दुर्गा पूजा
2026-10-22
-
लखनऊ मेट्रो ने दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष यात्रा का किया आयोजन
2026-10-22
-
हिमाचल में बढ़ने लगी ठंड, 9 शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे
2026-10-22
-
छत्तीसगढ़ पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
2026-10-22