सपा नेता मोहन साहू ने थामा कांग्रेस का हाथ, बांदा सदर से चुनाव लड़ने की चर्चा तेज

खबर सार :-

बांदा के पूर्व चेयरमैन और सपा नेता मोहन साहू ने कांग्रेस की सदस्यता ली। उन्होंने बांदा सदर से कांग्रेस या इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही।
बसपा में जाने की अटकलों पर लगा विराम, मोहन साहू बोले- अखिलेश यादव के साथ रहूंगा

खबर विस्तार : -

बांदा: समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मोहन साहू के बहुजन समाज पार्टी में जाने की चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों को खत्म कर दिया है। मोहन साहू के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बांदा सदर विधानसभा सीट को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के तहत बांदा सदर सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है।

मोहन साहू वर्ष 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर नगरपालिका चेयरमैन पद के प्रत्याशी बनाए गए थे। उस चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को करीब 23 हजार मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। इसके बाद वह क्षेत्र की राजनीति में प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। बीते कुछ समय से उनके बसपा में शामिल होने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही थीं। इन चर्चाओं के बीच अब उनके कांग्रेस की सदस्यता लेने से सियासी तस्वीर बदलती नजर आ रही है।

पत्नी को भी सपा ने बनाया था प्रत्याशी

समाजवादी पार्टी ने मोहन साहू को चेयरमैन बनाने के बाद वर्ष 2023 में उनकी पत्नी गीता साहू को भी नगरपालिका चेयरमैन पद का प्रत्याशी बनाया था। हालांकि इस चुनाव में उन्हें भाजपा प्रत्याशी मालती बासू गुप्ता के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

चुनाव परिणाम के अनुसार सपा प्रत्याशी गीता साहू को करीब 30,224 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी मालती गुप्ता बासू को 33,191 मत प्राप्त हुए थे। भाजपा प्रत्याशी को अधिक मत मिलने के कारण उन्हें विजयी घोषित किया गया और जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसके बाद से ही मोहन साहू की राजनीतिक गतिविधियों पर लगातार नजर बनी हुई थी। अब कांग्रेस में उनकी एंट्री के बाद बांदा सदर विधानसभा क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

बांदा सदर सीट कांग्रेस के खाते में जाने की चर्चा

मोहन साहू के कांग्रेस में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा बांदा सदर विधानसभा सीट को लेकर है। माना जा रहा है कि इंडिया गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे में बांदा सदर सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस अपने चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी उतारकर चुनाव लड़ सकती है। मोहन साहू ने भी इस संभावना को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। दूरभाष पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से उन्हें बांदा सदर से उम्मीदवार के तौर पर सदस्यता दिलाई गई है। उन्होंने कहा कि वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ हमेशा खड़े रहेंगे।

कांग्रेस ने उम्मीदवार के रूप में सदस्यता

मोहन साहू ने कहा कि वह अपनी इच्छा से सपा छोड़कर कांग्रेस में नहीं गए हैं, बल्कि बांदा सदर विधानसभा सीट से संभावित उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई है। उनके मुताबिक इंडिया गठबंधन के तहत बांदा सदर सीट कांग्रेस के खाते में गई है। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से कांग्रेस के शीर्ष नेता उन्हें पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दे रहे थे। हालांकि सपा से जुड़े होने के कारण वह दल बदलने को तैयार नहीं थे। बाद में समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता लेने का फैसला किया।  मोहन साहू के अनुसार वह बांदा सदर से कांग्रेस प्रत्याशी या इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उनके कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब क्षेत्र में सपा-कांग्रेस गठबंधन की रणनीति और संभावित प्रत्याशी को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

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