एआई से अश्लील फोटो एडिट कर 15 लाख की रंगदारी मांगने वाली महिला प्रयागराज से गिरफ्तार

खबर सार :-

झांसी में एआई से अश्लील फोटो एडिट कर 15 लाख की रंगदारी मांगने वाली महिला आरोपी को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया। जानिए इस सनसनीखेज मामले की पूरी जानकारी।
AI ब्लैकमेलिंग मामला: झांसी पुलिस ने प्रयागराज से महिला को किया गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

झांसी: झांसी जिले के नवाबाद थाना क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को ब्लैकमेल करने और अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 27 वर्षीय वांछित महिला आरोपी को प्रयागराज से दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है, जिनका उपयोग इस अपराध में किए जाने की आशंका है। गिरफ्तार आरोपी को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है, जिसके बाद पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी हुई है।

घटना की शुरुआत और रंगदारी की मांग

यह पूरा मामला इसी वर्ष 2 अगस्त 2026 का है, जब पीड़िता ने नवाबाद थाने में इस संबंध में लिखित तहरीर दी थी। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, आरोपी महिला ने अपने अज्ञात सहयोगियों के साथ मिलकर पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों की तस्वीरों को एआई तकनीक की मदद से एडिट किया और उन्हें अश्लील रूप दे दिया। इसके बाद इन आपत्तिजनक तस्वीरों को पीड़िता तथा उसके परिजनों के व्हाट्सऐप नंबरों पर भेजकर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी गई।
तहरीर में आरोप लगाया गया कि तस्वीरों को वायरल न करने की एवज में आरोपियों द्वारा 15 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग की गई। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के कारण डरी-सहमी पीड़िता ने अलग-अलग तारीखों में विभिन्न माध्यमों से आरोपी महिला को लगभग 40 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों के हौसले पस्त नहीं हुए।

घर पहुंचकर धमकाना और कानूनी कार्रवाई

रुपये देने के बाद भी जब मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आरोपी महिला का दुस्साहस और बढ़ गया। आरोप है कि वह सीधे पीड़िता के घर जा पहुंची और वहां पीड़िता तथा उसके पति के साथ जमकर गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाकर बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। इन तमाम घटनाओं से तंग आकर पीड़िता ने पुलिस की शरण ली।
पीड़िता की तहरीर के आधार पर नवाबाद थाने में 2 अगस्त को संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना प्रभारी निरीक्षक को सौंपी गई। पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जो लगातार आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास में जुटी हुई थी।

सर्विलांस की मदद से प्रयागराज में हुई गिरफ्तारी

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए तकनीकी सहायता का सहारा लिया। सर्विलांस सेल झांसी की सक्रिय मदद से पुलिस को सुराग मिला कि वांछित महिला प्रयागराज में छुपी हुई है। इस पुख्ता लोकेशन के आधार पर नवाबाद थाना पुलिस की टीम ने 9 सितंबर 2026 को प्रयागराज में दबिश देकर मुख्य आरोपी को धर दबोचा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मरीना लाजरस उर्फ मरीना जेसी (उम्र करीब 27 वर्ष, निवासी हुबली, कर्नाटक) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है। प्रयागराज से गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को वहां के न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया, जिसके बाद उसे झांसी लाया गया और यहाँ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोपी के खिलाफ पहले से भी नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज है, और वर्तमान मामले में बीएनएस (BNS) तथा आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

मामले की आगे की जांच

यह घटना आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग का एक चिंताजनक उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके आम नागरिकों की तस्वीरों से छेड़छाड़ की गई और उन्हें बदनाम करने का भय दिखाकर अवैध वसूली का नेटवर्क चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में इस मामले की तह तक जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के जरिए इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जांच में जो भी अन्य व्यक्ति इस अवैध कारोबार या साजिश में संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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