सुल्तानपुर: कुड़वार के मिठनेपुर में डिजिटल लाइब्रेरी का अधिकारियों ने लिया जायजा, व्यवस्थाओं पर जताई संतोष

खबर सार :-

सुल्तानपुर के कुड़वार ब्लॉक स्थित मिठनेपुर गांव की डिजिटल लाइब्रेरी का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए ग्राम प्रधान के प्रयासों की सराहना की गई।
मिठनेपुर डिजिटल लाइब्रेरी का अधिकारियों ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं की सराहना

खबर विस्तार : -

सुल्तानपुर: अयोध्या से आए डिप्टी डायरेक्टर, सुल्तानपुर के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अभिषेक शुक्ला और एडीओ पंचायत संतोष पाल ने कुड़वार विकासखंड की ग्राम पंचायत मिठनेपुर में बने पंचायत भवन परिसर स्थित सरकारी डिजिटल लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों के इस दौरे का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर चल रही इस डिजिटल लाइब्रेरी की कार्यप्रणाली और सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखना था।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लाइब्रेरी में मौजूद कुल पुस्तकों की संख्या, बच्चों की उपस्थिति, विभिन्न विषयों की किताबों की उपलब्धता के साथ-साथ साफ-सफाई और रखरखाव जैसी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी शिवराम, पंचायत सहायक प्रिया मिश्रा, सफाई कर्मचारी अजय कुमार व विजय और केयरटेकर सहित पंचायत के तमाम कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।

लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं और संचालन पर संतोष

अधिकारियों ने लाइब्रेरी के भीतर विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए उपलब्ध सुविधाओं को देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति और पुस्तकों के रखरखाव के तौर-तरीकों की पड़ताल की। इस दौरान अधिकारियों ने ग्राम प्रधान राममूर्ति दुबे द्वारा किए जा रहे प्रयासों की खुले तौर पर सराहना की और कहा कि ग्रामीण परिवेश में इस तरह की व्यवस्थाओं का होना एक सकारात्मक कदम है।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की डिजिटल लाइब्रेरियां ग्रामीण अंचल के बच्चों और युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अनुकूल और बेहतर माहौल प्रदान करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को शहर जाने की आवश्यकता के बिना ही अपने क्षेत्र में संसाधन मिल रहे हैं।

पृष्ठभूमि और सरकारी पहल का उद्देश्य

सरकार की इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों में डिजिटल लाइब्रेरियों की स्थापना करना है, ताकि ग्रामीण विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, पाठ्यपुस्तकें और डिजिटल संसाधन उनके अपने ही गांव में आसानी से मिल सकें। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इन लाइब्रेरियों का नियमित संचालन और निरंतर रखरखाव बेहद जरूरी है, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठाकर अपने भविष्य को संवार सकें।

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