आकाश आनंद के बसपा से निष्कासन पर कांग्रेस ने साधा निशाना, सपा ने दिया पार्टी में आने का न्योता

खबर सार :-

आकाश आनंद को बसपा से निष्कासित किए जाने पर सपा और कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। सपा ने उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया, जबकि कांग्रेस ने मायावती पर निशाना साधा।
सपा ने दिया आकाश आनंद को ऑफर! कांग्रेस ने कही ये बात

खबर विस्तार : -

लखनऊः बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से आकाश आनंद के निष्कासन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के नेताओं ने मायावती के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सपा ने जहां इसे बसपा और मायावती का आंतरिक मामला बताया, वहीं आकाश आनंद के लिए पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात कही। कांग्रेस ने मायावती पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आकाश आनंद के राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने का काम उनकी सांसद अवधेश प्रसाद ने आकाश आनंद को बसपा से बाहर किए जाने के सवाल पर कहा कि यह मायावती का पारिवारिक मामला है। उन्होंने कहा कि किसी के पारिवारिक या आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करना सामाजिक अपनी बुआ ने किया है।

सपा ने बताया मायावती का आंतरिक मामला

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आकाश आनंद को बसपा से बाहर किए जाने के सवाल पर कहा कि यह मायावती का पारिवारिक मामला है। उन्होंने कहा कि किसी के पारिवारिक या आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करना सामाजिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने इस मुद्दे पर किसी तरह की टिप्पणी करने से दूरी बनाए रखी। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी कहा कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह बसपा का अंदरूनी मामला है और समाजवादी पार्टी इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहती। हालांकि, उन्होंने आकाश आनंद को राजनीतिक विकल्प की तलाश होने पर सपा में आने का खुला न्योता दिया।

उन्होंने कहा कि यदि आकाश आनंद कहीं और राजनीतिक ठिकाना तलाश रहे हैं तो समाजवादी पार्टी में उनका स्वागत है। इस बयान के बाद आकाश आनंद को लेकर सपा की राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अमीक जामेई ने याद दिलाया सपा-बसपा गठजोड़ का इतिहास

सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने मायावती के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि वह देश की वरिष्ठ नेता हैं और समाजवादियों के दिलों में उनके लिए सम्मान है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के सामाजिक न्याय के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए सपा और बसपा के पुराने संबंधों को याद किया। जामेई ने कहा कि जब नीला और लाल रंग साथ आया तो उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय की राजनीति को नई दिशा मिली। उन्होंने मुलायम सिंह यादव और कांशीराम के राजनीतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादियों के सहयोग से कांशीराम लोकसभा पहुंचे और संसद में उनकी आवाज गूंजी।

उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह तय करने की जरूरत है कि नीले और लाल रंग को अलग रखने की राजनीति किसके हित में है। उनके मुताबिक लाल रंग क्रांति और इंकलाब का प्रतीक है, जबकि नीला रंग सामाजिक न्याय, बंधुत्व और एकता का प्रतिनिधित्व करता है।

2027 को लेकर सपा ने साधा निशाना

अमीक जामेई ने दावा किया कि समाजवादी छात्रसंघ ने भी नीला रंग धारण किया है। उन्होंने कहा कि जब दोनों रंगों और सामाजिक न्याय की राजनीति पर हमला हो रहा है तो दोनों को साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी छात्रों, युवाओं और ‘जेन-जी’ के सहयोग से ऐसी सरकार को हटाने का काम करेगी, जिसे उन्होंने बाबासाहेब विरोधी बताया। उनके बयान को आगामी विधानसभा चुनाव में सपा की सामाजिक न्याय और पीडीए राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

कांग्रेस ने मायावती पर साधा सीधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आकाश आनंद के निष्कासन को लेकर मायावती पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मायावती के रहते आकाश आनंद को किसी दुश्मन की जरूरत नहीं है। राजपूत ने आरोप लगाया कि मायावती अपने भतीजे को प्रताड़ित कर रही हैं। उन्होंने आकाश आनंद के राहुल गांधी और अखिलेश यादव को ‘चाचा’ कहने का भी जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि आकाश आनंद को वह भी अपना भतीजा मानते हैं, क्योंकि उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को अपना चाचा कहा था।

‘आकाश का राजनीतिक भविष्य बर्बाद करने का काम बुआ ने किया’

सुरेंद्र राजपूत ने दावा किया कि आकाश आनंद के राजनीतिक करियर को खत्म करने का काम उनकी सगी बुआ मायावती ने ही किया है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर अब स्थिति चुनौतीपूर्ण है और उन्हें स्वयं तय करना होगा कि आगे की राजनीति किस दिशा में करनी है। कांग्रेस के इस बयान से साफ है कि पार्टी आकाश आनंद के मुद्दे को बसपा के भीतर का मामला मानकर चुप रहने के बजाय इसे मायावती के नेतृत्व और बसपा की आंतरिक राजनीति पर हमला करने के अवसर के तौर पर देख रही है।

आकाश आनंद के अगले कदम पर निगाह

आकाश आनंद के बसपा से निष्कासन के बाद अब सभी की नजर उनके अगले राजनीतिक कदम पर है। सपा की ओर से सार्वजनिक रूप से पार्टी में स्वागत का संकेत दिए जाने के बाद उनके किसी संभावित राजनीतिक फैसले को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि, अभी आकाश आनंद की ओर से अपने भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट राजनीतिक घोषणा सामने नहीं आई है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए आकाश आनंद का राजनीतिक भविष्य महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बसपा के युवा चेहरे के रूप में उनकी भूमिका पहले से ही राजनीतिक दलों के बीच चर्चा का विषय रही है। ऐसे में उनके अगले कदम का असर प्रदेश की दलित राजनीति और विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है।

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