बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 21 अक्टूबर से अनशन-सत्याग्रह, ‘राम कौ कौल’ अभियान का ऐलान

खबर सार :-

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा 21 अक्टूबर 2026 से झांसी में अनशन-सत्याग्रह शुरू करेगा। अलग राज्य की मांग को लेकर ‘राम कौ कौल’ और ‘जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा’ अभियान चलाया जाएगा।
बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 21 अक्टूबर से अनशन-सत्याग्रह

खबर विस्तार : -

झांसी: बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाए जाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने एक बार फिर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने स्थानीय होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि आगामी 21 अक्टूबर 2026 से गांधी उद्यान, कचहरी के पास अनशन एवं सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर ‘राम कौ कौल’ (कसम) अभियान भी चलाया जाएगा।

भानु सहाय ने कहा कि प्रभु श्रीराम को साक्षी मानकर बुंदेलखंड को तीन साल के भीतर अलग राज्य बनाने का वादा किया गया था, लेकिन इस वादे को 12 साल से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद राज्य गठन की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तादल के जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को मजबूती से नहीं उठाया, जिसके विरोध में अब ‘राम कौ कौल’ अभियान शुरू किया जा रहा है।

गांव-गांव पहुंचेगी ‘जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा’

मोर्चा ने आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा और जनप्रतिनिधियों से अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग पर जवाब मांगा जाएगा। मोर्चा के अनुसार बबीना, बंगरा, मोंठ, बरुआसागर, अम्बाबाय, मऊरानीपुर, चिरगांव और गरौठा में प्रधानमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को खून से पत्र लिखे जाएंगे। वहीं बैदौरा, पड़रा, समथर, टहरौली, रक्सा, गुरसरांय और बड़ागांव में शाम के समय मशाल जुलूस निकाले जाएंगे।

16 सितंबर से 18 अक्टूबर तक झांसी में जनसंपर्क

आंदोलन की तैयारियों के तहत 16 सितंबर से 18 अक्टूबर 2026 तक झांसी नगर निगम के सभी वार्डों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। मोर्चा के मुताबिक नगर के 15 वार्डों में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे, जबकि अन्य 15 वार्डों में खून से पत्र लिखकर अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाई जाएगी।

स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग

प्रेस वार्ता में मोर्चा ने बुंदेलखंड की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई मांगें रखीं। संगठन ने बुंदेलखंड के मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों और CHC/PHC में चिकित्सकों, मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग सहित अन्य कर्मचारियों के रिक्त पद समयबद्ध तरीके से भरने की मांग की। अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। इसके अलावा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को स्ववित्तपोषित व्यवस्था से हटाकर एडेड विश्वविद्यालय का दर्जा देने, संविदा शिक्षकों को नियमित करने तथा प्राथमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तक शिक्षकों और कर्मचारियों के रिक्त पद भरने की मांग उठाई गई। जर्जर विद्यालय भवनों के समयबद्ध जीर्णोद्धार की भी मांग की गई।

E20 ईंधन के इस्तेमाल पर जताई आपत्ति

मोर्चा ने बुंदेलखंड में E20 (एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। भानु सहाय ने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं। पुराने वाहनों में E20 के इस्तेमाल से संभावित तकनीकी समस्याओं और माइलेज में कमी का अतिरिक्त आर्थिक बोझ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

अवैध नर्सिंग होम और भ्रष्टाचार की जांच की मांग

मोर्चा ने बुंदेलखंड में संचालित कथित अवैध नर्सिंग होम्स की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संगठन ने संबंधित अधिकारियों की कथित भ्रष्ट कार्यप्रणाली की भी समयबद्ध जांच की मांग उठाई। इसके साथ ही केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित और विस्थापित लोगों को उचित मुआवजा दिलाने तथा परियोजना में कथित भ्रष्टाचार की समयबद्ध जांच कराने की मांग भी की गई।

RSS से सरकार के समक्ष वार्ता की पहल की अपील

भानु सहाय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के आंदोलन और वार्ता से जुड़े कथन का हवाला देते हुए RSS से सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता की पहल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार आंदोलनकारियों से सीधे वार्ता के लिए नहीं आती है तो संघ की ओर से सरकार के समक्ष बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बातचीत की पहल की जानी चाहिए।

चुनाव में सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अभियान का ऐलान

मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि अनशन, सत्याग्रह और ‘राम कौ कौल’ अभियान के जरिए बुंदेलखंड के गांवों और नगर के वार्डों से लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को गंगाजली उठवाकर आंदोलन के लिए संकल्प दिलाया जाएगा और बड़ी संख्या में लोगों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने आगामी चुनाव में बुंदेलखंड की मांग की अनदेखी करने वाले सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जनता को लामबंद करने का भी ऐलान किया।

सात चरणों में पूरे बुंदेलखंड में अभियान

मोर्चा ने आंदोलन को सात चरणों में पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र तक ले जाने की रणनीति बनाई है। पहला चरण झांसी, इसके बाद महोबा, जालौन, बांदा, हमीरपुर, ललितपुर और चित्रकूट में अभियान चलाया जाएगा। प्रेस वार्ता में रघुराज शर्मा, हमीदा अंजुम, गिरजा शंकर राय, प्रदीप नाथ झा, रामजी सिंह पारीछा, उत्कर्ष साहू, अनिल कश्यप, गोलू ठाकुर, कलाम कुरैशी, अमित त्रिपाठी, विनोद अग्रवाल, मनोज प्रजापति पारीछा, अभिषेक तिवारी, शंकर रायकवार, विजय रायकवार और जीतू कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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