उत्तर कोरिया ने अमेरिकी नेतृत्व वाली बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी समूह की रिपोर्ट को किया खारिज, बताया 'अवैध'

खबर सार :-

उत्तर कोरिया ने अमेरिका के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी समूह की रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे अवैध करार दिया है। प्योंगयांग ने आरोप लगाया है कि समूह सामान्य गतिविधियों को गैरकानूनी बताकर पेश कर रहा है।
उत्तर कोरिया ने एमएसएमटी की रिपोर्ट को किया खारिज, बताया अवैध

खबर विस्तार : -

सोल: उत्तर कोरिया ने अमेरिकी नेतृत्व वाले एमएसएमटी रिपोर्ट को अवैध करार किया है। उत्तर कोरिया ने सोमवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी समूह (एमएसएमटी) की हालिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए उसे अवैध करार दिया है। प्योंगयांग ने आरोप लगाया कि समूह सामान्य गतिविधियों को गैरकानूनी बताकर पेश कर रहा है। साथ ही अपने नागरिकों को विदेशों में काम के लिए भेजने के कार्यक्रम को दूसरे देशों के साथ वैध आर्थिक सहयोग का हिस्सा बताया। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के जरिए जारी बयान में एमएसएमटी की रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

अब भी नागरिकों को विदेशों में काम करने के लिए भेज रहा है उत्तर कोरिया

योनहाप न्यूज एजेंसी ने इसे प्रकाशित किया। उनके मुताबिक प्रवक्ता ने कहा, "एमएसएमटी ने सामान्य गतिविधियों को असामान्य और कानूनी गतिविधियों को गैरकानूनी बताकर अपनी वास्तविक मंशा उजागर कर दी है। यह प्रतिक्रिया एमएसएमटी की पिछले सप्ताह जारी रिपोर्ट के बाद आई है। रिपोर्ट में कहा गया था कि उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए अब भी अपने नागरिकों को विदेशों में काम करने के लिए भेज रहा है। समूह के अनुसार, "कम से कम 17 देशों में करीब एक लाख उत्तर कोरियाई श्रमिक मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या चीन और रूस में है। एमएसएमटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा था कि कुछ उत्तर कोरियाई श्रमिक रूस की फैक्ट्रियों में सैन्य ड्रोन के निर्माण में शामिल रहे हैं।

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अमेरिका-पश्चिमी देशों पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर सिद्धांतों का उल्लंघन करने का लगाया आरोप

उत्तर कोरिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दूसरे देशों के साथ उसके संबंधों में व्यापार, आदान-प्रदान और सहयोग उसके वैध अधिकारों के तहत आते हैं। प्योंगयांग के अनुसार, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संधियों तथा समझौतों के आधार पर होने वाले ऐसे सहयोग में किसी तीसरे पक्ष को हस्तक्षेप या जांच का अधिकार नहीं है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र के उस प्रतिबंध व्यवस्था की वैधता पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत उत्तर कोरियाई नागरिकों को विदेशों में काम करने भेजने पर रोक है। प्योंगयांग ने अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। इनमें देशों की संप्रभुता का सम्मान और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना शामिल है।

अक्टूबर 2024 में हुआ था एमएसएमटी का गठन

उत्तर कोरिया ने कहा कि वह अपनी देश की उन्नति और अन्य देशों के साथ सामान्य तथा पारस्परिक सहयोग वाले संबंधों को बाधित करने की किसी भी कोशिश का कड़ा जवाब देगा। एमएसएमटी का गठन अक्टूबर 2024 में हुआ था। इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के क्रियान्वयन की निगरानी करना और उनके उल्लंघन की जानकारी सामने लाना है। इसका गठन उस समय हुआ जब रूस ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विशेषज्ञ समिति के कार्यकाल को बढ़ाने वाले प्रस्ताव को वीटो कर दिया था।

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