यमन में लड़ाई तेज, पेजेश्कियान से मिलने को ट्रंप तैयार!

खबर सार :-

चीनी राष्ट्रपति की अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात होने की संभावना जताई जा रही है। इसमें ईरान पर भी चर्चा अमेरिका कर सकता है।
न्यूयॉर्क में  शी जिनपिंग से हो सकती है ट्रंप की मुलाकात

खबर विस्तार : -

तेहरान/वाशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध फिलहाल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर अमेरिका के वॉशिंगटन से खबरें आ रही हैं, तो दूसरी ओर तेहरान में भी चहलकदमी तेज है। दुनिया के लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर चल क्या रहा है। अमेरिका की तैयारी अंदरखाने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की न्यूयॉर्क में ईरानी राष्ट्रपति से मिलवाने की भी हो सकती है। यद्यपि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान वाशिंगटन की ओर से नहीं आया है।

इस मामले पर तेहरान की भी खामोशी है। बस चर्चा है कि चीन की बैठक हो सकती है। चीनी राष्ट्रपति की डोनाल्ट ट्रंप के साथ बातचीत की खबरें भी चल रही हैं।  दूसरी ओर तेहरान की ओर से वाशिंगटन के वार को जवाब देने की तैयारी पर भी कई तरह के बयान आए हैं। यद्यपि यह हर बार होता है। अमेरिका पहले से ही युद्ध के लिए अलग-अलग देशों में अपने सैन्य ठिकाने बना रखे हैं। ईरान इन ठिकानों पर भी हमले कर चुका है।

इसका मुख्य सैनिक कमांड खत्म अल अंबिया सेंट्रल हेडक्वाटर भी चेतावनी दे चुका है। अमेरिका या उसके सहयोगी देश किसी प्रकार से ईरान पर हमला करेंगे तो ईरान उसका जवाब देगा। चर्चा तो यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से कहा गया है कि युद्ध रोकने के तीन विकल्प हैं। उन्होंने आर्थिक रूप से ईरान को बर्बाद करने, पूरी तरह से खत्म करने या फिर उससे समझौता करने का विकल्प दिया है।

लाहज तक फैली पर्वत शृंखला में तनाव चल रहा

इसके बाद जवाबी हमले किए जा रहे हैं। जाहिर सी बात है कि इन युद्धों से किसी देश का फायदा नहीं हो रहा है। उधर, कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी शांति की अपील कर रहे हैं। यमन के भी चार लोगों को मार दिया गया है। बताया जाता है कि यह लड़ाई का नतीजा है। हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थितों के बीच संघर्ष चल रहा है। इन युद्धों में भी बराबरी चल रही है। वह भी हानिकारक और मानव जीवन पर खतरे बनकर।

ताइज के पश्चिमी ग्रामीण इलाकों से लेकर लाहज तक फैली पर्वत शृंखला में तनाव चल रहा है। यहां हूती विद्रोहियों के साथ संघर्ष किया जा रहा है। सरी ने कहा कि ताइज, अल-जौफ और मारिब में हमले हुए हैं। हाल में ही अमेरिकी चेतावनी के बीच सीआईए निदेशक जान रैट क्लिफ अब्देल फतह अलसीसी से वाशिंगटन के लोगों ने मुलाकात की थी। यह बैठक ईरान गाजा पट्टी और सूडान को लेकर थी।

समुद्री सुरक्षा को लेकर बैठक में चिंता जताई

युद्ध के साथ-साथ खाड़ी देशों पर हमले और समुद्री सुरक्षा को लेकर बैठक में चिंता जताई गई। अमेरिका की ईरान के साथ चाहे उसमें इजरायल का हमास को लेकर संघर्ष हो दुनिया के कई देश चाहते हैं कि इन युद्ध को किसी भी तरह से रोका जाए। उधर उत्तर कोरिया को भी लेकर सरगर्मी बढ़ी है। सरकारी मीडिया ने सोमवार सुबह तक देश के हालिया मिसाइल लॉन्च को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने रविवार को ईस्ट सी की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों पर कोई टिप्पणी नहीं की। यद्यपि 12 सितंबर को किए गए एक मिसाइल लॉन्च की जानकारी दो दिन बाद दी गई थी।

ये मिसाइल लॉन्च संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाई-लेवल जनरल डिबेट से ठीक पहले हुए हैं। इसकी शुरुआत मंगलवार को अमेरिकी समय के मुताबिक होनी है। इसके अलावा, ये लॉन्च अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस गुरुवार वॉशिंगटन में होने वाली बैठक से भी पहले हुए हैं।

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