Earthquake Earthquake: इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, आईलैंड तक कांपी धरती, सुनामी की भी चेतावनी
खबर सार :-
Earthquake Earthquake: शनिवार तड़के इंडोनेशिया के तट पर 7.7 तीव्रता का ज़बरदस्त भूकंप आया, जिसका केंद्र समुद्र के नीचे 35 किलोमीटर की गहराई में था।
खबर विस्तार : -
Earthquake Earthquake: इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के तट पर शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया। साथ ही सुनामी की भी चेतावनी जारी की गई है। इस भूकंप में दो लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोगों के घायल होने की संभावना है। देश की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भू-भौतिकी एजेंसी (BMKG) ने यह जानकारी दी। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, BMKG ने बताया कि भूकंप का केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में माबे से 36 किमी उत्तर-पूर्व में, 15 किमी की गहराई पर था। भूकंप के बाद BMKG ने सुनामी की चेतावनी जारी की है।
कई इलाकों में तेज झटके
स्थानीय मीडिया ने बताया कि कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए, जिससे घबराए हुए लोग सुरक्षा की तलाश में सड़कों पर निकल आए। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। शुरुआती भूकंप के बाद उसी इलाके में तेज आफ्टरशॉक्स (बाद के झटके) आए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.1 थी। इंडोनेशिया की BMKG ने चेतावनी दी कि भूकंप से सुनामी की लहरें उठ सकती हैं।
BMKG के भूकंप और सुनामी निदेशक, विजयांतो ने कहा, "सुनामी मॉडलिंग के नतीजे बताते हैं कि इस भूकंप से पूर्वी नुसा तेंगारा, दक्षिण सुलावेसी और पश्चिमी नुसा तेंगारा प्रांतों में सुनामी आ सकती है।" इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ़ फायर' पर स्थित है और यहाँ 120 से ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जो इसे दुनिया के सबसे ज्यादा ज्वालामुखी-सक्रिय देशों में से एक बनाता है।
समुद्र के अंदर आया था भूकंप का केंद्र
चूंकि भूकंप समुद्र के नीचे आया था, इसलिए इंडोनेशिया में ज़मीन पर इसके असर के बारे में अभी तक साफ़ जानकारी नहीं है। अब तक किसी के हताहत होने या किसी नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है। अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं और आगे की जानकारी का इंतज़ार है। इंडोनेशिया में भूकंप और ज्वालामुखी की गतिविधियां होती रहती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह 'रिंग ऑफ़ फ़ायर' के पास स्थित है जो प्रशांत महासागर क्षेत्र में ज्वालामुखियों और फ़ॉल्ट लाइनों की एक श्रृंखला है।
अस्पताल से भागने लगे मरीज
अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं और भूकंप से प्रभावित इलाकों में इसके संभावित असर का आकलन कर रहे हैं। अस्पताल में काम करने वाले एक चश्मदीद ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि अचानक सब कुछ हिलने लगा। उन्होंने झटके को बहुत तेज बताया और कहा कि मरीज अस्पताल से भागने लगे।
इंडोनेशिया में खतरनाक भूकंपों का इतिहास
इंडोनेशिया में खतरनाक भूकंपों के इतिहास में 2004 में आया 9.1 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप शामिल है, जो सुमात्रा के तट पर आया था और जिससे सुनामी आई थी। उस घटना में पूरे क्षेत्र में 220,000 लोगों की मौत हुई थी। अकेले इंडोनेशिया में लगभग 170,000 लोग मारे गए थे। 2018 में, इंडोनेशिया के लोम्बोक द्वीप पर एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद अगले कुछ हफ़्तों तक कई आफ्टरशॉक्स आए।
लोम्बोक और पड़ोसी द्वीप सुंबावा में इस आपदा में 550 से ज्यादा लोगों की जान चली गई; ये दोनों ही लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं। उसी साल बाद में, सुलावेसी में एक और बड़ी आपदा आई। इस द्वीप पर 7.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे पालु में विनाशकारी सुनामी आ गई। इस आपदा के कारण 4,300 से ज्यादा लोगों की मौत होने या उनके लापता होने की खबर मिली।
क्यों आता हैं भूकंप
जब पृथ्वी के अंदर टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं या अचानक अपनी जगह से खिसकती हैं, तो ऊर्जा निकलती है। यह ऊर्जा लहरों के रूप में बाहर की ओर फैलती है, जिससे पृथ्वी की सतह हिलने लगती है। इस घटना को हम भूकंप कहते हैं। आप यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की वेबसाइट पर इसके वैज्ञानिक कारणों के बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं।
वेनेजुएला में भूकंप ने मचाई थी तबाही
वेनेजुएला में गत 24 जून को आए भूकंप (Earthquake) ने भारी तबाही मचाई थी। 2 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल हैं। बचाव अभियान अभी भी जारी है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने बताया कि भूकंप के कारण 885 इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और 189 इमारतें ढह गईं। इसके अलावा, अधिकारियों ने आपदा से प्रभावित लोगों के रहने के लिए 59 अस्थायी कैंप बनाए हैं।
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