Bharathiraja: नहीं रहे तमिल सिनेमा के दिग्गज डायरेक्टर भारतीराजा,  84 साल की उम्र में हुआ निधन

खबर सार :-
Bharathiraja Passes Away: प्रसिद्ध तमिल निर्देशक भारतीराजा का निधन हो गया है। दिग्गज डायरेक्टर ने 85 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन पर तमिल फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने दुख जताया है।
Bharathiraja: नहीं रहे तमिल सिनेमा के दिग्गज डायरेक्टर भारतीराजा,  84 साल की उम्र में हुआ निधन
खबर विस्तार : -

Bharathiraja Passes Away: तमिल सिनेमा के दिग्गज डायरेक्टर भारतीराजा का बुधवार को निधन हो गया। वे 84 साल के थे और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। पिछले कई दिनों से चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, भारती राजा ने बुधवार (10 जून) की सुबह अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से तमिल फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। भारतीराजा के लिए साल 2025 भी बहुत मुश्किल भरा रहा। उन्होंने ठीक एक साल पहले ही अपने बेटे मनोज भारतीराजा को खो दिया था; दिल का दौरा पड़ने से उनके बेटे का 48 साल की उम्र में निधन हो गया था।

Bharathiraja Passes Away: खुशबू सुंदर ने जताया दुख

भारतीराजा के निधन पर उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हैं। अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा, "भारतीराजा का निधन तमिल सिनेमा के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनकी फिल्में फिल्म निर्माण की सच्ची पाठशाला हैं और आने वाली पीढ़ियां उनसे सीखती रहेंगी। वह हमेशा मेरे साथ फिल्म बनाने की बात करते थे, लेकिन अब वह सपना अधूरा रह गया है।"

Bharathiraja: फिल्म इंडस्ट्री में बनाई अलग पहचान

भारतीराजा का जन्म 17 जुलाई 1941 को तमिलनाडु के थेनी जिले के अल्ली नगरम गांव में हुआ था। उनके माता-पिता पेरिया मायाथेवर और मीनाक्षी अम्मल थे। हालांकि उनका जन्म का नाम चिन्नासामी था, लेकिन बाद में वे भारतीराजा के नाम से मशहूर हुए। साधारण बैकग्राउंड से आने के बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

भारतीराजा का फिल्मी करियर

अपने करियर के दौरान, उन्होंने लगभग 44 फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी कई फिल्में आज भी क्लासिक मानी जाती हैं। इनमें 'मुधल मरियाधई', 'मन वासनाई', 'पुधुमई पेन', 'वेधम पुधिथु', 'किझाक्कू चीमायिले', 'करुथम्मा' और 'नाडोडी थेंडरल' जैसी यादगार फिल्में शामिल हैं। निर्देशन के अलावा भारतीराजा एक कुशल अभिनेता भी थे। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म 'कल्लुकुल ईरम' से की थी। इसके बाद, वह 'निज़ालगल', 'धवनी कनवुगल', 'इधायम', 'अयुथा एझुथु', 'पांडिया नाडु', 'सीताकाथी', 'मनाडु', 'ईश्वरन' और 'थिरुचित्राम्बलम' जैसी कई फिल्मों में दिखाई दिए।

भारतीराजा ने जीते 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 

अपनी फिल्मों के ज़रिए भारतीराजा (Bharathiraja) ने गांवों की असल ज़िंदगी को बहुत खूबसूरती और सच्चाई से दिखाया। उनके काम में ग्रामीण संस्कृति, रिश्ते और सामाजिक मुद्दों जैसे विषय प्रमुखता से शामिल थे। भारतीराजा ने 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते थे।  पहला अवॉर्ड तेलुगु में बेस्ट फीचर फिल्म के लिए मिला था। 1977 में आई उनकी पहली फिल्म, '16 वायथिनिले' (16 Vayathinile), ने तमिल सिनेमा में क्रांति ला दी थी। इस फिल्म में कमल हासन, रजनीकांत और श्रीदेवी जैसे बड़े कलाकार थे। उन्हें इस फिल्म के लिए बेस्ट डायरेक्टर का तमिलनाडु स्टेट अवॉर्ड मिला था।

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