यूपी और उत्तराखंड के सीएम चीनी को लेकर खफा, हर बाजार पर अधिकारियों की नजर
खबर सार :-
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चीनी के दाम बढ़ने से बेहद नाराज हैं। उन्होंने कहा कि चीनी के पर्याप्त भंडार हैं। उत्तराखंड में भी बाजारों को चेक किया गया है।
खबर विस्तार : -
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों बेहद नाराज चल रहे हैं। मीडिया में लगातार चीनी के दाम बढ़ाने की खबरें आ रही है। अब यह खबरें राष्ट्रीय स्तर की बनने लगी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी को लेकर अफवाह फैलाने वालों और अवैध भंडार करने वालों को हिदायत दे रहे हैं।
2 दिन पहले भी मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जमाखोरी करने वालों के साथ जो कानून काम करेगा, वह हमेशा के लिए कालाबाजारी भूल जाएंगे। उत्तराखंड में भी मुख्यमंत्री स्तर से प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहार के दौरान बढ़ रहे चीनी के दाम सरकार के लिए चिंता का भाव पैदा कर रही है।
उत्तराखंड की सरकार ने अधिकारियों को दिए निर्देश
उत्तराखंड की सरकार ने 11 टीम बनाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों का पालन करते हुए छापामारी अभियान भी शुरू कर दिया गया है। इसका असर यूपी के बॉर्डर पर भी देखा जा रहा है। प्रमुख बाजारों में अफरातफरी का माहौल बन गया है। बता दें की पिछले 1 सप्ताह से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चीनी के बढ़ते दामों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया है।
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बरेली, सहारनपुर, पीलीभीत, हाथरस और लखनऊ में विपक्षी पार्टियों ने सरकार के विरोध में आवाज उठानी शुरू कर दी है। चीनी के दाम इतने बढ़े हुए हैं कि आम आदमी के किचन पर यह अब भार बन रहे है।ं कई स्थानों पर तो ₹70 तक मिल रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों इस बात को राजनीतिक अंदाज में कहा था कि विपक्षी दलों की साजिश है कि वह भ्रम पैदा कर रहे हैं। लेकिन अब चीनी के दामों को लेकर मीडिया में भी खबरें आने लगी हैं। बाजारों में इसके बेइंतहा दाम बढ़ चुके हैं।
70 रुपये तक पहुंच गई है चीनी
जानकारी तो यह भी है कि बड़े व्यापारियों ने चीनी पर पैसा लगाना शुरू कर दिया है। इसका मतलब यह की चीनी जमाखोरी का जरिया बन रही है। आने वाले समय में कई त्यौहार भी हैं, इसीलिए बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकारों की ओर से निगरानी शुरू कर दी गई है। चीनी की जमाखोरी अवैध भंडारण व कालाबाजारी आदि पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश के जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बाजारों में दुकानों का निरीक्षण किया
उत्तराखंड में खाद्य एवं पूर्ति विभाग को चेकिंग करने के लिए कहा गया है। विभाग की 11 टीम में अलग-अलग बाजारों में जाकर छापेमारी करेंगी। इनमें चीनी के स्टॉक उपलब्धता को रखने के लिए पहले दुकानों को चेक करेंगी। पौड़ी, दुगड्डा और अन्य बाजारों में दुकानों का निरीक्षण भी किया गया। टीमों ने जाकर चीनी के स्टॉक चेक किया और नियम अनुसार कारोबार करने की निर्देश दिए हैं।
सपा कर रही माहौल खराब करने की कोशिश
कई स्थानों पर बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने उपभोक्ताओं से भी बात किया है। उन्होंने कहा है कि जहां कहीं भी चीनी के अवैध भंडारण की जानकारी मिले, प्रशासन को वह गुप्त तरीके से बताएं। किसी प्रकार की जमाखोरी या अवैध कारोबार की इजाजत नहीं दी जाएगी। उत्तराखंड से आम उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला पूर्ति अधिकारियों को कहा गया है कि वह लगातार बंजारों की निगरानी करें।
मुख्यमंत्री ने कहा है की चीनी की कमी नहीं है और अवध भंडार करने वालों की वजह से अगर कहीं कमी महसूस होती है तो इस पर सख्त कार्रवाई करें। किसी भी दुकान पर मकान में कालाबाजारी मिलती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई करें। उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है।
एक-दो दिन में इसके परिणाम भी देखे जा सकते
उन्होंने कहा है कि जो लोग चीनी को दबा कर बैठे हैं, वह भूल रहे हैं कि यूपी में किसकी सरकार है। उत्तर प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वह किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सपा माहौल खराब करने के लिए व्याकुल है। इसकी इजाजत हमारी सरकार नहीं दे सकती है। यूपी की सरकार कानून में रहकर ही काम करने भी देती है। बहरहाल, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों ने भी बाजारों की ओर रुख किया है। आने वाले एक-दो दिन में ही इसके परिणाम भी देखे जा सकते हैं।
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