हाथरस: महापंचायत में गूंजे किसानों के मुद्दे, मांगें न मानी जाने पर आंदोलन की धमकी
खबर सार :-
उत्तर प्रदेश के हाथरस के किसानों ने आज अपनी तमाम मांगों के संबंध में एक पंचायत बुलाई थी। इसमें उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांग न मानी गईं तो किसान आंदोलन करेंगे।
खबर विस्तार : -
हाथरस/फर्रुखाबाद : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सादाबाद विधानसभा क्षेत्र के तहसील प्रांगण में शुक्रवार को किसानों की महापंचायत बुलाई गई थी। इस महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। दूर-दूर से पहुंचे किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए एकजुटता पर जोर दिया।
महापंचायत में किसानों ने आलू के बढ़ते भाव और लागत, चीनी के बढ़ते दाम, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, आलू के परिवहन किराए, किसानों की कर्ज माफी तथा फॉर्मर रजिस्ट्री के अलावा कई वस्तुओं और सेवाओं के नफा नुकसान को गिनाया। किसानों ने आम जिंदगी से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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किसानों के कर्ज से अच्छी खबरें नहीं आ रहीं
महापंचायत में किसानों ने सरकार से मांग की कि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाए। खेती के लिए बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाए। कृषि लागत कम करने के लिए किसानों ने सरकार से मांग की है। साथ ही काफी दिनों से आलू किसानों को राहत नहीं मिल रही है। इनकी कई दिक्कतें हैं। महापंचायत में यह मामले भी खूब उठाए गए। एक मामले में कहा गया कि किसानों के कर्ज से अच्छी खबरें नहीं आ रही हैं। इस विषय पर भी सरकार को सोचना चाहिए। मांग की गई कि संबंधित समस्याओं पर ठोस कदम उठाए जाएं।
कहा, एकजुट रहेंगे तो सरकार उनकी सुनेगी
पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने महापंचायत के संबंध में बताया कि किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो वे आगे आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होंगे। महापंचायत के दौरान किसानों ने एकजुट रहने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एकता में ही बल होता है। एकजुट रहेंगे तो सरकार उनकी सुनेगी। इस दौरान पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, पूर्व विधायक अनिल चौधरी आदि के साथ बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
युवकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
फर्रुखाबाद में किसान परिवारों से आए युवकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एक संगठन की ओर से प्रदर्शन किया गया। चेतावनी देते हुए कहा कि इसके बाद वह सिंबोलिक प्रदर्शन नहीं करेंगे। युवकों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों के मन की बात समझ नहीं रही है। वह जिस मूड मीटर पर काम करती थी, उसका ध्यान हटा है।
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