यूपी के कई जिलों में घनघोर बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त
खबर सार :-
यूपी के कई जिलों में घनघोर बारिश हो रही है। इससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। विभाग की ओर से 27 तक मौसम खराब रहने के आसार बताए जा रहे हैं। इस मौसम में फसलें चौपट हो रही हैं।
खबर विस्तार : -
लखनऊ, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का रुख बदल गया है। यहां 26 और 27 सितंबर को भी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार दोपहर को लखनऊ के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलती रहीं। मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि यह मौसम अभी 3 दिन तक बना रह सकता है। गुरुवार को रुक-रुक कर बारिश शुरू हुई थी और शुक्रवार तक बराबर होती रही। मौसम विभाग ने शुक्रवार को अलर्ट जारी कर चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे तक मौसम खराब रह सकता है।
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25 से 29 सितंबर तक यूपी के कई हिस्सों में बारिश होगी
लखनऊ के मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से बताया गया है की 25 से 29 सितंबर तकयूपी के कई हिस्सों में बारिश होगी। यह कहीं ज्यादा तो कहीं कम होगी। कुछ स्थानों पर अतिवृष्ट के रूप में भी देखने को मिल सकती है। विभाग की ओर से बताया गया है कि 26 सितंबर को बहराइच, सिद्धार्थ नगर, श्रावस्ती, बलरामपुर, करीबी जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। रायबरेली, लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी में बारिश की संभावना बनी हुई है।
यही हालत लखनऊ, उन्नाव, कानपुर देहात, कानपुर, हरदोई, कुशीनगर, चंदौली, सोनभद्र में मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की गई है। अभी पश्चिम के कुछ जिलों के बारे में भी खबर आई है कि यहां भी 27 सितंबर को बारिश का मौसम बना रहेगा। इनमें अमरोहा, मुरादाबाद, पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर में भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा पूर्व में देवरियाख् गोरखपुरख् संत कबीर नगरख् महाराजगंजख् सिद्धार्थनगर में तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई ह। रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर आदि जिलों में हवाएं चलेंगी।
बिजली के खंभे गिरने, सड़क और रेल यात्रा पर भी इसका प्रभाव
वहीं बारिश होने के चलते नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी भी दर्ज की जा रही है। प्रयागराज समेत कई जिलों में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पिछले दिनों जहां पर यह जलस्तर घट रहा था, वहीं बड़े शहरों के करीब नदियों का जलस्तर बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, जारी चेतावनी में बताया गया है कि तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे मकान, कमजोर धातु को नुकसान पहुंच सकता है। इस दौरान बिजली के खंभे गिरने, सड़क और रेल यात्रा पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एस एन सुनील पांडे की ओर से बताया गया है कि वातावरण में पर्याप्त नमी स्थानीय चक्रवर्ती हवाओं के कारण मौसम में बदलाव की स्थिति बन रही है। इसका प्रभाव यह है की मौसम खराब रहेगा। खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली खंबे, आज के पास नहीं जाएं।
गन्ना, अरहर, मक्का, मूंगफली, तिल, उड़द, सोयाबीन, तोरिया प्रभावित
वहीं किसा वैज्ञानिक सत्येंद्र कुमार सिंह ने बक्शी का ताल से बताया है कि बारिश के दौरान गन्ना, अरहर, मक्का, मूंगफली, तिल, उड़द, सोयाबीन, तोरिया आदि सब्जियों पर इसका तेज असर पड़ सकता है। पपीता जैसी फसल पर हवाएं अपना प्रभाव जमाएंगी। पेड़ों की टहनियों और डालें के टूटने से भी नुकसान हो सकता है। कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हालांकि चेतावनी का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं। वर्तमान दौर में सबसे अधिक सावधानी 25 से 27 सितंबर के बीच बरतने की सलाह दी गई है।
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