रसोई पर महंगाई की मार, भड़की हिंदू सेना, बोले-चीनी के दाम कम न हुए तो होगा आंदोलन

खबर सार :-

चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सरकार को चेतावनी दी कि यदि दाम कम न हुए तो चुनाव में हिसाब होगा।
चीनी के दाम बढ़ने पर युवकों का गुस्सा फूटा, प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया

खबर विस्तार : -

फर्रुखाबाद : प्रदेश में चीनी की बेतहाशा बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी को लेकर अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सेना ने आज अपनी नाराजगी जता दी है। युवकों ने सरकार तक अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन भी भेजा है। इस दौरान काफी देर तक हंगामे का माहौल बना रहा।

सरकार लोगों के मन की बात समझ नहीं रही

फर्रुखाबाद में बड़ी संख्या में आज युवक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। संगठन की ओर से अभी तो चेतावनी स्वरूप केवल विरोध और प्रदर्शन किया गया है। चेतावनी देते हुए कहा कि इसके आद वह सिंबोलिक प्रदर्शन नहीं करेंग। युवकों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों के मन की बात समझ नहीं रही है। वह जिस मूड मीटर पर काम करती थी, उसका ध्यान हटा है। युवकों की बात रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष शिवम त्रिपाठी के कहा कि उनका संगठन प्रदेश के लाखों लोगों की बात कर रहा है। यदि उनकी परेशानी पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह जाम-प्रदर्शन आदि की ओर ध्यान देंगे।

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उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की सरकार महंगाई पर अंकुश नहीं लगा सकी है। सालभर किसी न किसी बहाने किसानों की बात और उनकी परेशानी तो की जाती है, लेकिन वस्तुएं, फसल आदि खरीदने वाले उपभोक्ताओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ने का दाम बढ़ा, चीनी का भी बढ गया, इसमें आम आदमी को क्या मिला? ज्ञापन में कहा कि सरका का कोई लगाम नहीं रहा। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए बाजार में चीनी के दामों पर तुरंत लगाम लगाने  और जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवम त्रिपाठी हैं।

त्योहारों के ठीक पहले चीनी की कीमत में उछाल

 शिवम त्रिपाठी ने ज्ञापन देते हुए कहा कि आगामी त्योहारों के ठीक पहले चीनी की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। इस उछाल का पैमाना नहीं है। चीनी के दाम आसमान छूने लगे हैं। इससे आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवारों का हाल बेहाल है। उन्होंने कहा कि रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। लिंजीगंज और मन्नीगंज जैसे प्रमुख व्यापारिक बाजारों के गोदामों में चीनी का स्टॉक जमा है। चीनी की भरमार होने के बाद भी यह सस्ती होने के बजाय महंगी हो रही है। नारेबाजी करते हुए युवकों ने जिला प्रशासन से मांग की कि एक विशेष टीम गठित कर बाजार में चीनी के दामों और भंडरों पता कराएं। व्यंग्य करते हुए कह कि चीनी का दाम बता सकते हैं? 

सरकार ने न सुनी बात तो धरना-प्रदर्शन तय

अगर शासन-प्रशासन ने चीनी के बढ़ते दामों पर जल्द से जल्द लगाम नहीं लगाया तो अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सेना सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगी। इसके लिए वह परिणाम भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी की जमाखोरी हो रही है। इस पर नकेल नहीं कसी, तो अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सेना अपनी ताकत दिखा देगी। ज्ञापन देते समय संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। अधिकारियों से मिलने के दौरान भी काफी युवक कार्यालय के बाहर जमा थे। 

चीनी की कीमत बढ़कर 55 से 60 रुपये हो गई

उत्तर प्रदेश में जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान चीनी के दाम में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले कुछ हफ्तों में यह स्थिति हुई है। यहां खुदरा बाजार में चीनी की कीमत बढ़कर 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। पिछले एक महीने में ही इसके दाम लगभग 15 रूपये तक बढाए जा चुके हैं। इसके खिलाफ युवाओं ने मोर्चा खोल रखा है।

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