जय श्री राम के नारे लगा फेंक दी आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही
खबर सार :-
झारखंड की दो परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगाते हुए रांची में छात्रों का आंदोलन चल रहा है। आज इनके मार्च के दौरान एक युवक ने भक्तिपूर्ण नारेबाजी की और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंक दी। इससे माहौल हंगामेदार हो गया।
खबर विस्तार : -
रांची, रांची में राजनीतिक माहौल गर्म हो चुका है। यहां झारखंड की दो परीक्षाओं जेपीएससी और जेएसएससी में धांधली का आरोप लगाया गया है। इस समय यही युवाओं का मुद्दा बना हुआ है। पेपर लीक और परीक्षा सुधारांे की मांग करते हुए छात्र संगठनों की ओर से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। आज शुक्रवार को एक मार्च निकाला गया और इसी मार्च में एक युवक ने माहौल को हंगामेदार बना दिया। अचानक वह आया और जय श्री राम के नारे लगाने लगा। ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर उस युवक ने काली स्याही फेंक दी। इस घटना के कारण काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा।
दिल्ली प्रदर्शन के दौरान नेहा बोर भी शामिल रहीं
वहीं, पुलिस नेे युवक पर कड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोर भी शामिल रहीं। यह आंदोलन तो हंगामेदार रहा और इसमें तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई थी। विधानसभाओं के अलावा देश की संसद तक में मामला गूंजता रहा एक युवक ने इस आंदोलन का विरोध किया और कहा कि संगठन में मौजूद महिला राष्ट्रीय विरोधी क्रियाकलापों में शामिल रहती है। उसने पुलिस को बताया कि उसके अचानक पहुंचने के दौरान जो समझ में आया उसने वही किया।
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पुलिस को युवक ने बताया, नेहा बोरा हैं राष्ट्र विरोधी
मौके पर तैनात रही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में ले लिया। हिरासत में आने के बाद उसने पुलिस को बताया की नेहा बोरा राष्ट्र विरोधी हैं। वह उमर खालिद की समर्थक हैे। दूसरी ओर युवक के स्याही छोड़ने के दौरान माहौल काफी गर्म हो चुका था। युवा नेताओं ने कहा कि साजिश के तहत हमला कराया गया है। यह भी कहा कि भाजपा और आरएसएस के जरिए कराया गया है। सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ स्थानीय अभ्यर्थियों का यह कहना था कि वह नहीं जानते हैं कि कौन बाहरी संगठन या राजनीतिक दल उनके स्वतंत्र छात्र आंदोलन को हाईजैक करें, क्योंकि इसमें मूल मुद्दा जिंदा रखना है।
नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किये
राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप से माहौल राजनीतिक हो जाता है, लेकिन असल परेशानी दब जाती है। युवक के स्याही छोड़ने के तुरंत बाद नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर अपने विचार को साझा किया। उन्होंने कहा कि वे स्याही को गर्व से धारण करती है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के लाठी चार्ज के दौरान जो तकलीफ उठाई। छात्रों के अधिकारों की यह लड़ाई आगे जारी रहेगी। इस घटना के तुरंत बाद बड़ी संख्या में पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन माहौल तनाव पूर्ण रहा है। विधानसभा क्षेत्र और आसपास मार्गों पर शक्ति देखी गई पुलिस प्रशासन आंदोलन को जल्द ही समझा बूझकर समाप्त करना चाहती है, लेकिन युवकों की मांग है कि मुख्यमंत्री उनसे बात करने के लिए आए।
FAQ...
1. राजनीतिज्ञों को नहीं बुलाना चाहते छात्र ?
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वह नहीं जानते हैं कि बाहरी संगठन या राजनीतिक दल के लोग उनके स्वतंत्र छात्र आंदोलन को हाईजैक करें। इसमें मूल मुद्दा जिंदा रखना है। युवकों ने बताया कि राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप से माहौल राजनीतिक हो जाता है। हमें असल परेशानी दबानी नहीं है।
2. आर्थिक मदद से दूरी चाहते हैं प्रदर्शनकारी ?
युवकों ने कहा कि वह किसी से धन या किसी प्रकार की मदद लेने नहीं आए हैं। उन्हें न्याय चाहिए और व्यवस्था में सुधार चाहिए, इसके लिए मुख्यमंत्री को पहल करना होगा। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि किसी का दिया हुआ धन अधिक दिन नहीं चलेगा। दूसरी बात यह है कि वह अपने स्वाभिमान को नहीं खोना चाहते हैं।
3. भाजपा के साथ आरएसएस पर क्यों हैं खफा ?
देश मैं बहुत लोग ऐसे भी हैं, जो आरएसएस के बारे में नहीं जानते हैं। लेकिन किसी न किसी आलोचक से प्रभावित होकर वह आरएसएस की आलोचना कर बैठते हैं। जैसे इस समय देश में कहीं भी कुछ अच्छा या बुरा होता है तो विपक्ष के लोग पहले आरएसएस को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं, लेकिन यह जानना जरूरी है कि आरएसएस बहुत से मौके पर देश की सेवा के लिए अपने संगठन के लोगों को तैयार रखता है।
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