भाजपा नेता कैलाश शर्मा ने मंडालिया मैदा गांव पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से की मुलाकात, दी श्रद्धांजलि

खबर सार :-

भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश शर्मा ने चाकसू के मंडालिया मैदा गांव पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ता प्रहलाद गुर्जर के चाचा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
भाजपा नेता कैलाश शर्मा ने मंडालिया मैदा गांव पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से की मुलाकात, दी श्रद्धांजलि

खबर विस्तार : -

चाकसू: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश शर्मा सोमवार को चाकसू क्षेत्र के मंडालिया मैदा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ता प्रहलाद गुर्जर के चाचा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं, परिजनों को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

कैलाश शर्मा का यह दौरा केवल एक औपचारिक शोक संवेदना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने परिवार के बीच बैठकर उनके दुःख में सहभागी बनने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि किसी प्रियजन को खोने का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और ऐसे समय में परिवार के साथ खड़े रहना सबसे बड़ा मानवीय दायित्व होता है।

व्यक्त की संवेदनाएं

जानकारी के अनुसार दिवंगत के तिये की बैठक दो दिन पहले आयोजित की गई थी। हालांकि, पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के चलते कैलाश शर्मा उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे। बाद में जैसे ही उन्हें अवसर मिला, वे स्वयं मंडालिया मैदा गांव पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि तिये की बैठक में शामिल नहीं हो पाने का उन्हें व्यक्तिगत रूप से खेद था। इसी कारण उन्होंने स्वयं गांव जाकर परिवार से मिलने का निर्णय लिया ताकि दुःख की इस घड़ी में उन्हें यह महसूस न हो कि वे अकेले हैं।

दिवंगत आत्मा को अर्पित की श्रद्धांजलि

परिवार से मुलाकात के दौरान कैलाश शर्मा ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जीवन और मृत्यु प्रकृति का अटल सत्य है, लेकिन किसी अपने के जाने से जो रिक्तता पैदा होती है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। ऐसे समय में समाज और परिवार का साथ ही सबसे बड़ा संबल बनता है।

कार्यकर्ता मेरे परिवार का हिस्सा

कैलाश शर्मा ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके लिए परिवार के सदस्य के समान है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं के समर्पण, मेहनत और निष्ठा से ही संभव होती है। इसलिए जब किसी कार्यकर्ता के परिवार पर दुःख का पहाड़ टूटता है तो उनके बीच पहुंचना केवल राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा, "कार्यकर्ताओं के सुख-दुःख में साथ खड़ा रहना मेरी प्राथमिकता है। यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वर्षों से बने आत्मीय संबंधों का हिस्सा है।"

संगठन की ताकत हैं कार्यकर्ता

भाजपा नेता ने कहा कि संगठन की सफलता के पीछे कार्यकर्ताओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे दिन-रात पार्टी और समाज के लिए कार्य करते हैं। ऐसे में यदि उनके परिवार पर कोई संकट आता है तो संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे उनके बीच पहुंचकर उनका मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में मानवीय संवेदनाएं सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती हैं। किसी परिवार के दुःख में सहभागी बनना ही वास्तविक सामाजिक दायित्व का परिचायक है।

परिवार को दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा

कैलाश शर्मा ने परिवारजनों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस कठिन समय में उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता होगी तो वे हरसंभव सहयोग के लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे । उन्होंने परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पूरा समाज और संगठन इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने परिवार के सदस्यों का हौसला बढ़ाते हुए विश्वास दिलाया कि वे स्वयं भी समय-समय पर उनका हालचाल लेते रहेंगे।

ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

इस अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, भाजपा पदाधिकारी, स्थानीय कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। ग्रामीणों ने कैलाश शर्मा के इस दौरे को संवेदनशीलता और आत्मीयता का परिचायक बताया। उनका कहना था कि किसी कारणवश तिये की बैठक में शामिल न हो पाना अलग बात है, लेकिन बाद में स्वयं गांव पहुंचकर परिवार के बीच बैठना और उनका दुःख साझा करना मानवीय मूल्यों का उदाहरण है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि कैलाश शर्मा के इस दौरे से शोकाकुल परिवार को भावनात्मक संबल मिला। उन्होंने परिवार को यह भरोसा दिलाया कि वे इस कठिन समय में अकेले नहीं हैं और संगठन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। अपने दौरे के अंत में कैलाश शर्मा ने एक बार फिर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि किसी भी परिवार के दुःख में सहभागी बनना समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित लोगों से भी आग्रह किया कि वे शोक संतप्त परिवार का हरसंभव सहयोग करें, ताकि वे इस कठिन समय का साहस के साथ सामना कर सकें।

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