अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या: DGP गौरव यादव ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, जांच जारी

खबर सार :-

अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद DGP गौरव यादव ने घटनास्थल और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। पुलिस ने जांच तेज कर दी है, जबकि कांग्रेस और भाजपा ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।
ASI की गोली मारकर हत्या, DGP ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात

खबर विस्तार : -

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने शुक्रवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने मौके का निरीक्षण करने के साथ ही मृतक पुलिसकर्मी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें अपनी संवेदना व्यक्त की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।

DGP गौरव यादव ने दी जानकारी

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद DGP गौरव यादव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन्होंने घटना से जुड़े स्थान का जायजा लिया है। इससे पहले उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर घटना के समय और परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

DGP के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना रात करीब 12:30 बजे हुई। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने रात करीब 9:30 बजे दोपहिया वाहन पर ASI हरजीत सिंह का पीछा किया था। इसके बाद कथित तौर पर बहुत नजदीक से पिस्तौल से गोली चलाई गई।

पुलिस ने घटनास्थल से एक खाली कारतूस बरामद किया है। DGP ने बताया कि कारतूस को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। घटनास्थल पर खून के धब्बे भी पाए गए हैं, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हरजीत सिंह को पीछे से गर्दन के पिछले हिस्से के पास गोली लगी थी। हालांकि, उनकी मौत की सटीक वजह और अन्य चिकित्सकीय तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

 पुलिस अब हमले में शामिल लोगों की पहचान और घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। घटनास्थल से बरामद कारतूस और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच को मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस की ओर से अभी हमलावरों की पहचान या घटना के मकसद को लेकर अंतिम जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के सवाल

ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और पुलिसकर्मी की हत्या को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया। कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात ASI की गोली मारकर हत्या किया जाना गंभीर मामला है। वेरका ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोग बदलाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कार्रवाई तेज करने की अपील

भाजपा ने भी ASI हरजीत सिंह की हत्या की निंदा की। पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष रविकरण सिंह काहलों ने कहा कि पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं और राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। उन्होंने पंजाब पुलिस से जांच और कार्रवाई तेज करने की अपील की। भाजपा नेता एचएस फूलका ने भी पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टर और ड्रग तस्करों का प्रभाव बढ़ा है और राज्य कठिन दौर से गुजर रहा है।

 हालांकि, इन राजनीतिक बयानों के बीच पुलिस की जांच अभी जारी है। घटना में इस्तेमाल हथियार, बरामद कारतूस, फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच से ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और हमलावरों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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