उधमपुर में ऑपरेशन सों: दो पाकिस्तानी जैश आतंकवादी ढेर, हथियार-गोला बारूद बरामद

खबर सार :-

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में ऑपरेशन सों के दौरान सुरक्षा बलों ने दो पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों को मार गिराया। तलाशी अभियान जारी है और हथियार-गोला बारूद बरामद किया गया है।
उधमपुर में सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन, दो पाकिस्तानी जैश आतंकवादी ढेर

खबर विस्तार : -

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत दो पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों को मार गिराया है। यह कार्रवाई मजालता इलाके में चलाए गए ऑपरेशन सों के दौरान हुई। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मारे गए आतंकवादियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की है। मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी और सैनिटाइजेशन अभियान जारी है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि क्षेत्र में कोई अन्य आतंकवादी छिपा न हो।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भागा जा सकता है, लेकिन छिपा नहीं जा सकता। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन सों में मारे गए दोनों आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे।

हथियार और गोला-बारूद बरामद

अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए आतंकवादियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। बरामद सामान में एके असॉल्ट राइफल की चार मैगजीन, एम4 कार्बाइन की तीन मैगजीन, ग्लॉक पिस्तौल की दो मैगजीन और चार ग्रेनेड शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों और अन्य सामग्री की जांच कर रही हैं। इससे आतंकवादियों की गतिविधियों और उनके संभावित नेटवर्क के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद है।

संदिग्ध गतिविधि की सूचना के बाद शुरू हुआ अभियान

अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम मजालता इलाके में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की पैरा स्पेशल फोर्सेज ने संयुक्त रूप से घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों का आतंकवादियों से संपर्क हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद भी सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी बनाए रखी और तलाशी अभियान को आगे बढ़ाया। मुठभेड़ शुरू होने के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी मौके पर भेजा गया। फिलहाल भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीमें क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं।

स्निफर डॉग और हवाई निगरानी से तलाश

अभियान के दौरान सुरक्षा बल जमीन पर तलाशी के साथ-साथ तकनीकी और हवाई निगरानी की भी मदद ले रहे हैं। किसी संभावित छिपे हुए आतंकवादी का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग की मदद ली जा रही है। दुर्गम और पहाड़ी इलाकों को देखते हुए सुरक्षा बलों के लिए अभियान को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाना जरूरी है। तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही इलाके में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पीर पंजाल क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा गतिविधियां

ऑपरेशन सों ऐसे समय में हुआ है जब पीर पंजाल क्षेत्र में सुरक्षा गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। उधमपुर, रियासी, रामबन, कठुआ, पुंछ और राजौरी के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बलों की ओर से निगरानी और तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। 15 सितंबर को राजौरी पुलिस ने पीर पंजाल क्षेत्र में कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक के रूप में बताई गई थी।

रणनीतिक मार्गों पर हाई अलर्ट

उधमपुर-रियासी रेंज के रणनीतिक मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वाहनों की जांच, नाकाबंदी और क्षेत्र की निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रख रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में पिछले छह महीनों से अधिक समय से आतंकवाद विरोधी अभियान जारी हैं। इन अभियानों का उद्देश्य आतंकवादी समूहों की गतिविधियों पर लगातार दबाव बनाए रखना और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाना है। फिलहाल मजालता इलाके में ऑपरेशन सों के बाद तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा बल आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाकर किसी संभावित खतरे की तलाश कर रहे हैं।

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