EPFO पर बड़ा फैसला: 51 लाख नए कर्मचारियों को PF, पेंशन और बीमा का लाभ, ₹25 हजार हुई सीमा

खबर सार :-

EPFO की अनिवार्य कवरेज सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने के फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे EPF, पेंशन और बीमा कवरेज का दायरा बढ़ेगा। सरकार के अनुसार, यह कदम औपचारिक रोजगार को प्रोत्साहित करने के साथ कर्मचारियों की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मजबूत करेगा। हालांकि, इसके साथ सरकारी व्यय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
EPFO पर कैबिनेट का बड़ा फैसला, वेतन सीमा ₹15 हजार से बढ़कर ₹25 हजार

खबर विस्तार : -

EPFO Salary Limit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी। अब यह सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दी जाएगी। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा-संबद्ध बीमा योजना (EDLI) का लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि यह फैसला देश में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देगा। इसके जरिए अधिक संख्या में कर्मचारियों को संगठित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा और उनकी दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मजबूत होगी।

12 साल बाद बढ़ाई गई वेतन सीमा

EPFO की अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा लंबे समय तक नहीं बदली थी। वर्ष 2004 से 2014 तक यह सीमा ₹10,000 प्रति माह पर स्थिर रही। इसके बाद सितंबर 2014 में इसे बढ़ाकर ₹15,000 किया गया था। अब करीब 12 साल बाद सरकार ने इसमें एक बार फिर बड़ा बदलाव करते हुए सीमा ₹25,000 करने का फैसला किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, पिछले वर्षों में देश में वेतन स्तर, आय और औपचारिक रोजगार में वृद्धि हुई है। कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी भी मौजूदा ₹15,000 की सीमा के करीब पहुंच चुकी है। ऐसे में सरकार के अनुसार EPFO के मौजूदा ढांचे को बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप बनाना जरूरी हो गया था।

15 से 25 हजार वेतन वालों को मिलेगा कवरेज

अब तक ₹15,000 से अधिक मासिक वेतन पर नौकरी शुरू करने वाला नया कर्मचारी स्वतः EPFO के अनिवार्य कवरेज में नहीं आता था। नई सीमा लागू होने के बाद ₹15,000 से ₹25,000 तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों का बड़ा वर्ग अनिवार्य रूप से EPFO के दायरे में आएगा। इससे इन कर्मचारियों को नियमित PF बचत के साथ रिटायरमेंट के लिए पेंशन सुरक्षा और बीमा कवर भी मिलेगा। EPF के जरिए कर्मचारी अपने भविष्य के लिए नियमित बचत कर सकेंगे, जबकि EPS रिटायरमेंट के बाद पेंशन सुरक्षा उपलब्ध कराएगी। वहीं EDLI योजना के तहत बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

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औपचारिक रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार के मुताबिक, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा। अधिक कर्मचारियों के EPFO से जुड़ने पर उन्हें ऐसी सामाजिक सुरक्षा मिलेगी, जो नौकरी बदलने की स्थिति में भी निर्धारित नियमों के तहत जारी रह सकती है। सरकार का मानना है कि औपचारिक रोजगार केवल नियमित वेतन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। नई व्यवस्था इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली है। व्यापक कवरेज से कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा मिलने के साथ नियोक्ताओं को भी अधिक स्थिर कार्यबल बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

सरकार पर बढ़ेगा खर्च

वेतन सीमा बढ़ाने के फैसले का असर सरकारी खर्च पर भी पड़ेगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस निर्णय के बाद वार्षिक सरकारी व्यय करीब ₹11,339 करोड़ हो जाएगा, जबकि मौजूदा बजटीय सहायता लगभग ₹10,250 करोड़ है। अगले पांच वर्षों में इस फैसले पर करीब ₹56,696 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इस प्रस्ताव पर विभिन्न मंत्रालयों के साथ चर्चा की गई थी। 16 जून 2026 को व्यय वित्त समिति ने भी इसकी सिफारिश की थी।

EPFO से जुड़े हैं करोड़ों सदस्य

EPFO देश की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इसके तहत करीब 7.98 करोड़ अंशदाता सदस्य और 7.68 लाख से अधिक प्रतिष्ठान जुड़े हुए हैं। कर्मचारी पेंशन योजना के तहत लगभग 82 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिल रहा है। सरकार के अनुसार, देश की आर्थिक प्रगति में कार्यबल की महत्वपूर्ण भूमिका है। बढ़ती आय और औपचारिक रोजगार के विस्तार के साथ सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना भी जरूरी है। EPFO की वेतन सीमा ₹25,000 करने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार इसे अधिक समावेशी और भविष्य-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानती है।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)....

1. EPFO की नई वेतन सीमा कितनी हो गई है?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने को मंजूरी दी है।

2. इस फैसले से कितने कर्मचारियों को फायदा होगा?

सरकार के अनुसार, वेतन सीमा बढ़ने से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी EPF, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा-संबद्ध बीमा योजना (EDLI) के दायरे में आ सकते हैं।

3. कर्मचारियों को EPFO के तहत कौन-कौन से लाभ मिलेंगे?

नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि (EPF), रिटायरमेंट के बाद पेंशन (EPS) और बीमा सुरक्षा (EDLI) का लाभ मिलेगा। इससे उनकी दीर्घकालिक सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है।

 

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