किसानों का बिगुल: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के खिलाफ महापंचायत का ऐलान
खबर सार :-
राकेश टिकैत के नेतृत्व में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों ने सोमवार को महापंचायत का ऐलान किया है। आबादी निस्तारण, 10% प्लॉट और लीज बैक जैसी मांगों को लेकर तीनों अथॉरिटी के बाहर प्रदर्शन होगा।
खबर विस्तार : -
नोएडा: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्रों के किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को बड़ा प्रदर्शन किया। किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत के नेतृत्व में तीनों प्राधिकरणों के बाहर किसान महापंचायत बुलाई गई। टिकैत सोमवार को सबसे पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य द्वार पर पहुंचे, जहां सुबह से ही भारी संख्या में किसान एकत्रित हो गए थे। किसानों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर उनकी प्रमुख मांगें लिखी हुई थीं। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
अधिकारियों के सामने रखेंगे मांगें
किसानों का आरोप है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। अधिकारियों की ओर से बार-बार बैठकें तो होती रहीं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला। राकेश टिकैत ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि किसान अपनी जायज मांगों को लेकर तीनों अथॉरिटी जाएंगे और अधिकारियों के सामने एक बार फिर अपनी बात रखेंगे। लेकिन इस बार हम सिर्फ सुनने नहीं, बल्कि जवाब मांगने आए हैं।" उन्होंने आगे कहा कि सरकारी अधिकारी पिछले दो वर्षों से किसानों को केवल आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। "किसान अब आश्वासनों पर भरोसा नहीं करते। यह आखिरी बार है जब हम बिना कार्रवाई के लौटेंगे।
किसान महापंचायत में मुख्य रूप से चार प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। पहला मुद्दा आबादी निस्तारण का है। भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को रिहायशी जमीन आवंटित करने का वादा किया गया था, लेकिन कई गांवों में यह प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। दूसरा मुद्दा 10 प्रतिशत प्लॉट का है। अधिग्रहीत भूमि के बदले विकसित प्लॉट देने की योजना को लागू नहीं किया गया। तीसरा मुद्दा शिफ्टिंग और लीज बैक का है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन लीज पर वापस देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इस पर काम नहीं हुआ। चौथा मुद्दा पुनर्वास से जुड़ा है। किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के बाद कई परिवारों को उचित पुनर्वास नहीं मिला।
एकजुट होकर आवाज उठाएंगे किसान
राकेश टिकैत ने साफ किया कि यह आंदोलन केवल ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में किसान नोएडा अथॉरिटी और यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों के सामने भी अपनी मांगें रखेंगे। उन्होंने कहा, कि तीनों क्षेत्रों के किसानों की समस्याएं काफी हद तक समान हैं। इसलिए हमें एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। अलग-अलग होकर कोई सुनने वाला नहीं है। टिकैत ने किसानों से संयम बनाए रखने की अपील की, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सरकार पर साधा तीखा निशाना
प्रदर्शन के दौरान राकेश टिकैत ने राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के चुनावी रणनीति पर भी बात की। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, "पार्टी जहां से चाहे, उतनी सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। यदि पार्टी अन्य राज्यों में भी चुनाव लड़ना चाहती है तो वहां भी लड़े। यह फैसला पार्टी नेतृत्व का है।" उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा। टिकैत ने आरोप लगाया, "चुनाव के दौरान सरकार के लोग बेईमानी करेंगे। पुलिस, ईडी और अन्य ताकतों का गलत इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन जो इन सब चीजों से बच पाएगा, वही जीत हासिल करेगा।" उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
वैकल्पिक मार्गों की हुई व्यवस्था
किसान महापंचायत को देखते हुए प्राधिकरण और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती गई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आसपास के रास्तों पर पुलिस तैनात रही और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। किसान संगठनों ने साफ किया है कि उनकी मांगों का पूर्ण समाधान होने तक वे अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। टिकैत ने कहा, "हम किसान हैं, हमें झुकना नहीं आता। जब तक न्याय नहीं मिलता, यह आंदोलन जारी रहेगा।" यह देखना दिलचस्प होगा कि प्राधिकरण किसानों की इन मांगों पर क्या कार्रवाई करता है।
यह भी पढ़ेंः-यूसीसी पर ओवैसी और उदित राज का हमला, बोले- पहले जाति व्यवस्था खत्म हो
अन्य प्रमुख खबरें
-
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की राजेश खन्ना से रिश्ते को मान्यता की मांग
2026-10-29
-
बनासकांठा में 14000 करोड़ से अधिक की परियोजना का पीएम करेंगे शिलान्यास
2026-10-29
-
युद्धक लक्ष्य भेदने के लिए भारत-इंडोनेशिया के जवानों का फायरिंग अभ्यास
2026-10-29
-
आपरेशन सिंदूर के समय दिखा भारत का आतंकवादियों के खिलाफ दृष्टिकोण
2026-10-29
-
आंधी-तूफान से dhamtari बेहाल, हर जगह-हर वर्ग को हुआ नुकसान
2026-10-29
-
भारत और दक्षिण कोरिया की नौसेनाओं के बीच होगा संयुक्त सैन्य अभ्यास
2026-10-28
-
Karnataka MLC Elections : कांग्रेस का सूपड़ा साफ, NDA ने सभी सीटें जीतीं
2026-10-28
-
चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से कई उड़ानें रद्द, एयरलाइंस को एडवाइजरी जारी
2026-10-28
-
उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश तक Stormy Havoc, कई जिलों में भारी बारिश
2026-10-28
-
Chhath पर विदेशों से आएंगे मेहमान, सजाई जाएगी Delhi
2026-10-27
-
देर रात तक लगाई जा रही मेहंदी, भीड़ के कारण सड़क पर बना लिया पार्लर
2026-10-27
-
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक हजार रुपए के नए नोट की रील्स
2026-10-27
-
भागलपुर में जनप्रतिनिधियों का मिला साथ, एनएच-80 कुआं पुल के लिए खोला मोर्चा
2026-10-27
-
MLC Election Results 2026: चार राज्यों की 28 सीटों पर आज जारी होंगे नतीजे
2026-10-27
-
Weather करवा सकता है खतरनाक पलों का सामना, 28 से एक नवंबर तक कई changes
2026-10-27