EPFO का बड़ा डिजिटल बदलाव: अब पोर्टल नहीं, UMANG ऐप से होगा UAN एक्टिवेशन, जानिए पीएफ खाताधारकों के लिए क्या-क्या बदला

खबर सार :-

ईपीएफओ के नए बदलावों के बाद यूएएन से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख सेवाएं अब UMANG ऐप के माध्यम से उपलब्ध होंगी। आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन से सुरक्षा बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। हालांकि शुरुआती दिनों में क्लेम निपटान में थोड़ी देरी संभव है, लेकिन लंबे समय में यह अपग्रेड पीएफ खाताधारकों के लिए अधिक सुविधाजनक, तेज और भरोसेमंद डिजिटल सेवा सुनिश्चित करेगा।
EPFO का बड़ा डिजिटल बदलाव: अब पोर्टल नहीं, UMANG ऐप से होगा UAN एक्टिवेशन, जानिए पीएफ खाताधारकों के लिए क्या-क्या बदला

खबर विस्तार : -

EPFO New Rules: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के बड़े तकनीकी अपग्रेड के बाद पीएफ खाताधारकों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिए हैं। करीब एक सप्ताह तक चले अपग्रेड के बाद पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया गया है, लेकिन इस बार यूजर्स को सबसे बड़ा बदलाव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से जुड़ी सेवाओं में देखने को मिलेगा। अब यूएएन एक्टिवेशन और नया यूएएन जारी करने की सुविधा ईपीएफओ की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं होगी। इन दोनों सेवाओं को पूरी तरह सरकार के UMANG ऐप पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

ईपीएफओ के अनुसार यह बदलाव डिजिटल सेवाओं को अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। नए सिस्टम में आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) को अनिवार्य किया गया है, जिससे पहचान सत्यापन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो जाएगा और फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होगी।

अब UMANG ऐप से होगा UAN एक्टिवेशन

यदि किसी कर्मचारी का यूएएन अभी तक सक्रिय नहीं हुआ है, तो अब उसे ईपीएफओ पोर्टल की बजाय UMANG ऐप का इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए सबसे पहले मोबाइल में UMANG ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद ऐप में EPFO Services सेक्शन खोलकर ‘UAN Services Through Face Authentication’ विकल्प पर जाना होगा। यहां ‘UAN Activation’ का विकल्प चुनने के बाद आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा। सत्यापन सफल होने पर स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करते ही यूएएन एक्टिव हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में आधार से लिंक मोबाइल नंबर का सक्रिय होना जरूरी है।

नया UAN भी वेबसाइट से नहीं मिलेगा

ईपीएफओ ने अपनी वेबसाइट से नया यूएएन जनरेट करने की सुविधा भी समाप्त कर दी है। अब नए कर्मचारियों या ऐसे सदस्यों को, जिन्हें अभी तक यूएएन नहीं मिला है, UMANG ऐप के जरिए ही आवेदन करना होगा। इसके लिए ऐप में EPFO Services के अंतर्गत ‘UAN Allotment and Activation’ विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करने के बाद आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी। सफल सत्यापन के बाद नया यूएएन जारी कर दिया जाएगा।

पुराने EPF खाते से भी जुड़ जाएगा नया UAN

यदि किसी कर्मचारी का ईपीएफ खाता पहले से मौजूद है लेकिन उसे अभी तक यूएएन प्राप्त नहीं हुआ है, तो भी उसे अलग से कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। UMANG ऐप के जरिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का सत्यापन, सदस्य संबंधी जानकारी भरने और आवश्यक वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद नया यूएएन जारी कर उसे मौजूदा ईपीएफ खाते से लिंक कर दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों को पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करने की सुविधा मिलेगी और दस्तावेजी औपचारिकताएं भी कम होंगी।

EPFO-UAN Activation-UMANG App-UAN Recovery

भूल गए हैं UAN, तो रिकवरी हुई आसान

ईपीएफओ ने यूएएन रिकवरी प्रक्रिया को भी पहले से अधिक आसान बना दिया है। यदि कोई सदस्य अपना यूएएन भूल जाता है, तो उसे केवल अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद पहचान या पते से जुड़े आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी का सत्यापन पूरा होते ही सदस्य अपना यूएएन दोबारा प्राप्त कर सकेगा। इससे उन लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी जिन्हें यूएएन भूल जाने पर पहले लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।

डेथ क्लेम की सुविधा अभी भी पोर्टल पर रहेगी

हालांकि यूएएन से जुड़ी अधिकांश सेवाएं UMANG ऐप पर शिफ्ट कर दी गई हैं, लेकिन ऑनलाइन डेथ क्लेम दाखिल करने की सुविधा अभी भी ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। डेथ क्लेम दाखिल करने के लिए लाभार्थी के पास आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र, कैंसिल चेक या बैंक पासबुक और आवश्यकता पड़ने पर जन्मतिथि संबंधी प्रमाण पत्र होना चाहिए। ईपीएफओ ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी दस्तावेज पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड किए जाएं, प्रत्येक फाइल का आकार 2 एमबी से कम हो तथा फाइल के नाम में स्पेस का उपयोग न किया जाए।

शुरुआती दिनों में क्लेम निपटान में लग सकता है अधिक समय

ईपीएफओ ने सदस्यों को पहले ही आगाह किया है कि पोर्टल अपग्रेड के बाद शुरुआती दो सप्ताह तक क्लेम और अन्य ऑनलाइन अनुरोधों के निपटान में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। संगठन के मुताबिक अतिरिक्त तकनीकी जांच और सुरक्षा सत्यापन के कारण यह देरी हो सकती है। संगठन ने सदस्यों से अपील की है कि वे एक ही आवेदन को बार-बार सबमिट न करें और पीक समय में अनावश्यक रूप से बार-बार लॉगिन करने से बचें। इससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और सभी उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवा मिल सकेगी। ईपीएफओ का कहना है कि यह बदलाव डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और पीएफ सेवाओं को अधिक सुरक्षित, आधुनिक तथा उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान सत्यापन होने से भविष्य में ऑनलाइन सेवाएं अधिक विश्वसनीय होंगी और कर्मचारियों को तेज़ एवं सुरक्षित अनुभव मिलेगा।

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