ग्लोबल टेंशन में चमका सोना-चांदी, कीमती धातुओं की कीमतों में एक प्रतिशत तक का उछाल, फेड संकेतों पर नजर
खबर सार :-
अमेरिका-ईरान तनाव, पश्चिम एशिया की अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने-चांदी को मजबूती दी है। सोमवार को MCX पर दोनों धातुओं में 1 प्रतिशत तक तेजी रही। कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से फेड की नीति पर उम्मीदें बदली हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक जोखिम बने रहने तक बुलियन को समर्थन मिल सकता है, हालांकि तेज उछाल के बाद उतार-चढ़ाव भी संभव है।
खबर विस्तार : -
Gold Silver Rate Today: पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर बनी वैश्विक अनिश्चितता का असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर साफ दिखाई दिया। सोमवार को कारोबार की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी रही। सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से दोनों कीमती धातुओं ने मजबूती दिखाई और शुरुआती कारोबार में इनमें 1 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया। कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बदलती उम्मीदों ने भी सोने की चमक बढ़ाने में भूमिका निभाई।
MCX पर सोना 1.06% तक उछला
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,54,506 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,649 रुपये यानी 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,56,155 रुपये पर खुला। यह सोमवार के कारोबार का शुरुआती उच्च स्तर भी रहा। हालांकि बाद में तेजी कुछ कम हुई और खबर लिखे जाने तक सोना 614 रुपये यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,55,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। इसके बावजूद सोने की मौजूदा कीमत इस साल के रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे है। यानी हालिया तेजी के बावजूद बाजार अभी अपने वार्षिक शिखर से दूर है।
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चांदी में भी जोरदार खरीदारी
सोने के साथ चांदी में भी तेजी देखने को मिली। MCX पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले बंद भाव 2,35,924 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 1,576 रुपये यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,37,500 रुपये पर खुली। कारोबार के दौरान इसमें तेजी और बढ़ी तथा यह 2,555 रुपये यानी 1.08 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,38,479 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गई। हालांकि, चांदी का मौजूदा भाव भी इसके वार्षिक रिकॉर्ड उच्च स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम से काफी नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि कीमती धातुओं में मौजूदा तेजी के बावजूद बाजार अभी अपने उच्चतम स्तरों से दूर है।
पिछले सप्ताह भी बुलियन मार्केट में रही तेजी
कीमती धातुओं में तेजी का सिलसिला केवल सोमवार तक सीमित नहीं है। पिछले सप्ताह MCX पर सोने के वायदा भाव में करीब 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी लगभग 1.9 प्रतिशत मजबूत हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख रहा। कॉमेक्स पर सोने की कीमत करीब 1 प्रतिशत और चांदी में लगभग 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक जोखिमों ने कीमती धातुओं को मजबूत आधार दिया है। खासकर अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के बीच निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ रहे हैं।

कमजोर रोजगार आंकड़ों से सोने को मिला सहारा
अमेरिका में गैर-कृषि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने और मुद्रास्फीति के स्थिर बने रहने से फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आया है। सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम मानी जा रही है। ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद आम तौर पर सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे बिना ब्याज वाले निवेश साधन के रूप में सोने की आकर्षकता बढ़ सकती है। इसके अलावा, व्यापारी अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के कार्यवृत्त और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी नजर बनाए हुए हैं। इनसे आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं और उसी के अनुसार सोने-चांदी की दिशा प्रभावित हो सकती है।
सुरक्षित निवेश की मांग बनी सबसे बड़ा सहारा
मौजूदा वैश्विक माहौल में निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश की मांग अहम बनी हुई है। अमेरिका-ईरान तनाव, पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने को लगातार समर्थन मिल रहा है। जब बाजार में जोखिम बढ़ता है, तो निवेशक अक्सर पोर्टफोलियो में सोने जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों का हिस्सा बढ़ाते हैं। विश्लेषकों ने सोने और चांदी के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है, हालांकि हालिया तेजी के बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव और कुछ समय के लिए स्थिरीकरण की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो कीमती धातुओं की मांग मजबूत रह सकती है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल कई वैश्विक संकेतकों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा, डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक घटनाक्रम प्रमुख कारक होंगे। इसके साथ ही वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में बदलाव भी बुलियन बाजार को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल बाजार में सोने और चांदी को लेकर धारणा सकारात्मक बनी हुई है। हालांकि तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली और अस्थिरता से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के साथ घरेलू वायदा बाजार की कीमतों पर भी बनी रहेगी।
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