Gold Silver Price: सोने में भारी गिरावट, चांदी भी 9000 से ज्यादा हुई सस्ती, चेक करें सेटेस्ट रेट

खबर सार :-

Gold-Silver Prices: सोने की कीमतों में इस भारी गिरावट के कई कारण हैं, जैसे अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना, कच्चे तेल की कमी और ग्लोबल मार्केट में भारी बिकवाली।
Gold Silver Price: सोने में भारी गिरावट, चांदी भी 9000 रुपये तक हुई सस्ती

खबर विस्तार : -

Gold Silver Price: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट का असर मंगलवार को भी देखने को मिला, जिससे कमोडिटी बाजार भी नीचे आ गया। इसका सोने और चांदी पर भी काफी असर पड़ा, जिससे पिछले दो दिनों में इनकी कीमतों में भारी गिरावट आई।

मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बुलियन बाजार पर दबाव बना रहा। पिछले दो दिनों में, MCX पर सोने की कीमतें लगभग 5,000 रुपये गिरकर 1,48,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई हैं, जबकि चांदी की कीमतें 10,000 रुपये से ज्यादा गिरकर 2,25,338 प्रति किलोग्राम पर आ गई हैं। इसके अलावा, आज भी कमोडिटी बाजार में इन धातुओं की कीमतों में गिरावट का रुख जारी है; 5 अक्टूबर के फ्यूचर्स के लिए सोना 600 गिरा है और चांदी लगभग 2,800 गिरी है।

सोने-चांदी की कीमतों में क्यों आर रही गिरावट

दरअसल सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की एक मुख्य वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड है। 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड लगातार ऊंची बनी हुई है; बॉन्ड बाजार में तेजी से आम तौर पर सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं। एक और बड़ा कारण यह है कि अमेरिकी आर्थिक डेटा फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की ओर इशारा कर रहा है। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतें भी लगातार ऊंची बनी हुई हैं। 

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क्या कहते हैं विशेषज्ञ

बाजार के जानकारों की माने तो कीमती धातुओं में गिरावट मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से हुई। जहां इन तनावों ने ग्लोबल एनर्जी की कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है, वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सोने और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश को कम आकर्षक बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड पर दबाव बना रहा; पिछले ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई थी और यह सात हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया था। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले वाशिंगटन के साथ किसी भी समझौते की संभावना को लेकर निराशा जताई है। स्थिति तब और जटिल हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के ईरान के नवीनतम प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशकों की प्राथमिकता सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स (safe-haven assets) से हटकर बेहतर रिटर्न देने वाले निवेशों (yield-based investments) की ओर शिफ्ट हो गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल सोने और चांदी दोनों के लिए आउटलुक सतर्क से लेकर नकारात्मक बना हुआ है। सोने में मजबूती के संकेत के लिए इसे 1.50 लाख से ऊपर के स्तर पर बने रहने की जरूरत है, जबकि चांदी को 2.28 लाख का स्तर पार करना होगा। इसके विपरीत, यदि सपोर्ट लेवल टूटते हैं, तो दोनों धातुओं में और गिरावट का जोखिम बना रहेगा।

FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)....

1. मंगलवार को सोने का भाव क्या रहा?

 एमसीएक्स पर 29 अक्टूबर 2026 का सोने 1,48,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई हैं। जो पिछले दो दिनों में करीब 5,000 रुपये तक की गिरकर देखने को मिली।

2. चांदी का भाव कितने पर कारोबार कर रहा था?

एमसीएक्स पर 29 दिसंबर 2026 का चांदी 2,25,338 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था। दोनों में इसमें 10,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

3. सोने की कीमतों पर फिलहाल किन कारकों का असर है?

डॉलर इंडेक्स के 100 के ऊपर जाने से सोने पर दबाव है, जबकि कच्चे तेल की गिरती कीमतें इसे समर्थन दे रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सोना सीमित दायरे में रह सकता है।

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