अमेरिका-ईरान तनाव से सोना-चांदी धड़ाम, चांदी की कीमत 1.6 प्रतिशत तक फिसली

खबर सार :-

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोने और चांदी में शुक्रवार को दबाव बढ़ा, लेकिन निचले स्तरों से रिकवरी ने पूरी तरह मंदी की तस्वीर नहीं बनाई। सोने के लिए 1,51,000 रुपये और चांदी के लिए 2,31,000 रुपये अहम सपोर्ट हैं। आगे भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर और निवेशकों की जोखिम धारणा इन दोनों धातुओं की चाल तय करेंगे। तकनीकी संकेत फिलहाल सावधानी का संकेत दे रहे हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव से सोना-चांदी धड़ाम

खबर विस्तार : -

Gold Silver Price today: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने शुक्रवार को कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की ईरान के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाने की चेतावनी के बाद निवेशकों ने सोने-चांदी में मुनाफावसूली की। एमसीएक्स पर दोनों धातुओं में तेज गिरावट दर्ज हुई, हालांकि निचले स्तरों से कुछ रिकवरी भी आई। अब बाजार की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी है।

सोने का भाव 1.52 लाख के करीब

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना वायदा शुक्रवार को दबाव में रहा। कारोबार के दौरान यह अपने पिछले बंद भाव 1,53,466 रुपये से 1,543 रुपये यानी करीब 1 प्रतिशत टूटकर 1,51,923 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से गिरावट कुछ कम हुई। खबर लिखे जाने तक सोना 866 रुपये यानी 0.64 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,52,480 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। सत्र के दौरान सोने ने 1,53,200 रुपये का इंट्रा-डे उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव कायम रहा। इससे संकेत मिलता है कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली को प्राथमिकता दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें.....अमेरिका-ईरान तनाव के बीच चमका सोना-चांदी, निवेशकों की रुचि ने बढ़ाई खरीदारी

चांदी में 1.65% तक की गिरावट

सितंबर डिलीवरी वाली चांदी वायदा में सोने के मुकाबले ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान चांदी 3,897 रुपये यानी 1.65 प्रतिशत गिरकर 2,31,550 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंच गई। हालांकि बाद में इसमें भी कुछ रिकवरी हुई और खबर लिखे जाने तक चांदी 1,951 रुपये यानी 0.83 प्रतिशत नीचे कारोबार करती नजर आई। चांदी ने सत्र में 2,33,982 रुपये का ऊपरी स्तर भी छुआ। मगर ऊपरी स्तरों पर बिकवाली बढ़ने से यह अपनी शुरुआती मजबूती कायम नहीं रख सकी। विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी में औद्योगिक मांग और वैश्विक जोखिम धारणा दोनों का असर दिखाई दे रहा है।

ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई ने बढ़ाई चिंता

कीमती धातुओं में दबाव की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान तनाव को माना जा रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की ओर से ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व आर्थिक कदम उठाने की चेतावनी के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। अमेरिका की ओर से ईरान के आर्थिक अलगाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी जैसी रणनीतियों पर विचार किए जाने की खबरों ने निवेशकों को सतर्क किया है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में समर्थन मिलता है। हालांकि इस बार डॉलर, कच्चे तेल की चाल और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता जैसे कारकों ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। बाजार अब यह आंकलन कर रहा है कि तनाव कितना लंबा चलता है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ता है।

Gold Silver Price today

सोने में 1.53 लाख का स्तर अहम

तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, एमसीएक्स सोना हाल के 1,55,500 रुपये के आसपास के उच्च स्तर से दबाव में आया है और अब 1,52,500 रुपये के करीब कारोबार कर रहा है। सोने के लिए 1,53,000 से 1,53,500 रुपये का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है। इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकने पर अगला लक्ष्य 1,54,000 से 1,54,500 रुपये हो सकता है। वहीं नीचे की ओर 1,52,000 से 1,51,500 रुपये का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट है। 1,51,000 रुपये का स्तर अपेक्षाकृत मजबूत सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह स्तर भी टूटता है तो निकट अवधि में सोने पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।

संकेतक दे रहे कमजोरी के संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार, सोना अभी भी अपने प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे व्यापक तकनीकी तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं हुई है। हालांकि एमएसीडी संकेतक तेजी की गति कमजोर पड़ने का संकेत दे रहा है। आरएसआई भी ओवरबॉट जोन से नीचे आया है, जिससे निकट अवधि में उतार-चढ़ाव और दबाव की संभावना बढ़ गई है।

चांदी के लिए 2.32 लाख रुपये अहम

चांदी के तकनीकी चार्ट पर 2,32,000 रुपये के आसपास महत्वपूर्ण सपोर्ट देखा जा रहा है। इसके नीचे 2,31,500 से 2,31,000 रुपये का क्षेत्र अगला मजबूत सपोर्ट बन सकता है। चांदी 20-दिवसीय ईएमए के नीचे फिसल चुकी है, जबकि एमएसीडी भी तेजी की कमजोर होती रफ्तार का संकेत दे रहा है। आरएसआई में नरमी भी निकट अवधि में दबाव की ओर इशारा करती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चांदी 2,32,000 रुपये के नीचे टिकती है तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके विपरीत, इस स्तर के ऊपर टिकाव आने पर दबाव कुछ कम हो सकता है। फिलहाल सोने और चांदी की अगली दिशा वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता से तय होगी। अमेरिका-ईरान तनाव में किसी भी बड़े बदलाव का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें...अप्रैल-जुलाई में 2.44% बढ़ा कुल निर्यात; सोने-चांदी से जड़ित आभूषणों और लैब-ग्रोन डायमंड ने संभाली कमान

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)...

1. सोने की कीमत शुक्रवार को क्यों गिरी?

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और अमेरिकी वित्त मंत्री की कड़े आर्थिक कदमों की चेतावनी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिससे सोने में बिकवाली बढ़ी।

2. सोने का अगला अहम सपोर्ट स्तर क्या है?

सोने के लिए 1,52,000 से 1,51,500 रुपये का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट है, जबकि 1,51,000 रुपये को मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

3. चांदी में आगे कितनी गिरावट संभव है?

अगर चांदी 2,32,000 रुपये के नीचे टिकती है, तो 2,31,500 से 2,31,000 रुपये का क्षेत्र अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है।

अन्य प्रमुख खबरें