गांवों में PhonePe का बड़ा विस्तार, 20 हजार भर्तियां और 50 लाख डिवाइस से बढ़ेगी डिजिटल पेमेंट की पहुंच
खबर सार :-
फोनपे अगले साल 20 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती और 50 लाख से अधिक पेमेंट डिवाइस लगाने की तैयारी में है। करीब आधे डिवाइस ग्रामीण भारत में लगेंगे, जिससे छोटे कारोबारियों तक डिजिटल भुगतान की पहुंच बढ़ सकती है।
खबर विस्तार : -
PhonePe Rural India: डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे ने भारत के कस्बों और गांवों में अपने मर्चेंट नेटवर्क के विस्तार की रफ्तार बढ़ाने की योजना का ऐलान किया है। कंपनी अगले एक साल में अपने पेरोल पर 20,000 से अधिक फ्रंटलाइन सेल्स कर्मचारियों की भर्ती करेगी। इसके साथ ही अगले 12 महीनों में 50 लाख से अधिक पेमेंट डिवाइस लगाने की तैयारी है।
फोनपे के मुताबिक, इन डिवाइस में स्मार्टस्पीकर और पीओएस डिवाइस शामिल होंगे। प्रस्तावित डिवाइस में करीब 50 प्रतिशत ग्रामीण भारत में लगाए जाएंगे। इससे टियर-6 कस्बों और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की सुविधा का विस्तार होगा।
गांवों तक पहुंचेगा पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर
फोनपे का यह विस्तार खास तौर पर उन छोटे कारोबारियों को डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जोड़ने पर केंद्रित है, जहां डिजिटल पेमेंट का बुनियादी ढांचा अभी और गहरा किए जाने की जरूरत है। कंपनी के बड़े फ्रंटलाइन कार्यबल के जरिए छोटे कस्बों और गांवों में कारोबारियों तक सीधे पहुंच बनाने, उन्हें डिजिटल भुगतान से जोड़ने और पेमेंट डिवाइस लगाने में मदद मिलेगी। कंपनी की योजना केवल डिवाइस लगाने तक सीमित नहीं है। नए कर्मचारियों के जरिए कारोबारियों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने और उन्हें लगातार सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल और मर्चेंट नेटवर्क की पहुंच बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
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एमडीआर फ्रेमवर्क से निवेश को गति
फोनपे ने कहा कि हाल में घोषित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) फ्रेमवर्क से कंपनी को मर्चेंट नेटवर्क के विस्तार के लिए लंबे समय का दृष्टिकोण अपनाने और निवेश बढ़ाने का अवसर मिला है। छोटे कारोबारियों के विस्तार के लिए एमडीआर से जुटाई गई राशि का 5 प्रतिशत निर्धारित करने जैसे समर्पित फंड की पहल भी इन निवेशों को गति दे रही है। कंपनी के अनुसार, इसका प्रभाव विशेष रूप से टियर-6 कस्बों, गांवों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। इन इलाकों में पेमेंट स्वीकार करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबारी सहायता को मजबूत करने से डिजिटल भुगतान की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नए श्रम कानूनों से भर्ती में आसानी
फोनपे ने यह भी कहा कि पिछले साल लागू की गई नई श्रम संहिताएं प्रक्रियाओं को सरल बनाकर बड़े पैमाने पर भर्ती करने में मदद कर रही हैं। कंपनी के अनुसार, इससे बड़ी संख्या में ऑन-रोल कर्मचारियों को अपेक्षाकृत सुगमता से शामिल करने में मदद मिल रही है। 20,000 से अधिक नए फ्रंटलाइन कर्मचारियों की भर्ती कंपनी के मर्चेंट विस्तार कार्यक्रम का अहम हिस्सा होगी। यह कार्यबल ग्रामीण और छोटे शहरों में स्थानीय कारोबारियों के साथ संपर्क बढ़ाने, डिजिटल भुगतान संबंधी जरूरतों को समझने और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में भूमिका निभाएगा।
छोटे कारोबारियों को औपचारिक वित्त से जोड़ने पर जोर
भारत दुनिया के बड़े डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में शामिल है। इसके अगले चरण में छोटे कारोबारियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक व्यापक रूप से शामिल करने के लिए मर्चेंट पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश महत्वपूर्ण हो सकता है। फोनपे का प्रस्तावित विस्तार इसी अवसर को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। डिजिटल रूप से सक्रिय और केवाईसी-अनुपालन वाला मर्चेंट नेटवर्क कारोबारियों की आर्थिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित तरीके से सामने लाने में मदद कर सकता है। इसके साथ पात्र कारोबारियों के लिए औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
इन सेवाओं में कर्ज देने वाली संस्थाओं की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण भी शामिल हैं। ऐसे में पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार केवल लेनदेन की सुविधा तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि छोटे कारोबारियों को व्यापक औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में भी भूमिका निभा सकता है। फोनपे के प्रस्तावित निवेश का बड़ा हिस्सा ग्रामीण भारत में डिवाइस लगाने और स्थानीय स्तर पर फ्रंटलाइन कर्मचारियों की मौजूदगी बढ़ाने पर केंद्रित है। अगले 12 महीनों में होने वाला यह विस्तार देश के छोटे शहरों और गांवों में डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की क्षमता को और व्यापक बनाने की दिशा में कंपनी की रणनीति को दर्शाता है।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)....
1. PhonePe कितने कर्मचारियों की भर्ती करेगा?
PhonePe अगले एक साल में 20,000 से अधिक फ्रंटलाइन सेल्स कर्मचारियों की भर्ती करेगा।
2. कंपनी कितने पेमेंट डिवाइस लगाएगी?
अगले 12 महीनों में 50 लाख से अधिक स्मार्टस्पीकर और पीओएस डिवाइस लगाए जाएंगे। इनमें करीब 50 प्रतिशत ग्रामीण भारत में लगाए जाने की योजना है।
3. इस विस्तार से छोटे कारोबारियों को क्या फायदा होगा?
छोटे कारोबारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने, केवाईसी पूरा करने और औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
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