सेंसेक्स 728 अंक उछला, निफ्टी भी 23,600 के पार; कच्चे तेल में नरमी और एफआईआई खरीदारी से बाजार में तेजी
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी रही। सेंसेक्स 728 अंक से ज्यादा उछला, जबकि निफ्टी 23,600 के पार पहुंचा। कच्चे तेल में नरमी, मजबूत नतीजों और एफआईआई की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।
खबर विस्तार : -
Indian stock market: भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भी जारी रहा। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार ने हरे निशान में शुरुआत की और शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स तथा निफ्टी में जोरदार उछाल देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, कंपनियों के बेहतर दूसरी तिमाही के नतीजे और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। खरीदारी के दम पर बीएसई सेंसेक्स दिन के कारोबार में 700 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी भी करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
सेंसेक्स 76,400 के करीब, निफ्टी ने 23,600 का स्तर छुआ
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 75,692.78 से 595.87 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,288.65 पर खुला। बाजार में खरीदारी बढ़ने के साथ सेंसेक्स ने तेजी पकड़ी और एक समय 728.70 अंक यानी 0.96 प्रतिशत उछलकर 76,421.48 के इंट्रा-डे उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 भी मजबूती के साथ खुला। पिछले कारोबारी सत्र में 23,440.80 पर बंद हुआ निफ्टी 141.45 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,582.25 पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें भी तेजी बढ़ी और यह 198.40 अंक यानी 0.84 प्रतिशत उछलकर 23,639.20 के स्तर तक पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में आई तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल दिखाई दिया। खासतौर पर बड़े और मजबूत कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला।
वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
सेक्टोरल आधार पर देखें तो वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा केमिकल, एफएमसीजी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी मजबूती रही। इन क्षेत्रों के सूचकांक 0.77 प्रतिशत तक चढ़े। प्राइवेट बैंक, सीमेंट, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इससे बाजार की तेजी को व्यापक आधार मिला। हालांकि, सभी सेक्टरों में खरीदारी का रुझान नहीं रहा। हेल्थकेयर और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके कारण इन सेक्टरों पर दबाव देखने को मिला। इसके बावजूद प्रमुख सूचकांकों की मजबूती ने बाजार के सकारात्मक रुख को बनाए रखा।
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कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक और घरेलू परिस्थितियां फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के लिए अनुकूल दिखाई दे रही हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट इसका एक प्रमुख कारण है। कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 104 डॉलर प्रति बैरल तक आने से भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत को लेकर सकारात्मक उम्मीदें बढ़ी हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में कमी से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की परिचालन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके अलावा बेहतर कॉरपोरेट नतीजों ने भी निवेशकों को शेयरों में खरीदारी के लिए प्रोत्साहित किया है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वैश्विक निवेशों में आई नरमी से निवेशकों का ध्यान भारतीय बाजारों की ओर बढ़ सकता है। विदेशी निवेशकों की वापसी को भी बाजार के लिए अहम सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
तकनीकी संकेत दे रहे तेजी जारी रहने के संकेत
तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से भी बाजार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी ने करीब 23,170 के स्तर पर मौजूद अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) को दोबारा हासिल कर लिया है। इसे बाजार की मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इसके साथ ही निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) बढ़कर 61.03 पर पहुंच गया है। आरएसआई का यह स्तर बाजार में सकारात्मक गति और खरीदारी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। वहीं, पुट-कॉल रेशियो (पीसीआर) 1.28 पर पहुंच गया है, जो डेरिवेटिव बाजार में तेजी के रुझान का संकेत देता है। तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,200 से 23,300 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोन के रूप में काम कर सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 23,600 से 23,700 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस प्रतिरोध स्तर को मजबूती से पार करने में सफल रहता है, तो बाजार में तेजी को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।
वैल्यू बायिंग और शॉर्ट कवरिंग से बाजार को मिला सहारा
बाजार में जारी तेजी के पीछे वैल्यू बायिंग और शॉर्ट कवरिंग को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया गिरावट के दौरान निवेशकों ने कई मजबूत लार्जकैप कंपनियों के शेयरों में खरीदारी की थी। अब बाजार में सुधार के साथ इन निवेशों का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। दूसरी ओर, कई मंदड़ियों ने यह उम्मीद करते हुए मजबूत कंपनियों के शेयरों में शॉर्ट पोजीशन बनाई थी कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहेगी। लेकिन एफआईआई की खरीदारी लौटने और बाजार की दिशा बदलने से इन निवेशकों को अपनी शॉर्ट पोजीशन कवर करनी पड़ रही है। इससे बाजार में खरीदारी का दबाव और बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत कंपनियों में सही मूल्यांकन पर धैर्य के साथ निवेश करना लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है। हालांकि, निवेशकों को बाजार की अस्थिरता और वैश्विक घटनाक्रमों को ध्यान में रखकर फैसले लेने चाहिए।
एफआईआई ने खरीदे 3,114 करोड़ के शेयर, डीआईआई ने की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार की तेजी को मजबूती दी है। सोमवार को एफआईआई ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में शुद्ध खरीदारी जारी रखी। उन्होंने भारतीय इक्विटी बाजार में 3,114 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार दूसरे दिन बिकवाली की। इस दौरान डीआईआई ने 392 करोड़ रुपये की शुद्ध इक्विटी बिक्री की। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के बावजूद बाजार में तेजी का रुख बना रहना निवेशकों के बदलते रुझान को दर्शाता है।
अमेरिकी चुनावों और वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी नजर
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों और उनसे जुड़े वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगी। इन घटनाओं का असर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों, निवेश प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल भारतीय बाजार को बेहतर कॉरपोरेट नतीजों, कच्चे तेल की नरमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से समर्थन मिल रहा है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों को सतर्कता बनाए रखने की जरूरत होगी।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)…
1. शेयर बाजार में तेजी की प्रमुख वजह क्या रही?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, कंपनियों के मजबूत दूसरी तिमाही के नतीजे और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी बाजार में तेजी की प्रमुख वजहें रहीं।
2. कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी कितने चढ़े?
सेंसेक्स 728.70 अंक उछलकर 76,421.48 के इंट्रा-डे उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 198.40 अंक बढ़कर 23,639.20 के स्तर तक पहुंच गया।
3. निफ्टी के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,200 से 23,300 का स्तर प्रमुख सपोर्ट और 23,600 से 23,700 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
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