धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना निवेश के लिए भी फायदेमंद, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

खबर सार :-

दीवाली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन सोना और चांदी खरीदने की परंपरा है। इस दिन निवेश के लिए गोल्ड बार, गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं।
धनतेरस पर सोना खरीदें या चांदी? जानें फायदे और जोखिम

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: रोशनी का त्योहार 'दीवाली' बस आने ही वाला है। इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है, जो 6 नवंबर को है। इस दिन लोग सोना और चांदी जैसी कीमती धातुएं खरीदते हैं। धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना सिर्फ एक परंपरा नहीं है, बल्कि इसे निवेश का एक अहम जरिया भी माना जाता है। हालांकि, कम बजट वाले निवेशकों के सामने अक्सर यह उलझन होती है कि वे सोना चुनें या चांदी। ऐसा फैसला सिर्फ भावनाओं के आधार पर नहीं लेना चाहिए; बल्कि अपने बजट, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश के लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए।

सोने को लंबे समय से संपत्ति सुरक्षित रखने का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता है। इसकी मांग हमेशा बनी रहती है और जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से बेचा जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना चाहिए कि सोने के गहने खरीदने पर मेकिंग चार्ज और टैक्स जैसे अतिरिक्त खर्च लगते हैं, जिससे कुल लागत बढ़ जाती है। जानकारों के अनुसार, निवेश के नजरिए से सोने के सिक्के, गोल्ड बार, गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प ज्यादा व्यावहारिक हैं। हालांकि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव आता रहता है, लेकिन चांदी की तुलना में इसे कम अस्थिर माना जाता है।

चांदी में जोखिम की आशंका अधिक

दूसरी ओर, छोटे निवेशकों के लिए चांदी एक सस्ता विकल्प हो सकती है, क्योंकि कम बजट में भी इसकी ज्यादा मात्रा खरीदी जा सकती है। इसके अलावा, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में बढ़ती औद्योगिक मांग, चांदी को और मजबूती देती है। हालांकि, सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, क्योंकि इन पर निवेश की मांग के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों का भी असर पड़ता है। इससे जहां जल्दी मुनाफा कमाने के मौके मिल सकते हैं, वहीं इसमें जोखिम भी ज्यादा होता है।

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निवेश के लिए सोना बेहतर विकल्प

इसे देखते हुए, बाजार के जानकारों का सुझाव है कि अगर आपका मुख्य मकसद संपत्ति को सुरक्षित रखना और एक स्थिर निवेश करना है, तो सोना बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आपका बजट कम है, आप ज्यादा मात्रा में धातु खरीदना चाहते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव को झेलने के लिए तैयार हैं, तो चांदी पर विचार किया जा सकता है। मौजूदा स्थिति का एक और दिलचस्प पहलू यह है कि सोने की कीमत अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 25 प्रतिशत गिर गई है, जबकि चांदी की कीमत में करीब 55 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसे देखते हुए, कई निवेशक मौजूदा हालात को खरीदारी के एक मौके के रूप में देख रहे हैं।

निवेश की अवधि के आधार पर फैसला लें

हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि केवल धनतेरस के दिन एक बार में खरीदारी करने के बजाय, निवेशकों को अपनी व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों और निवेश की अवधि के आधार पर फैसला लेना चाहिए। जो निवेशक शुद्धता, सुरक्षा और स्टोरेज (रख-रखाव) से जुड़ी चिंताओं से बचना चाहते हैं, उनके लिए गोल्ड ETF और सिल्वर ETF जैसे विकल्प उपयोगी हो सकते हैं। इनमें आपको फिजिकल मेटल (असली सोना-चांदी) अपने पास रखने की जरूरत नहीं होती, और निवेश एक एक्सचेंज के जरिए किया जा सकता है।

FAQ

1- धनतेरस 2026 कब है?

इस साल धनतेरस 6 नवंबर को है।

2- निवेश के उद्देश्य से धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

जानकारों के अनुसार, चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए, निवेश के लिए सोना खरीदना ज्यादा सुरक्षित हो सकता है।

3- गोल्ड ETF और सिल्वर ETF पर निवेश क्यों करना चाहिए?

अगर आप धातु की शुद्धता और रखरखाव की समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो गोल्ड ETF और सिल्वर ETF जैसे विकल्पों पर निवेश कर सकते हैं।

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