शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 366 अंक टूटा, निफ्टी 22,700 के नीचे; कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता
खबर सार :-
वैश्विक दबाव, महंगे कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से शेयर बाजार कमजोर रहा। निफ्टी के लिए 22,590 का सपोर्ट और 22,840 का स्तर अहम है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कंपनियों के वैल्यूएशन और संस्थागत निवेश के रुझान पर रहेगी।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market Crash: कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 366.36 अंक यानी 0.50 प्रतिशत टूटकर 73,343.33 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 में 123.60 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,687.75 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि सेंसेक्स 73,005.11 और निफ्टी 22,554.85 के निचले स्तर तक फिसल गए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़ी बिकवाली
बाजार की कमजोरी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 1.04 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.91 प्रतिशत गिर गया। इससे संकेत मिला कि निवेशकों में जोखिम लेने की धारणा कमजोर हो रही है। सेक्टरवार कारोबार में ऑटो, मेटल और हेल्थकेयर शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दिखाई दिया। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांकों में 0.98 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी फार्मा भी 0.78 प्रतिशत कमजोर रहा। इसके अलावा एफएमसीजी, रियल्टी, सीमेंट और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली।
महंगे वैल्यूएशन से व्यापक बाजार पर दबाव
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की तुलना में लार्ज-कैप शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। व्यापक बाजार में कई कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई तेजी का बड़ा हिस्सा तरलता यानी लिक्विडिटी से प्रेरित रहा, जबकि कंपनियों की कमाई में उसी अनुपात में मजबूती नहीं दिखी। इस स्थिति में कई छोटे और मझोले शेयर महंगे स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं। इसके विपरीत, कुछ लार्ज-कैप शेयर अपेक्षाकृत आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं। ऐसे में निवेशकों का रुझान धीरे-धीरे बड़े और स्थापित कारोबार वाली कंपनियों की ओर बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, उचित वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों पर ध्यान देना मौजूदा बाजार में एक संभावित रणनीति हो सकती है। हालांकि, इसके परिणाम सामने आने में समय लग सकता है।
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कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई चिंता
वैश्विक मोर्चे पर कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत से अधिक चढ़कर करीब 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत होती है। इसका असर कंपनियों की लागत, उपभोक्ता मांग और अर्थव्यवस्था की संभावनाओं पर पड़ सकता है। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का ऊंचे स्तर पर बने रहना भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे माहौल में शेयर बाजार में निवेश का जोखिम बढ़ सकता है और ट्रेडर सतर्क रुख अपनाते हुए शॉर्ट पोजिशन बना सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद बाहरी जोखिम बाजार की तेजी को सीमित कर सकते हैं।
निफ्टी के लिए 22,590 का स्तर अहम
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी में हालिया गिरावट और 22,700 के स्तर से नीचे फिसलना बाजार की कमजोरी को दर्शाता है। अब 22,590 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि, मजबूत तेजी के संकेत के लिए सूचकांक को दोबारा 22,840 के ऊपर पहुंचना होगा। इन स्तरों पर बाजार की चाल आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद गिरावट
बुधवार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने करीब 1,022 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी लगभग 1,614 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इसके बावजूद कमजोर वैश्विक संकेतों और महंगे कच्चे तेल ने घरेलू बाजार की धारणा पर दबाव बनाए रखा।
एशियाई बाजार टूटे, अमेरिकी बाजारों में रही तेजी
एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी छाई रही। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब दो प्रतिशत तक गिर गए। इसके उलट, बुधवार को अमेरिकी बाजारों में तेजी दर्ज की गई थी। प्रौद्योगिकी शेयरों में मजबूती के कारण नैस्डैक लगभग एक प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत की बढ़त रही। एआई से जुड़ी कंपनियों के बेहतर कारोबारी नतीजों ने अमेरिकी बाजारों को सहारा दिया। हालांकि, वैश्विक बाजारों के अलग-अलग रुझानों के बीच भारतीय निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल, बॉन्ड यील्ड और निफ्टी के अहम तकनीकी स्तरों पर बनी रहेगी।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)...
1. गुरुवार को सेंसेक्स कितने अंक गिरा?
सेंसेक्स 366.36 अंक गिरकर 73,343.33 पर खुला।
2. निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट लेवल क्या है?
निफ्टी के लिए 22,590 का स्तर अहम सपोर्ट है।
3. शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
कमजोर एशियाई बाजार, महंगा कच्चा तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से बाजार पर दबाव रहा।
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