स्कॉच व्हिस्की आयात पर DRI की जांच तेज, पर्नो रिका के दफ्तर पहुंची टीम; सीमा शुल्क छूट की पड़ताल
खबर सार :-
डीआरआई ने स्कॉच व्हिस्की के आयात और सीमा शुल्क रियायतों की पात्रता की जांच के सिलसिले में पर्नो रिका इंडिया के परिसर का दौरा किया। कंपनी ने सहयोग का भरोसा दिया है। इससे पहले दिल्ली में थोक शराब लाइसेंस को लेकर भी कंपनी को कानूनी चुनौती मिली थी।
खबर विस्तार : -
DRI investigation: स्कॉच व्हिस्की के थोक आयात और सीमा शुल्क में रियायतों की पात्रता को लेकर जांच के बीच राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के अधिकारी पर्नो रिका इंडिया के परिसर पहुंचे। कंपनी ने गुरुवार को अधिकारियों के दौरे की पुष्टि करते हुए कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा चुकी है। यह मामला भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत स्कॉच व्हिस्की के कुछ आयातों के वर्गीकरण और उन पर लागू सीमा शुल्क में छूट से जुड़ा है।
कंपनी ने सहयोग और पारदर्शिता का दिया भरोसा
समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए बयान में पर्नो रिका इंडिया ने कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने उसके परिसर का दौरा किया है। कंपनी के मुताबिक, वह संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई जानकारी उपलब्ध करा रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि हम पुष्टि करते हैं कि राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने हमारे परिसर का दौरा किया। पर्नो रिका इंडिया अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसे अपने पक्ष पर भरोसा है। वह अधिकारियों के सभी सवालों का पारदर्शी और रचनात्मक तरीके से जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, उसने अपने कारोबारी कामकाज में अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की बात कही है।
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भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत आयात की जांच
पर्नो रिका इंडिया के परिसर में अधिकारियों का दौरा उन मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आया है, जिनमें स्कॉच व्हिस्की के आयात पर सीमा शुल्क रियायतों की जांच की बात कही गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय कर अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि पर्नो रिका और डियाजियो सहित शराब कंपनियों ने व्यापार समझौते के तहत कम किए गए शुल्क का लाभ लेने वाले कुछ आयातों का सही वर्गीकरण किया था या नहीं। इस जांच का प्रमुख पहलू यह है कि आयातित स्कॉच व्हिस्की को किस श्रेणी में रखा गया और संबंधित उत्पादों पर सीमा शुल्क में रियायत का लाभ लेने की शर्तें पूरी हुईं या नहीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कंपनियों ने किसी नियम का उल्लंघन किया है। जांच का उद्देश्य आयात के वर्गीकरण और शुल्क संबंधी पात्रता की पड़ताल करना है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारियों ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली के पास स्थित पर्नो रिका इंडिया के मुख्यालय का दौरा किया था। इस दौरान कंपनी से स्कॉच व्हिस्की के आयात से जुड़े विवरण मांगे गए थे। कंपनी ने अपने बयान में जांच में सहयोग करने और अधिकारियों के सवालों का जवाब देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
दिल्ली में थोक शराब लाइसेंस को लेकर भी रही है कानूनी चुनौती
पर्नो रिका इंडिया इससे पहले दिल्ली में थोक शराब लाइसेंस को लेकर कानूनी विवाद के कारण भी चर्चा में रही है। इस साल की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने फ्रांसीसी वाइन एवं स्पिरिट्स कंपनी पर्नो रिका की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें थोक शराब लाइसेंस देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत कंपनी की आपराधिक पृष्ठभूमि है और इस कारण वह एल-1 लाइसेंस पाने के लिए पात्र नहीं है।
अदालत ने लाइसेंस देने से इनकार को माना उचित
अदालत ने दिल्ली के कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में कंपनी के खिलाफ लंबित अभियोजन पर भी विचार किया था। इसके बाद उसने थोक शराब लाइसेंस के लिए कंपनी के आवेदनों को खारिज करने के अधिकारियों के फैसले को उचित ठहराया। अदालत ने निष्कर्ष निकाला था कि मौजूदा स्थिति में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 13(1)(सी) के तहत पर्नो रिका की आपराधिक पृष्ठभूमि है, जिसके कारण वह एल-1 लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अयोग्य है। स्कॉच व्हिस्की के आयात से जुड़ी मौजूदा जांच और दिल्ली में लाइसेंस विवाद अलग-अलग मामले हैं। फिलहाल, डीआरआई की कार्रवाई का केंद्र भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत आयातित स्कॉच व्हिस्की के वर्गीकरण और सीमा शुल्क रियायतों की पात्रता से जुड़े सवाल हैं। कंपनी ने अधिकारियों के साथ सहयोग जारी रखने और अपने पक्ष को पारदर्शी तरीके से रखने की बात कही है।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)...
1. DRI ने पर्नो रिका इंडिया के परिसर का दौरा क्यों किया?
DRI स्कॉच व्हिस्की के थोक आयात के वर्गीकरण और भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत सीमा शुल्क में रियायतों की पात्रता की जांच कर रही है।
2. पर्नो रिका इंडिया ने जांच पर क्या कहा है?
कंपनी ने अधिकारियों के दौरे की पुष्टि की है। उसने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा चुकी है।
3. पर्नो रिका इंडिया का दिल्ली में एल-1 लाइसेंस विवाद क्या है?
दिल्ली हाईकोर्ट ने थोक शराब लाइसेंस देने से इनकार के खिलाफ कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने लंबित अभियोजन और आबकारी कानून के प्रावधानों के आधार पर कंपनी को एल-1 लाइसेंस के लिए अयोग्य माना था।
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