ई-मुद्रा के सुरक्षा मामले की जांच शुरू, 3 दिन में 35% तक टूटे शेयर; कमजोर 'क्रिप्टोग्राफी की' पर उठे सवाल
खबर सार :-
ई-मुद्रा के सुरक्षा मामले ने शेयर बाजार में चिंता बढ़ा दी है। तीन दिनों में शेयर 35% तक टूटे हैं। सरकार की जांच में कमजोर क्रिप्टोग्राफिक की की भूमिका और संभावित जोखिम स्पष्ट होंगे। कंपनी ने घरेलू डिजिटल सिग्नेचर कारोबार पर असर से इनकार किया है।
खबर विस्तार : -
eMudhra investigation: डिजिटल सिग्नेचर और वेबसाइटों की सुरक्षा के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करने वाली कंपनी ई-मुद्रा (eMudhra) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी से जुड़ी सुरक्षा घटना की जांच के लिए सरकार की ओर से विशेष टीम गठित किए जाने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। गुरुवार को कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर दबाव में रहे और पिछले तीन कारोबारी दिनों में इनमें करीब 35 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी थी।
18.66 प्रतिशत तक लुढ़का शेयर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर गुरुवार दोपहर 2 बजे ई-मुद्रा का शेयर 18.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 351.40 रुपये पर कारोबार कर रहा था। सोमवार को कंपनी का शेयर 540.15 रुपये पर था। इस तरह महज तीन दिनों में शेयर की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। लंबी अवधि में भी कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। पिछले छह महीनों में शेयर करीब 30 प्रतिशत और बीते एक साल में 46 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं। सुरक्षा से जुड़ी घटना की जांच की खबर ने शेयर पर दबाव बढ़ाया है। हालांकि, शेयर बाजार में गिरावट के पीछे निवेशकों की धारणा सहित कई कारक हो सकते हैं और जांच के नतीजे अभी सामने आने बाकी हैं।
सरकार ने गठित की विशेष जांच टीम
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि ई-मुद्रा में हुई सुरक्षा घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। यह मामला कंपनी के डिजिटल सर्टिफिकेट कारोबार से जुड़ा है। डिजिटल सर्टिफिकेट इंटरनेट पर वेबसाइटों की पहचान सत्यापित करने और सुरक्षित कनेक्शन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा घटना मुख्य रूप से कंपनी के वैश्विक सर्टिफिकेट कारोबार से संबंधित है। भारत की वेबसाइटों और एप्लिकेशन्स पर इसका प्रभाव बहुत सीमित बताया गया है। सरकार की जांच का उद्देश्य घटना की प्रकृति, संभावित जोखिम और सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को समझना है।
CERT-In की एडवाइजरी के बाद सामने आया मामला
यह घटनाक्रम भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) की एडवाइजरी के बाद सामने आया। साइबर सुरक्षा निगरानी संस्था को ई-मुद्रा की ओर से जानकारी दी गई थी कि उसके कुछ सर्टिफिकेट से जुड़ी निजी क्रिप्टोग्राफिक 'की' की सुरक्षा प्रभावित हुई है। क्रिप्टोग्राफिक की डिजिटल प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता और सुरक्षित ऑनलाइन संचार के लिए अहम होती हैं। इनके माध्यम से डिजिटल पहचान और वेबसाइटों के सुरक्षित कनेक्शन की पुष्टि की जाती है। यदि ऐसी की की सुरक्षा प्रभावित होती है, तो संबंधित सर्टिफिकेट पर भरोसे और संभावित दुरुपयोग को लेकर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, इस मामले में वास्तविक जोखिम और प्रभाव का आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
कंपनी ने घरेलू कारोबार पर असर से किया इनकार
ई-मुद्रा ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से जुड़ी समस्या उसके अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी (TLS) सर्टिफिकेट कारोबार के एक छोटे हिस्से तक सीमित है। कंपनी के मुताबिक, इस घटना का उसके घरेलू डिजिटल सिग्नेचर परिचालन से कोई संबंध नहीं है। TLS सर्टिफिकेट वेबसाइट और उपयोगकर्ता के ब्राउजर के बीच सुरक्षित कनेक्शन स्थापित करने में मदद करते हैं। इनके जरिए वेबसाइट की पहचान सत्यापित करने और डेटा के सुरक्षित आदान-प्रदान को संभव बनाने में सहायता मिलती है। वहीं, डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों की प्रामाणिकता और उनमें किए गए बदलावों की पुष्टि के लिए किया जाता है।
सिस्टम की खामी से बनीं कमजोर क्रिप्टोग्राफिक की
कंपनी के अनुसार, उसके सिस्टम में मौजूद एक खामी के कारण मजबूत क्रिप्टोग्राफिक की के साथ कुछ कमजोर की भी तैयार हो गई थीं। यही तकनीकी समस्या सुरक्षा संबंधी चिंता का केंद्र बनी है। इस तरह की खामी डिजिटल सर्टिफिकेट की विश्वसनीयता और उनके संभावित दुरुपयोग के जोखिम का आकलन करना जरूरी बना देती है। फिलहाल, सरकार की विशेष टीम इस घटना की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों से सुरक्षा संबंधी जोखिम, प्रभावित सर्टिफिकेट और आगे उठाए जाने वाले कदमों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। निवेशकों की नजर अब जांच के निष्कर्षों और कंपनी की ओर से दी जाने वाली अगली जानकारी पर रहेगी। शेयरों में आई तेज गिरावट के बीच यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।
FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)...
1. ई-मुद्रा के शेयरों में भारी गिरावट क्यों आई?
ई-मुद्रा में सुरक्षा संबंधी घटना की जांच के लिए सरकार की ओर से विशेष टीम गठित किए जाने के बाद शेयरों में गिरावट आई। तीन दिनों में कंपनी के शेयर करीब 35% तक टूट गए।
2. ई-मुद्रा में सुरक्षा से जुड़ी क्या समस्या सामने आई है?
कंपनी के अनुसार, सिस्टम की खामी के कारण मजबूत क्रिप्टोग्राफिक की के साथ कुछ कमजोर की भी बन गई थीं। मामला मुख्य रूप से उसके अंतरराष्ट्रीय TLS सर्टिफिकेट कारोबार के एक छोटे हिस्से से जुड़ा है।
3. क्या ई-मुद्रा की सुरक्षा घटना का भारतीय वेबसाइटों और डिजिटल सिग्नेचर पर असर पड़ा है?
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारतीय वेबसाइटों और ऐप्लिकेशन्स पर इसका प्रभाव बहुत सीमित बताया है। कंपनी ने यह भी कहा है कि घटना का उसके घरेलू डिजिटल सिग्नेचर कारोबार से संबंध नहीं है।
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