धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले चेक करें ये 5 बातें, वरना बिल देखकर उड़ जाएंगे होश!
खबर सार :-
धनतेरस पर सोना खरीदते समय सिर्फ भाव नहीं, पूरा बिल जांचें। मेकिंग चार्ज, वेस्टेज, BIS हॉलमार्क-HUID और 3% GST की पुष्टि करें। हर शुल्क का ब्रेकअप मांगें और पक्का बिल लें, ताकि शुभ खरीदारी जेब पर भारी न पड़े।
खबर विस्तार : -
Dhanteras 2026: धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना भारतीय परिवारों की पुरानी परंपरा है। इस मौके पर लोग सोने-चांदी के गहने, सिक्के और बार खरीदना शुभ मानते हैं। इस साल धनतेरस 6 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में बाजार में सोने की खरीदारी को लेकर रौनक बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्वेलरी खरीदते समय केवल सोने का भाव जान लेना काफी नहीं है? आपके फाइनल बिल में कई ऐसे चार्ज जुड़ते हैं, जो खरीदारी का बजट बिगाड़ सकते हैं। इसलिए ज्वेलरी का भुगतान करने से पहले बिल की पांच अहम चीजों की जांच जरूर कर लें।
सोने का भाव: कैरेट के हिसाब से करें कीमत की जांच
सोने की कीमत किसी भी ज्वेलरी बिल का सबसे बड़ा हिस्सा होती है। हालांकि, अलग-अलग ज्वेलर्स के यहां सोने के भाव में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले कम से कम दो-तीन दुकानों पर रेट की तुलना करना फायदेमंद रहेगा। ध्यान रखें कि 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। बिल में प्रति ग्राम दर्ज कीमत आपके खरीदे जा रहे सोने के कैरेट के अनुरूप होनी चाहिए। इसके अलावा, सोने का शुद्ध वजन और उसमें लगे नगों या अन्य सामग्री का वजन भी अलग-अलग दर्ज है या नहीं, यह जरूर देखें।
मेकिंग चार्ज: डिजाइन के नाम पर कितना वसूल रहे पैसे?
मेकिंग चार्ज वह लागत है, जो आभूषण को डिजाइन करने और तैयार करने के लिए ली जाती है। ज्वेलर्स इसे सोने की कीमत का एक निश्चित प्रतिशत या प्रति ग्राम तय राशि के रूप में वसूल सकते हैं। आमतौर पर डिजाइन जितना जटिल होगा, मेकिंग चार्ज उतना अधिक हो सकता है। इसलिए गहना पसंद आने के बाद सीधे भुगतान न करें। पहले पूछें कि मेकिंग चार्ज कितने प्रतिशत या कितने रुपये प्रति ग्राम है। यह भी पता करें कि इसमें छूट या मोलभाव की गुंजाइश है या नहीं। अलग-अलग दुकानों के मेकिंग चार्ज की तुलना करने से काफी बचत हो सकती है।
वेस्टेज चार्ज: कहीं एक ही खर्च दो बार तो नहीं जुड़ रहा?
आभूषण बनाने की प्रक्रिया में सोने की संभावित बर्बादी को आधार बनाकर कुछ ज्वेलर्स वेस्टेज चार्ज भी लेते हैं। यह शुल्क मेकिंग चार्ज में शामिल हो सकता है या अलग से बिल में जोड़ा जा सकता है। ऐसे में ग्राहक के लिए यह समझना जरूरी है कि वेस्टेज के नाम पर कितनी अतिरिक्त रकम ली जा रही है और उसकी गणना किस आधार पर की गई है। अगर मेकिंग चार्ज और वेस्टेज दोनों अलग-अलग लगाए गए हैं, तो ज्वेलर से उनका स्पष्ट ब्रेकअप मांगें। इससे एक ही लागत के लिए दो बार भुगतान करने की आशंका कम होगी।
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BIS हॉलमार्क और HUID: शुद्धता की पहचान करना न भूलें
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए आभूषण पर BIS हॉलमार्क और छह अंकों का HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर जरूर देखें। यह नंबर सोने की शुद्धता और आभूषण की पहचान से जुड़ी जानकारी देता है। ग्राहक BIS Care ऐप के जरिए HUID की जांच भी कर सकते हैं। यदि बिल में हॉलमार्किंग चार्ज अलग से जोड़ा गया है, तो उसका विवरण मांगें। साथ ही आभूषण पर मौजूद हॉलमार्क और बिल में दर्ज जानकारी का मिलान करना न भूलें।

GST: फाइनल बिल में टैक्स की गणना जरूर देखें
सोने के आभूषणों की खरीद पर सामान्य तौर पर 3 प्रतिशत GST लागू होता है। इसकी गणना सोने और मेकिंग चार्ज सहित लागू कुल लेनदेन मूल्य पर की जाती है। इसलिए बिल में GST की राशि और उसकी गणना स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। ग्राहक को यह भी देखना चाहिए कि टैक्स लगाने से पहले सभी शुल्क सही तरीके से जोड़े गए हैं या नहीं। बिना GST विवरण वाले अस्पष्ट बिल के बजाय पूरा टैक्स ब्रेकअप और खरीदारी का पक्का बिल जरूर लें।
निवेश के लिए गहने या गोल्ड कॉइन, क्या चुनें?
बाजार के जानकारों के मुताबिक, धनतेरस पर सोना खरीदते समय केवल बाजार भाव पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। मेकिंग चार्ज, वेस्टेज, शुद्धता और टैक्स जैसे पहलुओं को समझना भी जरूरी है। यदि खरीदारी का उद्देश्य निवेश है, तो सोने के आभूषणों के अलावा सिक्के, बार और गोल्ड ETF जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। आभूषणों में मेकिंग चार्ज और अन्य लागतें जुड़ती हैं, जबकि निवेश के अलग-अलग विकल्पों की अपनी फीस, कीमत और जोखिम हो सकते हैं। इसलिए भुगतान से पहले पूरे बिल को समझें और हर शुल्क का हिसाब मांगें। याद रखें, धनतेरस पर शुभ खरीदारी तभी समझदारी भरी होगी, जब सोने के साथ उसका सही मूल्य भी आपके हाथ में आएगा।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)...
1. धनतेरस पर सोना खरीदते समय किन पांच चीजों की जांच करनी चाहिए?
सोने का भाव, मेकिंग चार्ज, वेस्टेज चार्ज, BIS हॉलमार्क-HUID नंबर और GST की जांच जरूर करनी चाहिए।
2. सोने के आभूषणों पर कितना GST लगता है?
सोने के आभूषणों की खरीद पर सामान्य तौर पर 3 प्रतिशत GST लगता है।
3. सोने की शुद्धता की पहचान कैसे करें?
सोने के गहनों पर BIS हॉलमार्क और छह अंकों का HUID नंबर चेक करें। HUID की पुष्टि BIS Care ऐप से भी की जा सकती है।
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