भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से खुलेंगे व्यापार-निवेश के नए मौके, कारोबारियों, उद्यमियों के लिए अहम

खबर सार :-

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार व निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। एफटीए से दोनों देशों में कारोबारियों, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), उद्यमियों और युवा पेशेवरों के लिए नए मौके पैदा होंगे।
व्यापार-निवेश के नए अवसर देगा भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आपसी रिश्ते एक नए दौर में जा रहे हैं। ग्रीक न्यूज़ पोर्टल डायरेक्टस में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक, दोनों देश पारंपरिक कूटनीतिक मित्रता से आगे बढ़कर व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और रणनीतिक सहयोग पर आधारित व्यापक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं। ग्रीक न्यूज़ पोर्टल में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस दिशा में एक अहम पड़ाव है। यह दोनों देशों में कारोबारियों, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), उद्यमियों और युवा पेशेवरों के लिए नए मौके पैदा करेगा।

इस समझौते का महत्व सीमा शुल्क कम करने से अधिक 

आर्टिकल में कहा गया है कि इस समझौते का महत्व सिर्फ़ कस्टम ड्यूटी कम करने से कहीं ज़्यादा है। यह बाजार तक पहुंच बढ़ाने, सप्लाई चेन को मज़बूत करने, इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने, स्किल और टेक्नोलॉजी के लेन-देन को बढ़ावा देने और दोनों इकॉनमी के बीच मज़बूत बिज़नेस संबंध बनाने के लिए एक फ्रेमवर्क देता है, जो एक-दूसरे को पूरा करने वाली क्षमताएं शेयर करते हैं। 2030 के रोडमैप से मज़बूत हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी इस अर्थ्व्यवस्था जुड़ाव को लंबे समय की दिशा देती है। FTA और इसके साथ होने वाले सहयोग के इनिशिएटिव मिलकर भारत और न्यूज़ीलैंड को ज़्यादा अलग-अलग तरह के, मज़बूत और आपसी फ़ायदे वाले रिश्ते बनाने में मदद कर सकते हैं।

श्रम-प्रधान, विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को फायदा

इस FTA की सबसे खास बातों में से एक है भारत से सभी 8,284 उत्पाद श्रेणियों के एक्सपोर्ट पर न्यूज़ीलैंड से तुरंत ज़ीरो-ड्यूटी छूट की सुविधा देना। इससे भारतीय निर्यातकों को कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने, विदेशी बाजारों में विविधता लाने और विकसित अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने का एक बड़ा मौका मिलेगा। श्रम-प्रधान और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को इस समझौते से खास तौर पर फायदा होने की उम्मीद है। फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण, खेल के सामान, जूते और चमड़े के उत्पाद उन सेक्टर्स में से हैं जिनमें निर्यात की काफी संभावना है। ये उद्योग प्रोडक्शन बढ़ाने, नए ऑर्डर पाने और अपने वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बेहतर बाजार पहुंच का फायदा उठा सकती हैं।

आपसी व्यापार को 3 बिलियन तक बढ़ाने का लक्ष्य 

इस समझौते से एमएसएमई, कारीगरों और महिला उद्यमियों को भी बढ़े हुए मार्केट मौकों से फायदा होने की उम्मीद है। छोटे कारोबारियों को अक्सर ज़्यादा लेनदेन लागत, बाजार से जुड़ी सीमित जानकारी और विदेशों में कारोबारी संबंध बनाने में मुश्किलों की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बेहतर शुल्क सुविधा, संस्थागत सहयोग और कारोबारियों के बीच मजबूत संपर्क इन रुकावटों को दूर करने में मदद करेंगे। आर्टिकल में आगे कहा गया है कि FTA के रणनीतिक ढांचे में 2030 तक सामान के आपसी व्यापार को लगभग $3 बिलियन तक बढ़ाने का लक्ष्य है। ये लक्ष्य दोनों देशों के महत्वाकांक्षा को दिखाते हैं, लेकिन इन्हें हासिल करना असरदार तरीके से लागू करने, बिज़नेस में हिस्सा लेने और कई सेक्टर में लगातार ग्रोथ पर निर्भर करेगा।

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