दीवाली की रौनक बढ़ाएंगी सजावटी वस्तुएं, देशभर की वस्तुओं से सजे बाजार

खबर सार :-

बाजारों में कोलकाता, बनारस, वृंदावन, जयपुर के अलावा कहीं का नाम ले लीजिए, हर जगह पर देशभर की दीवाली पर की जानेवाली सजावट की सामग्री बिक रही है।
चीन की झालरों की शहरों में भरमार, पीतल के बर्तन में पश्चिम यूपी छाया

खबर विस्तार : -

मुरादाबाद, दीवाली पर सजावट का सिलसिला घर-घर चलता रहता है। इस त्योहार पर नई नई चीजें सजाने के लिए बाजार में आ रही हैं। यद्यपि हर साल यहां की वस्तुओं में बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार किसी एक शहर में देशभर की वस्तुएं बेचने को पहुंच रही हैं। इनमें अनोखी झालर का सबसे ज्यादा चलन है। कुछ विदेशी चीजों में चीन की झालर इस बार भी बाजार में छाई हुई है। 
धन तेरस से शुरू होने वाले इस त्योहार की शोभा बर्तन बाजार से शुरू होती है। अमरोहा, मुरादाबाद आदि में पीतल के बर्तन बनाए जाते हैं। इनकी खपत पूरी दुनिया में होती है। 

देशभर में हो रही दीवाली की खरीददारी

व्यापारियों का कहना है कि दीपावली को लेकर बाजारों में साज-सज्जा के सामान की भरमार है। इस बार काशी (बनारस), कोलकाता, जयपुर व गुजरात के बंदनवार से लोगों के घर व मंदिरों के द्वार सजेंगे। यह इस बात का गवाह है कि पूरे देश की सामग्री अमरोहा, संभल और मुरादाबाद में भी पहुंचती है। हर क्षेत्र में फूलों की आर्टिफिशियल लहड़ी, बनारसी फूल, लक्ष्मी माता के चरण, रंगोली कलर, रंगोली सांचे, गौमाता, हैंगिंग, शुभ-लाभ, शुभ दीपावली, अलग-अलग तरह के डिजाइन के आए हुए हैं। यह अनोखे अंदाज में बनाए गए हैं। इनमें एक ओर गम लगा रहता है। जमीन पर चिपकाने वाली वस्तुओं की बाजार में भरमार है।

हर शहर में हैं मिलीजुली चीजें 

दीपावली नजदीक आते ही सजावट के सामान की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगी है। बंदनवार, कंडील, डेकोरेट झालर से लेकर आर्टीफिशियल फूल की खरीदारी बढ़ गई है। जयपुरी हैंगिंग व बंसीवाले गणेश भगवान भी बहुत पसंद किए जा रहे हैं। लखनऊ, दिल्ली और कानपुर में विदेशी झालरों की भरमार है। इस बार की बिजली की झालर में डिजाइन में भी बदलाव है। यह अलग अलग कीमत पर बिक रहे हैं। कोलकाता, बनारस, वृंदावन, जयपुर के फैंसी बंदनवार से लोगों के घर व मंदिरों के द्वार सजेंगे। वहीं घरों को सजाने के लिए भी लोग आर्टिफिशियल सामान खरीदते हैं। इनसे भी दुकानें गुलजार हैं। दीपावली पर घर-आंगन रोशन करने के लिए नए जमाने के चिरागों की दरकार है। वहीं बाजार भी इस बार झालर, दीये और मोमबत्ती के नए लेकर आये हैं। 

मोमबत्तियां भी अब खुशबूदार हो गईं

मोमबत्तियों के पैटर्न और डिजाइन में भी बदलाव देखा जा रहा है। यद्यपि इनमें कलर तो सभी जगह वही रहते हैं, बस डिजाइन में फर्क आया है। अब मोमबत्तियां एक जगह रखी-रखी पिघलतीं नहीं बल्कि तैरती भी हैं। इनके नाम भी शहर शहर अलग अलग रखे गए हैं। इन्हें फ्लोटिंग कैंडलस भी कहा जाता है। कुछ जगह पर खुशबूदार मोमबत्ती भी बिक रही हैं। इनको एरोमेटिक कैंडल कहा जाता है। बाजार में कैंडल के अलावा अलग आकार के रंगीन लैंप भी आए हैं। कुछ बिजली के दीपक पानी से जल रहे हैं। 

बाजारों में बदल गई झूमर की डिजाइन

यद्यपि इनमें सेल का कमाल रहता है। इनके जरिए घरों को आकर्षक लुक दे सकते हैं। कलरफुल कार्ड को अलग-अलग शेप में काटकर तैयार कर सकते वाले बच्चे भी कलाकारी दिखा रहे हैं। वह लैंप की नकल बना रहे हैं। बाजार में इन लैंप्स को लोग सजावट के लिए खूब पसंद कर रहे हैं। बॉल व झूमर के अलावा इस बार तितली, खरबूजा लैंप लोग बेहद पसंद कर रहे हैं। इस बार की दीवाली पर सजाई जाने वाली आरजीबी झालर काफी महंगी हो गई है। जो सौ रूपये में बिका करती थी, उसकी कीमत डेढ सौ रूपये कर दी है। 

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