सेंसेक्स 260 अंक चढ़ा; मेटल और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी, आईटी सेक्टर पर दबाव

खबर सार :-

कच्चे तेल की नरमी और घरेलू लिक्विडिटी के सहारे भारतीय शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ खुला। निफ्टी 23,400 के ऊपर रहा, जबकि मेटल और एफएमसीजी में खरीदारी दिखी। हालांकि ऊंचे वैल्यूएशन और कमजोर तकनीकी संकेत जोखिम बनाए हुए हैं।
कच्चे तेल की नरमी से शेयर बाजार को सहारा, निफ्टी 23,400 के पार

खबर विस्तार : -

Indian Stock Market Updates: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत बढ़त के साथ की। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू स्तर पर चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी से शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख सकारात्मक रहा। सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 260 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,782 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 83 अंक यानी 0.35 प्रतिशत चढ़कर 23,411 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में मेटल और एफएमसीजी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। सेक्टरल इंडेक्स में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी प्रमुख बढ़त वाले सूचकांकों में रहे। इनके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, कमोडिटीज, इंफ्रा, रियल्टी, प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज और ऑटो भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इसके विपरीत निफ्टी आईटी दबाव में रहा।

मिडकैप-स्मॉलकैप में भी तेजी

बाजार की शुरुआती तेजी केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी मजबूती दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 188 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,145 पर था। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 119 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,934 पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एचयूएल, इंडिगो, आईटीसी, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर टीसीएस, इन्फोसिस, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, आईसीआईसीआई बैंक और बीईएल में गिरावट रही।

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घरेलू लिक्विडिटी से व्यापक बाजार को समर्थन

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में भारतीय शेयर बाजार का तकनीकी ढांचा कमजोर रहा है और इसमें गिरावट का रुझान देखने को मिला है। इस स्थिति में स्थायी बदलाव के लिए बड़े बाजार ट्रिगर की जरूरत हो सकती है। हालांकि, मौजूदा मैक्रोइकोनॉमिक परिस्थितियों और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई के दबाव को देखते हुए निकट अवधि में ऐसे ट्रिगर सीमित रहने की बात कही जा रही है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि घरेलू लिक्विडिटी व्यापक बाजार को सहारा दे रही है। बेहतर आर्थिक वृद्धि और आगे की ग्रोथ संभावनाओं के कारण कई मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश रुचि बनी हुई है। हालांकि, इन दोनों सेगमेंट में वैल्यूएशन के ऊंचे स्तर पर पहुंचने से जोखिम भी बढ़ा है।

कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को राहत

मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावनाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में नरमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 98.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे आयात लागत और व्यापक महंगाई पर दबाव कम होने की संभावना बनती है।

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