कच्चा तेल $102 पार, बॉन्ड यील्ड 5.11% पर; मिडकैप-स्मॉलकैप समेत बाजार लाल
खबर सार :-
वैश्विक बाजारों की कमजोरी, 102 डॉलर के पार कच्चा तेल और 5.11% अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ाया। फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली के बीच सेंसेक्स 628 अंक टूटा, जबकि मिडकैप-स्मॉलकैप भी कमजोर रहे।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market News: कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कारोबार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे। फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 628 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,199 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 207 अंक या 0.88 प्रतिशत टूटकर 23,299 पर आ गया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की निगाहें वैश्विक बाजारों के रुख, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर बनी रहीं।
फाइनेंशियल शेयरों ने बाजार पर बनाया दबाव
सेक्टरवार कारोबार में फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 2-2 प्रतिशत की गिरावट के साथ शुरुआती कारोबार के प्रमुख कमजोर सेक्टर रहे। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, मेटल, कमोडिटीज, इंफ्रा, रियल्टी, ऑयल एंड गैस, कंजप्शन और एनर्जी समेत लगभग सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सेंसेक्स पैक में कुछ शेयरों ने बाजार की व्यापक गिरावट के बीच मजबूती दिखाई। टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एचसीएल टेक, टीसीएस और इन्फोसिस शुरुआती कारोबार में बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एमएंडएम, भारती एयरटेल और इटरनल समेत कई शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।
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मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में
बाजार की कमजोरी केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 606 अंक या 0.97 प्रतिशत टूटकर 61,808 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 147 अंक या 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,844 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, बाजार के हालिया रुझान में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में घरेलू लिक्विडिटी के कारण खरीदारी का फोकस बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन सेगमेंट के कुछ ग्रोथ शेयरों में ऊंचे वैल्यूएशन के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड बनी बड़ी चिंता
बाजार विशेषज्ञों ने मौजूदा कमजोरी के पीछे दो प्रमुख वैश्विक संकेतों को अहम बताया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 5.11 प्रतिशत होना भारतीय बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक कच्चे तेल की कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में दबाव बना रहता है, तब तक बाजार में तेज रिकवरी की संभावना सीमित रह सकती है। लार्जकैप शेयरों के वैल्यूएशन अपेक्षाकृत आकर्षक होने के बावजूद उनमें फिलहाल सुस्ती देखी जा रही है। बाजार की दिशा में बदलाव का समय इन वैश्विक संकेतकों के रुख पर निर्भर कर सकता है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी
भारतीय बाजार की शुरुआत ऐसे समय हुई जब अधिकांश प्रमुख वैश्विक बाजार दबाव में थे। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे घरेलू बाजार में भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)....
1. भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.11% पहुंचने से बाजार पर दबाव रहा।
2. किन शेयरों और सेक्टरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही?
फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 2% की गिरावट रही। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे शेयर दबाव में रहे।
3. क्या मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी गिरे?
हां। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.97% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 0.74% गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
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