SS रिटेल की धमाकेदार लिस्टिंग, IPO निवेशकों को 48% मुनाफा; शेयर ने 639 रुपये पर दी दस्तक
खबर सार :-
एसएस रिटेल की शेयर बाजार में मजबूत लिस्टिंग ने IPO निवेशकों को शुरुआती बढ़त दी। राजस्व, मुनाफे और EBITDA में वृद्धि के साथ नेटवर्थ भी बढ़ा, हालांकि कंपनी का कर्ज भी लगातार बढ़ा है।
खबर विस्तार : -
SS Retail IPO: मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री करने वाली मल्टी-ब्रांड रिटेल चेन एसएस रिटेल लिमिटेड ने शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत की है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 50 फीसदी प्रीमियम पर हुई। इस मजबूत शुरुआत से IPO में शेयर हासिल करने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही अच्छा रिटर्न मिला।
कंपनी ने IPO के तहत शेयर 424 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे। बुधवार को बीएसई पर एसएस रिटेल का शेयर 50.73 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 639.10 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। वहीं, एनएसई पर शेयर की लिस्टिंग 47.17 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 624 रुपये पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली, फिर संभला शेयर
शानदार लिस्टिंग के बाद शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके कारण शेयर दबाव में आया और एक समय 603 रुपये के स्तर तक फिसल गया। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदार सक्रिय हुए और शेयर में दोबारा तेजी देखने को मिली। सुबह 11:15 बजे तक शेयर करीब 630.30 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस भाव पर IPO के 424 रुपये के इश्यू प्राइस की तुलना में निवेशकों को प्रति शेयर 206.30 रुपये, यानी करीब 48.66 प्रतिशत का अंतर दिख रहा था। हालांकि, शेयर बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं और शुरुआती लिस्टिंग लाभ कायम रहना जरूरी नहीं है।
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500 करोड़ रुपये के IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
एसएस रिटेल का 500 करोड़ रुपये का IPO 16 से 18 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इश्यू को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली और यह कुल मिलाकर 107.41 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB के लिए आरक्षित हिस्सा, एंकर बुक को छोड़कर, 214.22 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII का हिस्सा 150.33 गुना, जबकि रिटेल निवेशकों का आरक्षित हिस्सा 35.81 गुना सब्सक्राइब हुआ।
नए शेयर और OFS से जुटाई रकम
IPO में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,18,10,182 शेयर जारी किए गए। इनमें करीब 360 करोड़ रुपये के 85,08,298 नए शेयर शामिल थे। इसके अलावा करीब 140 करोड़ रुपये के 33,01,884 शेयर ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए पेश किए गए। नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी नए स्टोर्स की स्थापना और फिटआउट, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, पुराने कर्ज को कम करने, IPO से संबंधित खर्चों और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
मुनाफा और राजस्व में लगातार बढ़ोतरी
सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में एसएस रिटेल का शुद्ध लाभ 26.65 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 39.86 करोड़ रुपये और 2025-26 में 59.28 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह कंपनी का कुल राजस्व 2023-24 में 1,208.04 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1,599.96 करोड़ रुपये और 2025-26 में 2,352.85 करोड़ रुपये हो गया।
EBITDA बढ़ा, लेकिन कर्ज भी हुआ ज्यादा
कंपनी का EBITDA भी इस अवधि में लगातार बढ़ा। 2023-24 में यह 56.50 करोड़ रुपये, 2024-25 में 80.44 करोड़ रुपये और 2025-26 में बढ़कर 125.15 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, कंपनी के कर्ज में भी वृद्धि हुई। 2023-24 के अंत में कुल कर्ज 110.43 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में 125.36 करोड़ रुपये और 2025-26 में 162.59 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का नेटवर्थ भी 101.51 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 141.37 करोड़ रुपये और 2025-26 में 225.71 करोड़ रुपये हो गया। वहीं रिजर्व एवं सरप्लस 88.52 करोड़ रुपये से बढ़कर क्रमशः 128.18 करोड़ रुपये और 159.59 करोड़ रुपये रहा।
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