NSE IPO का आखिरी दिन, GMP ₹60 के नीचे, अब लिस्टिंग पर निवेशकों की नजर

खबर सार :-

NSE IPO के आखिरी दिन GMP घटकर ₹59 पर आ गया है। ₹22,561 करोड़ के OFS इश्यू में निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग पर रहेगी। कंपनी की आय और ट्रांजैक्शन चार्जेज में गिरावट भी अहम पहलू है।
₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर ₹22,561 करोड़ का इश्यू, कमजोर वित्तीय प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता

खबर विस्तार : -

NSE IPO Subscription: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की सब्सक्रिप्शन प्रक्रिया का सोमवार को आखिरी दिन है। हालांकि, इश्यू को लेकर ग्रे मार्केट में उत्साह लगातार कमजोर होता दिख रहा है। मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अब घटकर करीब 59 रुपये प्रति शेयर रह गया है। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 3.31 प्रतिशत का प्रीमियम है।

NSE के आईपीओ के प्राइस बैंड की घोषणा 11 सितंबर को हुई थी। उस समय ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम करीब 218 रुपये प्रति शेयर था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई। 17 सितंबर को आईपीओ खुलने के समय GMP करीब 142 रुपये प्रति शेयर यानी 7.96 प्रतिशत था। अब यह 60 रुपये के स्तर से भी नीचे आ गया है।

GMP क्या बताता है?

ग्रे मार्केट प्रीमियम किसी आईपीओ को लेकर अनौपचारिक बाजार में निवेशकों की धारणा का संकेत देता है। यह बताता है कि इश्यू प्राइस के मुकाबले अनौपचारिक बाजार में शेयर किस प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, GMP आधिकारिक बाजार संकेतक नहीं है और इसके आधार पर शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या लिस्टिंग पर मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं होती।

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22,561 करोड़ का पूरा IPO है OFS

NSE ने आईपीओ के लिए 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। अपर प्राइस बैंड के आधार पर इश्यू का आकार करीब 22,561.57 करोड़ रुपये है। आईपीओ में करीब 12.64 करोड़ शेयरों की पेशकश की जा रही है। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी आईपीओ के जरिए जुटाई जाने वाली रकम कंपनी को नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को उनके शेयर बेचने से प्राप्त होगी। इस लिहाज से यह आईपीओ कंपनी के लिए सीधे तौर पर नई पूंजी जुटाने वाला इश्यू नहीं है।

कमजोर वित्तीय प्रदर्शन पर भी नजर

आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में NSE की ऑपरेशंस से आय 16,601.31 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 17,140.67 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर आय में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। कंपनी की आय के प्रमुख स्रोतों में शामिल ट्रांजैक्शन चार्जेज में भी कमी देखने को मिली। समीक्षा अवधि में यह आय 13,635.76 करोड़ रुपये से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपये रह गई। यानी इसमें सालाना आधार पर करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई।

आखिरी दिन निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन पर

आईपीओ के अंतिम दिन निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के साथ-साथ ग्रे मार्केट प्रीमियम के रुख पर भी रहेगी। हालांकि, GMP अनौपचारिक संकेतक है और शेयर की वास्तविक बाजार कीमत का भरोसेमंद पूर्वानुमान नहीं माना जा सकता। NSE देश का प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज है और इसके आईपीओ को भारतीय पूंजी बाजार के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। ऐसे में निवेशक इश्यू की कीमत, कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और बाजार में संभावित प्रदर्शन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर नजर रख रहे हैं।

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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)...

1. NSE IPO का आखिरी दिन कब है?

NSE IPO की सब्सक्रिप्शन प्रक्रिया 21 सितंबर को समाप्त हो रही है।

2. NSE IPO का GMP कितना है?

मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब ₹59 प्रति शेयर है।

3. NSE IPO का प्राइस बैंड कितना है?

NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।

4. NSE IPO से जुटाई गई रकम कंपनी को मिलेगी?

नहीं। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली राशि मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।

 

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