अडानी ग्रीन एनर्जी का बड़ा कमाल: जून तिमाही में रिकॉर्ड 4,122 करोड़ रुपए EBITDA, 20 गीगावॉट क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार
खबर सार :-
अडानी ग्रीन एनर्जी ने पहली तिमाही में रिकॉर्ड एबिटडा, आय और क्षमता विस्तार के साथ यह संकेत दिया है कि कंपनी स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। बैटरी ऊर्जा भंडारण और बड़े पैमाने पर नई क्षमता जोड़ने की रणनीति उसे 2030 तक 50 गीगावॉट के लक्ष्य के करीब ले जा सकती है, जिससे भारत की हरित ऊर्जा यात्रा को भी मजबूती मिलेगी।
खबर विस्तार : -
Adani Green Energy Record EBITDA: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन दर्ज करते हुए अब तक का सबसे अधिक 4,122 करोड़ रुपए का EBITDA हासिल किया है। कंपनी ने बुधवार को जारी स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसकी ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 20,142 मेगावाट पहुंच गई है। यह उपलब्धि कंपनी की उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
कंपनी के अनुसार, जून तिमाही में बिजली आपूर्ति से प्राप्त आय 29 प्रतिशत बढ़कर 4,280 करोड़ रुपए हो गई। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आय 3,094 करोड़ रुपए थी। बढ़ती बिजली मांग, नई परियोजनाओं के संचालन में आने और उत्पादन क्षमता में वृद्धि ने इस प्रदर्शन को मजबूती दी।
बिजली आपूर्ति से अर्जित EBITDA 33 प्रतिशत बढ़ा
एजीईएल ने बताया कि बिजली आपूर्ति से अर्जित EBITDA भी सालाना आधार पर 33 प्रतिशत बढ़कर 4,122 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 2,944 करोड़ रुपए था। कंपनी का EBITDA मार्जिन 94 प्रतिशत रहा, जो ऊर्जा क्षेत्र में उसकी परिचालन दक्षता और लागत नियंत्रण की मजबूत रणनीति को दर्शाता है। इतना ऊंचा मार्जिन यह संकेत देता है कि कंपनी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लाभप्रदता बनाए रखने में भी सफल रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी का कैश प्रॉफिट भी 28 प्रतिशत बढ़कर 2,225 करोड़ रुपए हो गया। मजबूत नकदी प्रवाह भविष्य की परियोजनाओं में निवेश और विस्तार योजनाओं के लिए कंपनी की वित्तीय क्षमता को और मजबूत करता है।
1,972 मेगावाट की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली
कंपनी ने इस दौरान गुजरात के खावड़ा स्थित अपने महत्वाकांक्षी ऊर्जा पार्क में 1,972 मेगावाट की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) क्षमता स्थापित की। इसके साथ ही वहां कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 3,551 मेगावाट हो गई है। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया में एक ही स्थान पर विकसित की जा रही सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता को अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनाना है, ताकि बिजली आपूर्ति में उतार-चढ़ाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
अतिरिक्त बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता जोड़ने की दिशा में तेजी से काम
एजीईएल ने कहा कि वह वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 10,000 मेगावाट से अधिक अतिरिक्त बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। यह विस्तार योजना कंपनी के वर्ष 2030 तक 50,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के दीर्घकालिक लक्ष्य का अहम हिस्सा है। कंपनी का मानना है कि बैटरी स्टोरेज तकनीक भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और स्वच्छ ऊर्जा को अधिक प्रभावी बनाएगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आशीष खन्ना ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत कंपनी के लिए बेहद सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा कि अनुशासित क्रियान्वयन और तेज परियोजना विकास की बदौलत कंपनी ने 20 गीगावॉट परिचालन क्षमता का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। साथ ही बाजार में बिजली की बढ़ती मांग ने भी बेहतर प्रदर्शन में योगदान दिया।
नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों के लिए बड़े अवसर
आशीष खन्ना ने कहा कि भारत में बिजली की मांग में दोबारा तेजी आने के साथ कंपनी का लगातार बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो देश की स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को विश्वसनीय रूप से पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि एजीईएल ने परिचालन प्रदर्शन के मामले में उद्योग में अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखी है और भविष्य में भी क्षमता विस्तार तथा तकनीकी नवाचार के जरिए विकास की गति बनाए रखेगी। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बढ़ती बिजली मांग, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियां और ऊर्जा भंडारण तकनीक में निवेश आने वाले वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा करेंगे। ऐसे माहौल में अडानी ग्रीन एनर्जी का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और क्षमता विस्तार निवेशकों के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
भारत-न्यूजीलैंड FTA लागू, 20 अरब डॉलर निवेश का खुलेगा रास्ता
2026-10-19
-
मेटा पर सरकार सख्त, फेसबुक-इंस्टा के एल्गोरिद्म की होगी जांच
2026-10-19
-
निफ्टी का लक्ष्य घटा, दिसंबर तक 25,000 की उम्मीद; बढ़े जोखिम
2026-10-19
-
सोना ₹1.48 लाख के पार, चांदी भी चमकी; जानें आगे के संकेत
2026-10-19
-
DELHI में प्रदर्शनों के चलते माल डंप, व्यापारियों को 3,000 करोड़ का नुकसान
2026-10-17
-
Windfall Tax: सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर 5 गुना विंडफॉल टैक्स बढ़ाया
2026-10-16
-
Jio IPO: 21 अक्टूबर को खुलेगा इश्यू, RIL शेयरधारकों को बड़ा मौका
2026-10-15
-
वैश्विक गिरावट बेअसर! सेंसेक्स 570 अंक उछला, निफ्टी भी झूमा
2026-10-15
-
इंडिगो फ्लाइट में आग के बाद DGCA का बड़ा फैसला, पावरबैंक बैन
2026-10-14
-
महंगाई का डबल अटैक! थोक दर 11.39% पर, बाजार से रसोई तक मार
2026-10-14
-
त्योहारी सीजन में धनवर्षा जारी, 7 लाख करोड़ पार होगा कारोबार
2026-10-14
-
सेबी की राहत: मार्च 2027 तक IPO साइज में 50% बदलाव की छूट
2026-10-14
-
मोदी की कनाडा यात्रा से पहले भारत-कनाडा CEPA पर तेज हुई वार्ता
2026-10-14
-
आईटी शेयरों के दम पर सेंसेक्स चढ़ा, निफ्टी में मामूली गिरावट
2026-10-14
-
आईबीएम-एमईआईटीवाई की डील, डीप-टेक स्टार्टअप्स को मिलेगी उड़ान
2026-10-13