एनएसई की लिस्टिंग पर बीएसई सीईओ का बड़ा बयान, अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग नहीं होगी संभव
खबर सार :-
एनएसई की संभावित लिस्टिंग को लेकर बीएसई सीईओ सुंदररमन राममूर्ति के बयान ने सेल्फ-ट्रेडिंग की अटकलों को झटका दिया है। मौजूदा नियमों के तहत एनएसई का अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होना संभव नहीं बताया गया है। एनएसई ने अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने से भी इनकार किया है। दूसरी ओर, बीएसई और एनएसई दोनों के डेरिवेटिव्स टर्नओवर में अगस्त में गिरावट बाजार की चुनौतियों को दिखाती है।
खबर विस्तार : -
BSE CEO Statement: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ और लिस्टिंग को लेकर बाजार में चल रही अटकलों के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदररमन राममूर्ति ने अहम स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत एनएसई का शेयर अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं हो सकता। यह जानकारी सीएनबीसी-टीवी18 की एक रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।
राममूर्ति के मुताबिक, एनएसई ने बीएसई को स्पष्ट किया है कि वह सेल्फ-ट्रेडिंग की अनुमति लेने के लिए अपने ऑफर डॉक्यूमेंट में कोई अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने की योजना नहीं बना रहा है। ऐसे में उन मीडिया रिपोर्टों पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनमें दावा किया गया था कि एनएसई बीएसई पर लिस्ट होने के बाद अपने ही एक्सचेंज पर शेयरों की ट्रेडिंग कर सकता है।
बीएसई की कंप्लायंस टीम ने एनएसई से मांगी थी जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार, बीएसई की कंप्लायंस टीम ने एनएसई से यह पता किया था कि क्या वह सेल्फ-ट्रेडिंग की अनुमति हासिल करने के लिए कोई कदम उठा रहा है। साथ ही यह भी पूछा गया था कि क्या इस संबंध में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में कोई अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल किया जाएगा। राममूर्ति ने बताया कि एनएसई की ओर से जवाब दिया गया कि सेल्फ-ट्रेडिंग को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टें अटकलों पर आधारित और बेबुनियाद थीं। एक्सचेंज ने इस मामले में कोई नया अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने की योजना से भी इनकार किया है।
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2017 में बीएसई को भी नहीं मिली थी ऐसी अनुमति
बीएसई सीईओ ने इस मामले में अपने एक्सचेंज के पुराने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीएसई ने वर्ष 2017 में अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेडिंग की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली थी। इसलिए मौजूदा नियमों को देखते हुए एनएसई के अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट या ट्रेड होने को लेकर उठ रहे सवाल महत्वपूर्ण हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब एनएसई की संभावित लिस्टिंग को लेकर बाजार में लगातार चर्चा बनी हुई है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि एक्सचेंज की लिस्टिंग किस प्लेटफॉर्म पर और किन नियामकीय शर्तों के तहत आगे बढ़ती है।
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में लिक्विडिटी की चुनौती
राममूर्ति ने हाल ही में शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम की सफलता के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी बेहद जरूरी है। लिक्विडिटी की कमी के कारण सीएएस में भागीदारी कम रही है। इसके साथ ही इंडेक्स वॉल्यूम में भी गिरावट देखने को मिली है। बाजार में ट्रेडिंग गतिविधियों के आंकड़े भी दोनों प्रमुख एक्सचेंजों के बीच बदलते प्रतिस्पर्धी परिदृश्य की ओर इशारा कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में एनएसई का मंथली इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर घटकर 34.48 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह नवंबर 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर बताया गया है। दूसरी ओर, अगस्त में बीएसई का इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर 32.2 लाख करोड़ रुपये रहा। यह जून 2025 के बाद का सबसे कम स्तर है। दोनों एक्सचेंजों के आंकड़े बताते हैं कि डेरिवेटिव्स कारोबार में हालिया महीनों के दौरान गतिविधियों पर दबाव देखा गया है।
एनएसई की लिस्टिंग पर निगाहें
एनएसई की प्रस्तावित लिस्टिंग भारतीय पूंजी बाजार के लिए महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल होगी। ऐसे में सेल्फ-ट्रेडिंग और एक्सचेंज पर लिस्टिंग से जुड़े नियामकीय प्रावधानों की स्पष्टता निवेशकों और बाजार प्रतिभागियों के लिए अहम है। बीएसई सीईओ का ताजा बयान इन अटकलों पर फिलहाल विराम लगाता है कि एनएसई अपने ही प्लेटफॉर्म पर सीधे ट्रेडिंग शुरू कर सकता है।
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