एफआईआई बिकवाली और ऊंची बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई चिंता, मेटल-एफएमसीजी शेयरों ने संभाला मोर्चा
खबर सार :-
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दबाव में हुई। सेंसेक्स 76,900 और निफ्टी 24,000 के आसपास टिके रहे। एफएमसीजी और मेटल शेयरों ने बाजार को संभाला, लेकिन ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और एफआईआई की बिकवाली निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है और निफ्टी 23,000-25,000 की रेंज में रह सकता है।
खबर विस्तार : -
Stock Market Updates: कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को सपाट से कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 25 अंक फिसलकर 76,920 के आसपास और निफ्टी 29 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,037 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
मेटल और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी
शुरुआती कारोबार में बाजार को एफएमसीजी, कंजप्शन और मेटल शेयरों से कुछ सहारा मिला। निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी शुरुआती दौर में प्रमुख बढ़त वाले सेक्टर रहे। इसके अलावा निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी ऑटो भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक में दबाव देखने को मिला। मिडकैप शेयरों में अपेक्षाकृत ज्यादा कमजोरी रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 20 अंक या 0.11 प्रतिशत गिरकर 19,910 पर था, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 करीब 545 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63,666 पर कारोबार कर रहा था।
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सेंसेक्स के इन शेयरों में रही तेजी
सेंसेक्स पैक में आईटीसी, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एमएंडएम, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट्स शुरुआती बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके उलट इंडिगो, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, इटरनल, टीसीएस, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, बीईएल, मारुति सुजुकी, एलएंडटी, एचयूएल, एनटीपीसी और टाइटन पर बिकवाली का दबाव रहा।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
भारतीय बाजार की शुरुआत ऐसे समय हुई जब ज्यादातर प्रमुख एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के बाजारों में कमजोरी रही, जबकि जकार्ता बढ़त में था। इससे घरेलू बाजार के सेंटीमेंट पर भी दबाव बना। अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में कमजोर बंद हुए। डॉव जोन्स में 0.70 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि नैस्डैक 0.12 प्रतिशत कमजोर रहा। वैश्विक निवेशकों के बीच ऊंची ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंता बनी हुई है।
बॉन्ड यील्ड और एफआईआई बिकवाली बनी चुनौती
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी इक्विटी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत हैं। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 4.77 प्रतिशत और 30-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 5.24 प्रतिशत के स्तर पर है। ऊंची यील्ड के कारण निवेशकों के लिए सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड आकर्षक हो रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली ने भी चिंता बढ़ाई है। पिछले दो कारोबारी दिनों में एफआईआई ने कैश मार्केट में 13,025 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक दबाव और विदेशी पूंजी की निकासी के बीच निफ्टी के फिलहाल 23,000 से 25,000 की व्यापक रेंज में कारोबार करने की संभावना है।
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