HDFC Bank में CEO की कुर्सी की रेस तेज, कैजाद भरूचा सबसे आगे, RBI की मंजूरी पर टिकी नजर

खबर सार :-

HDFC Bank में अगले CEO की रेस में कैजाद भरूचा की दावेदारी फिलहाल मजबूत दिखाई दे रही है। बैंक के संचालन और रणनीति का उनका अनुभव उनके पक्ष में है, लेकिन 15 साल की निदेशक सेवा सीमा बड़ी चुनौती बन सकती है। अक्टूबर 2026 के बाद उत्तराधिकार प्रक्रिया में अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। अंतिम फैसला RBI की मंजूरी और बैंक की चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
HDFC Bank CEO रेस में कैजाद भरूचा सबसे आगे, संभालेंगे कमान?

खबर विस्तार : -

HDFC Bank CEO: देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank में अगले एमडी एवं सीईओ को लेकर हलचल तेज हो गई है। मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन के अक्टूबर 2026 में कार्यकाल पूरा होने के बाद बैंक को नई कमान सौंपनी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस रेस में बैंक के मौजूदा उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर उभर रहे हैं। हालांकि, उनकी नियुक्ति के रास्ते में एक अहम नियामकीय पेंच भी है।

RBI को भेजे जाएंगे संभावित नाम

एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शशिधर जगदीशन के कार्यकाल की समाप्ति के बाद HDFC Bank संभावित उत्तराधिकारियों के नाम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भेज सकता है। इस सूची में कैजाद भरूचा का नाम प्राथमिकता में सबसे ऊपर रहने की संभावना जताई गई है। निजी क्षेत्र के बैंकों के लिए सीईओ नियुक्ति प्रक्रिया में RBI की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। बैंक को संभावित उम्मीदवारों के नाम वरीयता क्रम में केंद्रीय बैंक के समक्ष रखने होते हैं। अंतिम नियुक्ति RBI की मंजूरी के बाद ही संभव होती है। ऐसे में भरूचा की दावेदारी मजबूत होने के बावजूद अंतिम फैसला नियामकीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

कौन हैं कैजाद भरूचा?

कैजाद भरूचा HDFC Bank के वरिष्ठतम अधिकारियों में शामिल हैं। वह जून 2014 से बैंक के निदेशक मंडल का हिस्सा हैं और फिलहाल उप प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। बैंक के संचालन, जोखिम प्रबंधन और कारोबारी रणनीति से जुड़े अहम क्षेत्रों में उनकी भूमिका रही है। यही अनुभव उन्हें बैंक के भीतर से आने वाले संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर मजबूत बनाता है। बड़े और जटिल बैंकिंग कारोबार को समझने के साथ-साथ संगठन की मौजूदा रणनीति से उनकी परिचितता भी उनके पक्ष में जा सकती है।

भरूचा के सामने 15 साल की सेवा सीमा की चुनौती

हालांकि, कैजाद भरूचा की संभावित नियुक्ति के साथ एक नियामकीय सवाल भी जुड़ा है। नियमों के मुताबिक, किसी पूर्णकालिक निदेशक की लगातार सेवा अवधि 15 साल तक सीमित होती है। भरूचा जून 2014 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे। इस हिसाब से जून 2029 में उनकी 15 साल की सीमा पूरी हो जाएगी। अगर उन्हें अक्टूबर 2026 में एमडी एवं सीईओ नियुक्त किया जाता है, तो सामान्य स्थिति में उनका संभावित कार्यकाल तीन साल से भी कम रह सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, विशेष अनुमति मिलने की स्थिति में यह अवधि आगे बढ़ सकती है, लेकिन फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक संकेत सामने नहीं आया है।

सिर्फ भरूचा नहीं, दूसरे नामों पर भी नजर

HDFC Bank की उत्तराधिकार प्रक्रिया में अन्य उम्मीदवारों पर भी विचार किया जा सकता है। RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंक की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति को मौजूदा सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से कम से कम छह महीने पहले उत्तराधिकार प्रक्रिया शुरू करनी होती है। इस प्रक्रिया में केवल आंतरिक उम्मीदवारों को ही नहीं, बल्कि बाहरी प्रतिभाओं को भी शामिल किया जाता है। इसलिए भरूचा फिलहाल मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन अंतिम सूची में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों या बाहरी उम्मीदवारों के नाम भी शामिल हो सकते हैं।

आदित्य पुरी के बाद भी दिखी थी ऐसी तस्वीर

HDFC Bank में नेतृत्व परिवर्तन का इतिहास भी इस घटनाक्रम को दिलचस्प बनाता है। वर्ष 2020 में लंबे समय तक बैंक का नेतृत्व करने वाले आदित्य पुरी के रिटायरमेंट के बाद शशिधर जगदीशन उत्तराधिकार की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार बनकर सामने आए थे। बाद में उन्हें बैंक का एमडी एवं सीईओ नियुक्त किया गया। अब बैंक एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर रहा है। खास बात यह है कि HDFC Ltd के साथ ऐतिहासिक विलय के बाद बैंक का कारोबार पहले की तुलना में कहीं अधिक बड़ा और जटिल हो चुका है। ऐसे समय में नए सीईओ की नियुक्ति केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि बैंक की अगली विकास रणनीति का आधार भी बनेगी।

नए CEO के सामने होगी बड़ी जिम्मेदारी

अगले सीईओ के सामने बैंक के विस्तारित कारोबार को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने, विलय के बाद एकीकरण को मजबूत करने और विकास की गति बनाए रखने जैसी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। साथ ही निवेशकों और बाजार की उम्मीदों पर खरा उतरना भी महत्वपूर्ण होगा। इसलिए कैजाद भरूचा की संभावित दावेदारी पर बाजार की नजर बनी रह सकती है। हालांकि, अभी इसे आधिकारिक नियुक्ति नहीं माना जा सकता। बैंक की ओर से संभावित नाम और RBI की मंजूरी सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)...

1. HDFC Bank के अगले CEO की रेस में कौन सबसे आगे हैं?

डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा प्रमुख संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। हालांकि बैंक बाहरी उम्मीदवारों पर भी विचार कर रहा है।

2. शशिधर जगदीशन कब HDFC Bank CEO पद से हटेंगे?

शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर 2026 को अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने पर बैंक से रिटायर होंगे और उन्होंने पुनर्नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है।

3. क्या कैजाद भरूचा की नियुक्ति तय हो गई है?

नहीं। भरूचा की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन अंतिम नियुक्ति अभी तय नहीं हुई है। HDFC Bank को संभावित नामों पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी और नियुक्ति के लिए RBI की मंजूरी जरूरी होगी।

4. कैजाद भरूचा को मजबूत दावेदार क्यों माना जा रहा है?

भरूचा लंबे समय से HDFC Bank से जुड़े हैं। वह 1995 में बैंक से जुड़े थे, 2014 में बोर्ड में शामिल हुए और अप्रैल 2023 से डिप्टी एमडी हैं। बैंक के क्रेडिट और रिस्क फ्रेमवर्क में भी उनकी अहम भूमिका रही है।

 

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