प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा कदम, 35 रुपये किलो में शुरू हुई खुदरा बिक्री

खबर सार :-

बढ़ती प्याज कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण भंडार से 35 रुपये किलो की दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की है। दिल्ली में मोबाइल वैन और बिक्री केंद्रों से प्याज मिलेगा।
सरकार ने साफ की स्थिति, प्याज की उपलब्धता पर दी जानकारी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण भंडार से प्याज की खुदरा बिक्री शुरू कर दी है। इसके तहत शुरुआती चरण में उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बाजार में बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखना और आम लोगों को सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराना है।

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने गुरुवार को कृषि भवन से प्याज वितरण अभियान को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की। सरकार की ओर से प्याज की बिक्री नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (एनसीसीएफ), नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नाफेड), केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के माध्यम से की जा रही है।

उत्पादन में कमी नहीं: निधि खरे

अभियान की शुरुआत के मौके पर उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि देश में प्याज के उत्पादन या उपलब्धता की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि यदि प्याज की कीमतों में तेजी आती है तो खुदरा बाजार में हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं को राहत दी जा सके। निधि खरे के मुताबिक, इस वर्ष प्याज का निर्यात भी पिछले साल के लगभग समान स्तर पर है। ऐसे में सरकार का मानना है कि बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए समय-समय पर जरूरी हस्तक्षेप किया जा सकता है। मूल्य स्थिरीकरण भंडार से प्याज की बिक्री भी इसी रणनीति का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर जरूरी खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराना है। बाजार में कीमतों में अचानक बढ़ोतरी होने की स्थिति में सरकारी भंडार का इस्तेमाल कर खुदरा हस्तक्षेप किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं पर बढ़ी कीमतों का असर कम किया जा सके।

दिल्ली में 40 स्थानों पर मोबाइल वैन

नाफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली में 40 स्थानों पर मोबाइल वैन के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की बिक्री शुरू कर दी गई है। इसके अलावा नाफेड और एनसीसीएफ के स्टोरों के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सरकारी बिक्री नेटवर्क को व्यापक बनाने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और संगठित खुदरा श्रृंखलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। इससे उन उपभोक्ताओं तक भी रियायती दर पर प्याज पहुंचाने में मदद मिलेगी, जो मोबाइल वैन या सरकारी बिक्री केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते हैं।

पीडीएस दुकानों से बिक्री की तैयारी

दीपक अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस की दुकानों के माध्यम से भी प्याज उपलब्ध कराने को लेकर बातचीत चल रही है। यदि इस प्रस्ताव को लागू किया जाता है तो बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज खरीदने का अवसर मिल सकता है। पीडीएस नेटवर्क के जरिए प्याज की बिक्री शुरू होने से सरकारी खुदरा हस्तक्षेप का दायरा और बढ़ सकता है। इससे विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां प्याज की खुदरा कीमतें अधिक हैं।

एनसीसीएफ के स्टोरों पर भी बिक्री

एनसीसीएफ की प्रबंध निदेशक एनिस जोसेफ चंद्रा ने बताया कि कृषि भवन से अभियान शुरू होने के साथ ही संगठन के खुदरा बिक्री केंद्रों पर प्याज की बिक्री भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एनसीसीएफ के विभिन्न बिक्री केंद्रों पर उपभोक्ता 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज खरीद सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से मेट्रो स्टेशनों के आसपास स्थित बिक्री केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थानों पर उपभोक्ताओं के लिए प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में बिक्री नेटवर्क का और विस्तार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक रियायती दर पर प्याज पहुंचाया जा सके।

कीमतों पर नियंत्रण की कोशिश

प्याज की कीमतों में तेजी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ता है। भारतीय रसोई में प्याज का नियमित इस्तेमाल होने के कारण इसकी कीमतों में बढ़ोतरी खाद्य महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा मूल्य स्थिरीकरण भंडार से प्याज की खुदरा बिक्री शुरू करना कीमतों को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है और उत्पादन में कोई बड़ी कमी नहीं है। इसके बावजूद यदि किसी क्षेत्र में कीमतों में असामान्य वृद्धि होती है तो सरकारी एजेंसियों के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप किया जाएगा।

फिलहाल दिल्ली में मोबाइल वैन, नाफेड और एनसीसीएफ के बिक्री केंद्रों तथा अन्य माध्यमों से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार आने वाले दिनों में बिक्री नेटवर्क का विस्तार करने की तैयारी में है। इससे उम्मीद है कि अधिक उपभोक्ताओं तक सस्ती दर पर प्याज पहुंचाया जा सकेगा और बाजार में बढ़ती कीमतों के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

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